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Mahoba News: एक जिला एक व्यंजन योजना से स्थानीय स्वाद को मिलेगी पहचान
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Mon, 02 Feb 2026 12:21 AM IST
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महोबा। एक जनपद एक उत्पाद की तर्ज पर जनपद में ओडीओसी (एक जिला एक व्यंजन) में शामिल किए जाने को लेकर खाका तैयार कर लिया गया है। मोटे अनाज से बनने वाले व्यंजन, महोबा के पान और मूंगफली से तैयार होने से प्रोडक्ट की सूची तैयार कर शासन को भेज दी गई है। शासन की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद ओडीओसी योजना को धरातल पर शुरू किया जाएगा। इससे स्थानीय व्यंजन को बढ़ावा मिलेगा।
शासन की ओर से वन डिस्ट्रिक वन प्रोडक्ट की थीम पर एक जिला एक व्यंजन का प्रावधान करते हुए निर्देश जारी किए हैं। महोबा में व्यापक पैमाने पर मोटे अनाज की खेती होती है व इससे बने व्यंजन काफी पंसद किए जाते हैं। इसके अलावा महोबा का देशावरी पान देश-विदेश में प्रसिद्ध है। इसके अलावा जनपद में मूंगफली की खेती का दायरा प्रतिवर्ष बढ़ रहा है। शहर में मूंगफली प्रोसेसिंग की कई यूनिटें स्थापित हैं। ऐसे में इन तीनों की सूची तैयार कर शासन को भेजी गई है। इनमें किसी एक को ओडीओसी में शामिल किया जाएगा। इसके लिए शासन की स्वीकृति का इंतजार है। शासन की ओर से इसे मंजूरी देकर सूक्ष्म एवं लघु उद्योग में समाहित करते हुए उक्त व्यंजन को जीआई टैग, एफएसएसएआई प्रमाणीकरण, विपणन, पैकेजिंग के साथ बिक्री को बढ़ावा दिया जाएगा। इसमें ई-कामर्स कंपनियों को भी शासन की तरफ से जोड़ने की व्यवस्था की जाएगी। जिससे कि ओडीओसी के तहत चयनित व्यंजन की पहचान राज्य स्तर पर स्थापित की जा सके।
उधर, उपायुक्त उद्योग महेशचंद्र सरोज का कहना है कि विशेष स्थानीय व्यंजनों की सूची तैयार की है। स्वीकृति मिलने के बाद ओडीओसी योजना का क्रियान्वयन शुरू किया जाएगा।
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शासन की ओर से वन डिस्ट्रिक वन प्रोडक्ट की थीम पर एक जिला एक व्यंजन का प्रावधान करते हुए निर्देश जारी किए हैं। महोबा में व्यापक पैमाने पर मोटे अनाज की खेती होती है व इससे बने व्यंजन काफी पंसद किए जाते हैं। इसके अलावा महोबा का देशावरी पान देश-विदेश में प्रसिद्ध है। इसके अलावा जनपद में मूंगफली की खेती का दायरा प्रतिवर्ष बढ़ रहा है। शहर में मूंगफली प्रोसेसिंग की कई यूनिटें स्थापित हैं। ऐसे में इन तीनों की सूची तैयार कर शासन को भेजी गई है। इनमें किसी एक को ओडीओसी में शामिल किया जाएगा। इसके लिए शासन की स्वीकृति का इंतजार है। शासन की ओर से इसे मंजूरी देकर सूक्ष्म एवं लघु उद्योग में समाहित करते हुए उक्त व्यंजन को जीआई टैग, एफएसएसएआई प्रमाणीकरण, विपणन, पैकेजिंग के साथ बिक्री को बढ़ावा दिया जाएगा। इसमें ई-कामर्स कंपनियों को भी शासन की तरफ से जोड़ने की व्यवस्था की जाएगी। जिससे कि ओडीओसी के तहत चयनित व्यंजन की पहचान राज्य स्तर पर स्थापित की जा सके।
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उधर, उपायुक्त उद्योग महेशचंद्र सरोज का कहना है कि विशेष स्थानीय व्यंजनों की सूची तैयार की है। स्वीकृति मिलने के बाद ओडीओसी योजना का क्रियान्वयन शुरू किया जाएगा।
