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Mathura News: गोपी स्वरूप में विराजे हैं यहां भोलेनाथ
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वृंदावन। ठा. श्रीबांकेबिहारी की नगरी में सावन के पहले सोमवार को शिवभक्ति का ज्वार उमड़ेगा। प्राचीन गोपेश्वर महादेव मंदिर में सुबह आरती से लेकर देररात तक श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगेंगी। ब्रज के अलावा दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड आदि राज्यों से हजारों श्रद्धालु जलाभिषेक और रुद्राभिषेक के लिए वृंदावन पहुंचेंगे। मंदिर परिसर में पूरे दिन हर-हर महादेव, बम-बम भोले की गूंज रहेगी।
मंदिर के सेवायत राहुल गोस्वामी कान्हा ने बताया कि भगवान शिव, श्रीकृष्ण की महारास लीला के दर्शन करना चाहते थे लेकिन इसमें केवल गोपियों को ही प्रवेश की अनुमति थी। ऐसे में भगवान शिव ने गोपी का रूप धारण किया तभी उन्हें महारास में प्रवेश मिला। बाद में श्रीकृष्ण ने उन्हें गोपेश्वर महादेव के नाम से ब्रज में प्रतिष्ठित किया। इसी परंपरा का निर्वहन करते हुए आज यहां भगवान शिव का गोपी स्वरूप में शृंगार कर रंग-बिरंगी चुनरी, आभूषण, पुष्पमालाएं और शृंगार सामग्री अर्पित की जाएंगी। मंदिर को आकर्षक फूलों और विद्युत सज्जा से सजाया जाएगा। सुबह पंचामृत महाभिषेक होगा। इसके बाद रुद्राभिषेक, शिव महिम्न स्तोत्र, रुद्राष्टाध्यायी पाठ, भजन-कीर्तन और महाआरती का आयोजन होगा।
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मंदिर के सेवायत राहुल गोस्वामी कान्हा ने बताया कि भगवान शिव, श्रीकृष्ण की महारास लीला के दर्शन करना चाहते थे लेकिन इसमें केवल गोपियों को ही प्रवेश की अनुमति थी। ऐसे में भगवान शिव ने गोपी का रूप धारण किया तभी उन्हें महारास में प्रवेश मिला। बाद में श्रीकृष्ण ने उन्हें गोपेश्वर महादेव के नाम से ब्रज में प्रतिष्ठित किया। इसी परंपरा का निर्वहन करते हुए आज यहां भगवान शिव का गोपी स्वरूप में शृंगार कर रंग-बिरंगी चुनरी, आभूषण, पुष्पमालाएं और शृंगार सामग्री अर्पित की जाएंगी। मंदिर को आकर्षक फूलों और विद्युत सज्जा से सजाया जाएगा। सुबह पंचामृत महाभिषेक होगा। इसके बाद रुद्राभिषेक, शिव महिम्न स्तोत्र, रुद्राष्टाध्यायी पाठ, भजन-कीर्तन और महाआरती का आयोजन होगा।
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