{"_id":"6988dba9b9bac250e9070e3d","slug":"maths-and-english-subjects-stumped-ctet-aspirants-mainpuri-news-c-174-1-sagr1037-153737-2026-02-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mainpuri News: गणित और अंग्रेजी विषय ने सीटीईटी के परीक्षार्थियों को छकाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mainpuri News: गणित और अंग्रेजी विषय ने सीटीईटी के परीक्षार्थियों को छकाया
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
Updated Mon, 09 Feb 2026 12:23 AM IST
विज्ञापन
फोटो 37 शहर के एक परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थियों की तलाश लेते शिक्षक। संवाद
विज्ञापन
मैनपुरी। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से आयोजित सीटीईटी परीक्षा का रविवार को समापन हो गया। दूसरे दिन जिले में शांतिपूर्ण ढंग से परीक्षा कराई गई। परीक्षा देकर बाहर निकले परीक्षार्थियों ने बताया कि गणित और अंग्रेजी के प्रश्न कठिन रहे।
रविवार को प्रथम पाली में पंजीकृत 9780 में से 8753 अभ्यर्थी उपस्थित हुए जबकि 1027 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। द्वितीय पाली में पंजीकृत 9202 में से 8475 अभ्यर्थी उपस्थित हुए जबकि 727 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा देने वालों में अधिकतर बेसिक स्कूलों के शिक्षक थे। जो सरकार के टीईटी की अनिवार्यता के निर्णय से आहत दिखे। सिटी कोऑर्डिनेटर डॉ. राम मोहन ने सभी परीक्षा केंद्रों का व्यक्तिगत रूप से भ्रमण कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। परीक्षा अवधि के दौरान जिला प्रशासन द्वारा व्यापक एवं सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई थी। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर एक सब-इंस्पेक्टर, एक हेड कांस्टेबल एवं पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती रही। शांतिपूर्ण परीक्षा संपन्न होने से जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली। परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थियों ने बताया कि गणित और अंग्रेजी के प्रश्न कठिन रहे।
प्रश्नपत्र अधिक कठिन नहीं था, लेकिन इस उम्र में किसी परीक्षा को देना आसान काम नहीं है। सरकार ने टेट की अनिवार्यता कर बेवजह का मानसिक बोझ बढ़ाया है। - प्रदीप कुमार, शिक्षक
बेसिक शिक्षा विभाग में वर्षों से नौकरी कर रहा हूं। अब सरकार ने टेट की अनिवार्यता का बोझ लाद दिया है जिसके चलते ये परीक्षा देनी पड़ी है। प्रश्नपत्र उम्र के हिसाब से कुछ कठिन था। - अरुण कुमार, शिक्षक
पढ़ाई की एक उम्र होती है। सरकार ने इस उम्र में टेट की अनिवार्यता का जो बोझ लादा है। वह किसी प्रकार से उचित नहीं है। प्रश्नपत्र थोड़ा सा जटिल जरूर था, लेकिन पास होने की उम्मीद है। - अमरपाल सिंह, शिक्षक
गणित और अंग्रेजी के प्रश्न कठिन थे जिनका जवाब देने में समय लगा। प्रश्नपत्र उम्मीद से थोड़ा कठिन था। फिर भी उम्मीद है कि 90 से अधिक अंक प्राप्त हो जाएंगे। - दीपेश कुमार, अभ्यर्थी
पिता ने संभाली बच्चों की जिम्मेदारी
सीटेट की परीक्षा देने आए अभ्यर्थी जहां परीक्षा केंद्र में थे, वहीं उनके पति बच्चों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। बेवर के अरविंद अपनी पत्नी अमरेश को परीक्षा दिलाने आए थे, इस दौरान वह अपने बच्चे को संभालते हुए दिखाई दिए। इसके अलावा अन्य लोग भी अपने बच्चों के साथ परीक्षा देने आए।
Trending Videos
रविवार को प्रथम पाली में पंजीकृत 9780 में से 8753 अभ्यर्थी उपस्थित हुए जबकि 1027 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। द्वितीय पाली में पंजीकृत 9202 में से 8475 अभ्यर्थी उपस्थित हुए जबकि 727 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा देने वालों में अधिकतर बेसिक स्कूलों के शिक्षक थे। जो सरकार के टीईटी की अनिवार्यता के निर्णय से आहत दिखे। सिटी कोऑर्डिनेटर डॉ. राम मोहन ने सभी परीक्षा केंद्रों का व्यक्तिगत रूप से भ्रमण कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। परीक्षा अवधि के दौरान जिला प्रशासन द्वारा व्यापक एवं सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई थी। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर एक सब-इंस्पेक्टर, एक हेड कांस्टेबल एवं पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती रही। शांतिपूर्ण परीक्षा संपन्न होने से जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली। परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थियों ने बताया कि गणित और अंग्रेजी के प्रश्न कठिन रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रश्नपत्र अधिक कठिन नहीं था, लेकिन इस उम्र में किसी परीक्षा को देना आसान काम नहीं है। सरकार ने टेट की अनिवार्यता कर बेवजह का मानसिक बोझ बढ़ाया है। - प्रदीप कुमार, शिक्षक
बेसिक शिक्षा विभाग में वर्षों से नौकरी कर रहा हूं। अब सरकार ने टेट की अनिवार्यता का बोझ लाद दिया है जिसके चलते ये परीक्षा देनी पड़ी है। प्रश्नपत्र उम्र के हिसाब से कुछ कठिन था। - अरुण कुमार, शिक्षक
पढ़ाई की एक उम्र होती है। सरकार ने इस उम्र में टेट की अनिवार्यता का जो बोझ लादा है। वह किसी प्रकार से उचित नहीं है। प्रश्नपत्र थोड़ा सा जटिल जरूर था, लेकिन पास होने की उम्मीद है। - अमरपाल सिंह, शिक्षक
गणित और अंग्रेजी के प्रश्न कठिन थे जिनका जवाब देने में समय लगा। प्रश्नपत्र उम्मीद से थोड़ा कठिन था। फिर भी उम्मीद है कि 90 से अधिक अंक प्राप्त हो जाएंगे। - दीपेश कुमार, अभ्यर्थी
पिता ने संभाली बच्चों की जिम्मेदारी
सीटेट की परीक्षा देने आए अभ्यर्थी जहां परीक्षा केंद्र में थे, वहीं उनके पति बच्चों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। बेवर के अरविंद अपनी पत्नी अमरेश को परीक्षा दिलाने आए थे, इस दौरान वह अपने बच्चे को संभालते हुए दिखाई दिए। इसके अलावा अन्य लोग भी अपने बच्चों के साथ परीक्षा देने आए।