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UP: कश्मीर और बिहार की महिलाओं की कलाइयां नाजुक, पंजाब और यूपी का क्या; चूड़ियों ने खोला राज

राहुल दक्ष, संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद Published by: Dhirendra Singh Updated Fri, 10 Apr 2026 06:29 PM IST
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सार

फिरोजाबाद के चूड़ी कारोबार ने देशभर की महिलाओं की कलाई के साइज का दिलचस्प ट्रेंड सामने रखा है, जिसमें पंजाब की महिलाओं की कलाई सबसे मोटी बताई गई है। वहीं कश्मीर और बिहार की महिलाओं की कलाई सबसे पतली पाई गई, जबकि फिरोजाबाद का चूड़ी उद्योग सालाना 1500 करोड़ रुपये का कारोबार करता है।

Firozabad Bangles Reveal Wrist Size Trend: Punjab Women Need Bigger Sizes Kashmir-Bihar Prefer Smaller Fits
चूड़ियां - फोटो : instagram
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विस्तार

 कहते हैं कि चूड़ियां जब खनकती हैं तो दिल धड़कने लगते हैं, लेकिन सुहाग नगरी की इन रंग-बिरंगी चूड़ियों ने एक दिलचस्प राज खोल दिया है। यह राज है देशभर की महिलाओं की कलाई के आकार (साइज) का। चूड़ी उद्योग के विशेषज्ञों और व्यापारियों के डिमांड डेटा के अनुसार, देश की भौगोलिक विविधता महिलाओं की कलाई के साइज में भी साफ नजर आती है।
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देश में पंजाब की महिलाओं की कलाई सबसे मोटी होती है। यहां 2.6 से लेकर 2.8 साइज तक की बड़े घेरे वाली चूड़ियों की भारी मांग रहती है। पंजाब के बाद राजस्थान और महाराष्ट्र का नंबर आता है, जहां बड़े साइज की चूड़ियों की खपत सबसे अधिक है। इसके विपरीत, कश्मीर और बिहार की महिलाओं की कलाइयां सबसे पतली और नाजुक पाई गई हैं। इन राज्यों से आने वाली डिमांड में सबसे छोटे साइज यानी 2.2 और 2.4 की चूड़ियों की मांग सबसे ज्यादा रहती है। 
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यूपी की महिलाओं की कलाई का साइज औसत
उत्तर प्रदेश में महिलाओं की कलाई का साइज मध्यम श्रेणी में आता है। यहां बाजार में मुख्य रूप से 2.4 से लेकर 2.6 साइज की चूड़ियों की खपत सबसे अधिक है।

 

सालाना 1500 करोड़ का कारोबार
जिले में चूड़ी की करीब 80 बड़ी इकाइयां हैं। यहां से हर साल लगभग 1500 करोड़ रुपये का कारोबार होता है। देश के कोने-कोने तक यहां से चूड़ियां जाती हैं। चूड़ी बनाने का फिरोजाबाद देशभर में एकमात्र केंद्र हैं। इस उद्योग से 5 लाख श्रमिक सीधे तौर पर जुड़े हैं।

गांवों की महिलाओं पर भी फैशन का रंग चूड़ी कारोबारी बताते हैं कि अब गांव की महिलाएं भी चूड़ी के रंगों को अपनी साड़ी, ब्लाउज के रंगों के आधार पर खरीदती हैं। चूड़ी कारोबारियों के अनुसार अब महिलाओं को गहरे के बजाय हल्के रंगों की चूड़ियां ज्यादा पसंद आती हैं।
 

मौसम, त्योहार के अनुसार रंग तय करती हैं महिलाएं चूड़ी कारोबारी दिनेश उर्फ भोला के अनुसार, अब महिलाएं चूड़ी खरीदते वक्त रंगों का खास ख्याल मौसम, त्योहार के अनुसार रखती है। जैसे वसंत के मौसम में महिलाओं को खासतौर पर पीले रंग की चूड़ियां भाती हैं। सावन के माह में महिलाएं हरी चूड़ियां खरीदती हैं। इसके अलावा करवा चौथ और दिवाली के सीजन में महिलाएं लाल रंग की चूड़ियां खरीदती हैं।
 

उद्यमी की राय
चूड़ी उद्यमी रविंद्र गर्ग ने बताया कि देश भर के अलग-अलग हिस्सों की महिलाओं की कलाई का साइज अलग-अलग होता है। इसी हिसाब से हम माल भी तैयार करते हैं। जम्मू कश्मीर और बिहार में छोटे साइज की चूड़ी की ज्यादा डिमांड है, क्योंकि वहां महिलाओं की कलाई पतली होती है। वहीं, पंजाब में महिलाओं की कलाई ज्यादा मोटी होती है, उसी आधार पर वहां बड़े साइज की चूड़ी की मांग है।
 
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