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LPG Crisis: एलपीजी की किल्लत का दिखने लगा असर, बंद हो गईं खानपान की सैकड़ों ठेल-ढकेल; होटल-रेस्टोरेंट के मेन्य
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 14 Mar 2026 10:15 AM IST
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सार
मथुरा में एलपीजी की किल्लत के कारण होटल, ढाबा और छोटे खानपान कारोबार पर असर पड़ने लगा है। गैस न मिलने से कई संचालकों ने मेन्यू बदल दिया है, जबकि छोले-भटूरे और कचौड़ी बेचने वाली सैकड़ों ठेल-ढकेल अस्थायी रूप से बंद हो गई हैं।
कोयले की भटटी पर कचौड़ी बनाता हलवाई।
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विस्तार
एलपीजी की किल्लत ने होटल और ढाबा संचालकों की परेशानी बढ़ा दी है। पिछले कई दिनों से व्यावसायिक सिलिंडर की नियमित आपूर्ति नहीं हो पाने के कारण होटल कारोबार पर असर पड़ रहा है। हालात यह हैं कि कई संचालक अब गैस के विकल्प तलाशने को मजबूर हो गए हैं। कई जगहों पर मेन्यू में बदलाव किया गया है। वहीं छोटे खानपान की सैकड़ों ठेल-ढकेल बंद हो गई हैं।
शहर के विभिन्न इलाकों में संचालित होटल और ढाबों पर खाना बनाने के लिए सबसे ज्यादा गैस सिलिंडर का उपयोग होता है, लेकिन इन दिनों सिलिंडर समय पर नहीं मिल पा रहे हैं। गैस एजेंसियों के चक्कर काटने के बाद भी कई संचालकों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। इससे होटल कारोबार प्रभावित हो रहा है और ग्राहकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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शहर के विभिन्न इलाकों में संचालित होटल और ढाबों पर खाना बनाने के लिए सबसे ज्यादा गैस सिलिंडर का उपयोग होता है, लेकिन इन दिनों सिलिंडर समय पर नहीं मिल पा रहे हैं। गैस एजेंसियों के चक्कर काटने के बाद भी कई संचालकों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। इससे होटल कारोबार प्रभावित हो रहा है और ग्राहकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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गैस संकट के चलते कई छोटे होटल और ढाबा संचालकों ने अस्थायी तौर पर लकड़ी और कोयले का सहारा लेना शुरू कर दिया है। अचानक मांग बढ़ने से बाजार में लकड़ी और कोयले के दाम भी बढ़ने लगे हैं। कारोबारियों का कहना है कि लकड़ी और कोयले से खाना बनाना न केवल मुश्किल है, बल्कि इससे समय भी ज्यादा लगता है। होटल संचालकों का कहना है कि यदि जल्द ही गैस आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो उनका कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। प्रशासन से मांग की है कि एलपीजी की आपूर्ति जल्द से जल्द सामान्य कराई जाए ताकि कारोबार प्रभावित न हो और लोगों को भी राहत मिल सके।
कारोबारी हरेश अग्रवाल का कहना है कि पिछले दो दिनों बाजार में काफी ग्राहक आ रहे हैं, जोकि इंडक्शन चूल्हे की मांग कर रहे हैं। इन दिनों गैस की कमी के कारण इंफ्रारेड कुकटॉप चूल्हे की मांग बढ़ गई है। इन इंफ्रारेड कुकटॉप चूल्हों पर किसी भी धातु के बर्तनों का प्रयोग किया जा सकता है। यह इंडक्शन से ज्यादा महंगा है।
