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Mathura News: एसी का किराया, यात्री गर्मी में बहा रहे पसीना
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वृंदावन। नगर विकास विभाग द्वारा संचालित ई-सिटी बसें देखरेख के अभाव में खराब होने लगी हैं। नगर के साथ ही बरसाना एवं गोवर्धन तक दौड़ रहीं कई बसों के एसी नहीं चल रहे हैं। यात्री एसी न चलने पर चालक एवं परिचालक से वाद-विवाद कर रहे हैं। वहीं कई बसें बैटरी खराब होने से खड़ी हुई हैं। कई की हालत खराब है जबकि विभाग यात्रियों से किराया पूरा वसूल रहा है।
वर्ष 2022 में 24 फरवरी से शुरू की गई सिटी बस सेवा के तहत मथुरा को 50 ई-बसें मिली थीं। इनमें से 18 की चाइना मेड बैटरी खराब होने के कारण वह लंबे समय से चार्जिंग स्टेशन पर खड़ी हैं। कई बसों में एसी नहीं चल रहे हैं। इनमें तीन बसें लंबी दूरी तय कर वृंदावन से बरसाना तक चल रही हैं जबकि दो बसें मथुरा जंक्शन एवं श्रीकृष्ण जन्मभूमि के बीच चलती हैं। गर्मी में एसी न चलने और बसों की खिड़कियां न खुलने के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पिछले कई दिनों से यात्रियों और चालक-परिचालक के बीच वाद-विवाद के साथ झगड़े तक हो रहे हैं। परिचालकों ने इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की है।
जर्जर हो रहीं बसें
सफाई व सर्विसिंग के अभाव में अधिकांश ई बसों की बॉडी जगह-जगह से टूटने लगी हैं। कई चालकों ने आगे डंफर को रस्सी से बांध रखा है। कई बसें रास्ते में ही खराब हो जाती हैं। बस इलेक्टि्रक होने के कारण पहिये जाम हो जाने पर उन्हें खींचकर भी नहीं लाया जा सकता। इस कारण कई बार तो इनके घंटों मार्ग पर खड़े रहने से जाम तक लग चुके हैं। चालकों ने बताया कि सर्विस नहीं होने से आए दिन बसें खराब हो जाती हैं। 50 ई-बसें 29 सीटर हैं। इनमें दो सीटें दिव्यांगों के लिए आरक्षित हैं। मोबाइल चार्ज करने के प्वाइंट लगे हैं। सुरक्षा की दृष्टि से चार कैमरे लगे हैं। प्रदूषण रहित वातानुकूलित बस की 120 किमी तक दौड़ने की क्षमता है।
पानी खारा, गल गई एसी की कॉयल
बस संचालक कंपनी पीएमआइ के एआरएम राधाकृष्ण का कहना है कि चार साल में 11 बसों की बैटरी खराब हो गई हैं। कुछ बसों में अन्य तकनीकि खराबी हैं। मथुरा का पानी खारा होने के कारण एसी में लगी कॉयल गलने से कुछ बसों का एसी खराब है। जो बसें संचालित की जा रही हैं, उनके एसी चल रहे हैं। उन्हें चार्जिंग स्टेशन से सुपरवाइजर द्वारा चैक करने के बाद ही बाहर निकाला जाता है। चाइना से बैटरी और कॉयल मंगाई गई हैं। सामान आ जाने पर बसों की मरम्मत कर उन्हें भी चलाया जाएगा।
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वर्ष 2022 में 24 फरवरी से शुरू की गई सिटी बस सेवा के तहत मथुरा को 50 ई-बसें मिली थीं। इनमें से 18 की चाइना मेड बैटरी खराब होने के कारण वह लंबे समय से चार्जिंग स्टेशन पर खड़ी हैं। कई बसों में एसी नहीं चल रहे हैं। इनमें तीन बसें लंबी दूरी तय कर वृंदावन से बरसाना तक चल रही हैं जबकि दो बसें मथुरा जंक्शन एवं श्रीकृष्ण जन्मभूमि के बीच चलती हैं। गर्मी में एसी न चलने और बसों की खिड़कियां न खुलने के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पिछले कई दिनों से यात्रियों और चालक-परिचालक के बीच वाद-विवाद के साथ झगड़े तक हो रहे हैं। परिचालकों ने इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की है।
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जर्जर हो रहीं बसें
सफाई व सर्विसिंग के अभाव में अधिकांश ई बसों की बॉडी जगह-जगह से टूटने लगी हैं। कई चालकों ने आगे डंफर को रस्सी से बांध रखा है। कई बसें रास्ते में ही खराब हो जाती हैं। बस इलेक्टि्रक होने के कारण पहिये जाम हो जाने पर उन्हें खींचकर भी नहीं लाया जा सकता। इस कारण कई बार तो इनके घंटों मार्ग पर खड़े रहने से जाम तक लग चुके हैं। चालकों ने बताया कि सर्विस नहीं होने से आए दिन बसें खराब हो जाती हैं। 50 ई-बसें 29 सीटर हैं। इनमें दो सीटें दिव्यांगों के लिए आरक्षित हैं। मोबाइल चार्ज करने के प्वाइंट लगे हैं। सुरक्षा की दृष्टि से चार कैमरे लगे हैं। प्रदूषण रहित वातानुकूलित बस की 120 किमी तक दौड़ने की क्षमता है।
पानी खारा, गल गई एसी की कॉयल
बस संचालक कंपनी पीएमआइ के एआरएम राधाकृष्ण का कहना है कि चार साल में 11 बसों की बैटरी खराब हो गई हैं। कुछ बसों में अन्य तकनीकि खराबी हैं। मथुरा का पानी खारा होने के कारण एसी में लगी कॉयल गलने से कुछ बसों का एसी खराब है। जो बसें संचालित की जा रही हैं, उनके एसी चल रहे हैं। उन्हें चार्जिंग स्टेशन से सुपरवाइजर द्वारा चैक करने के बाद ही बाहर निकाला जाता है। चाइना से बैटरी और कॉयल मंगाई गई हैं। सामान आ जाने पर बसों की मरम्मत कर उन्हें भी चलाया जाएगा।