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Mathura News: युगल किशोर मंदिर के संरक्षण की उठी मांग
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वृंदावन। ब्रज वृन्दावन देवालय समिति के प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) आगरा सर्किल की अधीक्षण पुरातत्वविद् डॉ. स्मिता एस कुमार से भेंट कर वृंदावन के ऐतिहासिक श्री युगल किशोर मंदिर के संरक्षण, समुचित रख-रखाव एवं श्रद्धालुओं के लिए नियमित दर्शन व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में समिति ने कहा कि केशीघाट स्थित श्री युगल किशोर मंदिर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संरक्षित स्मारक है, लेकिन पर्याप्त देखरेख के अभाव में इसकी स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। मंदिर का मुख्य द्वार अधिकांश समय बंद रहने से श्रद्धालु, पर्यटक और शोधार्थी इस ऐतिहासिक धरोहर के दर्शन एवं अवलोकन से वंचित रह जाते हैं। समिति ने मांग की कि मंदिर को प्रतिदिन कम से कम चार घंटे निर्धारित समय के लिए श्रद्धालुओं और आगंतुकों के दर्शनार्थ नियमित रूप से खोला जाए। प्रतिनिधिमंडल ने मंदिर परिसर एवं उसके आसपास नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई।
समिति ने यह भी मांग की कि श्री युगल किशोर मंदिर के चारों ओर शीघ्र हेरिटेज बाई-लॉज लागू किए जाएं, ताकि स्मारक के आसपास होने वाले अनियोजित निर्माण, अतिक्रमण एवं ऐतिहासिक परिवेश को प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके। ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में रजत गोस्वामी, गोपेश गोस्वामी, देव गोस्वामी, दीपक गोस्वामी तथा जगन्नाथ पोद्दार शामिल रहे।
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ज्ञापन में समिति ने कहा कि केशीघाट स्थित श्री युगल किशोर मंदिर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संरक्षित स्मारक है, लेकिन पर्याप्त देखरेख के अभाव में इसकी स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। मंदिर का मुख्य द्वार अधिकांश समय बंद रहने से श्रद्धालु, पर्यटक और शोधार्थी इस ऐतिहासिक धरोहर के दर्शन एवं अवलोकन से वंचित रह जाते हैं। समिति ने मांग की कि मंदिर को प्रतिदिन कम से कम चार घंटे निर्धारित समय के लिए श्रद्धालुओं और आगंतुकों के दर्शनार्थ नियमित रूप से खोला जाए। प्रतिनिधिमंडल ने मंदिर परिसर एवं उसके आसपास नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई।
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समिति ने यह भी मांग की कि श्री युगल किशोर मंदिर के चारों ओर शीघ्र हेरिटेज बाई-लॉज लागू किए जाएं, ताकि स्मारक के आसपास होने वाले अनियोजित निर्माण, अतिक्रमण एवं ऐतिहासिक परिवेश को प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके। ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में रजत गोस्वामी, गोपेश गोस्वामी, देव गोस्वामी, दीपक गोस्वामी तथा जगन्नाथ पोद्दार शामिल रहे।
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