मथुरा-वृंदावन होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि युद्ध का होटल व्यवसाय पर अभी तक कोई खास प्रभाव नहीं पड़ा है। एलपीजी की आपूर्ति में उतार-चढ़ाव के कारण होटल इंडस्ट्रीज ने भोजन का मेन्यू सामान्य कर दिया है। इससे गैस की खपत कम हो रही है।
स्टेशन के रेस्टोरेंट पर मंडरा रहा गैस का संकट
मथुरा जंक्शन स्टेशन पर रेलवे रेस्टोरेंट (आरआर) और कमसम रेस्टोरेंट पर गैस आधारित चूल्हे पर खाना तैयार किया जाता है। सामान्य दिनों में यहां ग्राहकों की खासी भीड़ दिखाई देती है, लेकिन इन दिनों गैस का संकट सामने होने के कारण मेन्यू से कुछ व्यजंनों को हटाया गया है। स्टॉल संचालकों के यहां पैक्ड फूड की बिक्री बढ़ी है।
मथुरा जंक्शन स्टेशन पर रेलवे रेस्टोरेंट (आरआर) और कमसम रेस्टोरेंट पर गैस आधारित चूल्हे पर खाना तैयार किया जाता है। सामान्य दिनों में यहां ग्राहकों की खासी भीड़ दिखाई देती है, लेकिन इन दिनों गैस का संकट सामने होने के कारण मेन्यू से कुछ व्यजंनों को हटाया गया है। स्टॉल संचालकों के यहां पैक्ड फूड की बिक्री बढ़ी है।
युद्ध के बीच वृंदावन में विश्व शांति के लिए महायज्ञ
मिडिल ईस्ट में ईरान, अमेरिका और इस्राइल के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात के बीच वृंदावन में विश्व शांति की कामना को लेकर महायज्ञ का आयोजन किया गया। शुक्रवार को आनंद वाटिका स्थित सनातन संस्कार धाम में ज्योतिषाचार्य पंडित रामविलास चतुर्वेदी के सानिध्य में विश्व कल्याण और शांति के लिए वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ संपन्न हुआ। यज्ञ के दौरान विद्वान ब्राह्मणों ने विधि-विधान से देव आह्वान कर विश्व में शांति और युद्ध की समाप्ति की कामना की। यज्ञ के मुख्य आयोजक ज्योतिषाचार्य पं. रामविलास चतुर्वेदी ने कहा कि महायज्ञ के माध्यम से भगवान बांकेबिहारी से प्रार्थना की गई है कि युद्धरत देशों के राष्ट्राध्यक्षों को सद्बुद्धि मिले ताकि वे हथियारों के बजाय संवाद और समझदारी के माध्यम से विवादों का समाधान करें और विश्व में शांति स्थापित हो।
मिडिल ईस्ट में ईरान, अमेरिका और इस्राइल के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात के बीच वृंदावन में विश्व शांति की कामना को लेकर महायज्ञ का आयोजन किया गया। शुक्रवार को आनंद वाटिका स्थित सनातन संस्कार धाम में ज्योतिषाचार्य पंडित रामविलास चतुर्वेदी के सानिध्य में विश्व कल्याण और शांति के लिए वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ संपन्न हुआ। यज्ञ के दौरान विद्वान ब्राह्मणों ने विधि-विधान से देव आह्वान कर विश्व में शांति और युद्ध की समाप्ति की कामना की। यज्ञ के मुख्य आयोजक ज्योतिषाचार्य पं. रामविलास चतुर्वेदी ने कहा कि महायज्ञ के माध्यम से भगवान बांकेबिहारी से प्रार्थना की गई है कि युद्धरत देशों के राष्ट्राध्यक्षों को सद्बुद्धि मिले ताकि वे हथियारों के बजाय संवाद और समझदारी के माध्यम से विवादों का समाधान करें और विश्व में शांति स्थापित हो।
बंद हो गईं खानपान की सैकड़ों ठेल-ढकेल
शहर में छोले-भटूरे, कचौड़ी, बेढ़ई, जलेबी सहित खानपान की सैकड़ों ठेल-ढकेलें बंद हो गई हैं। सौंख रोड, डेंपियर नगर, गोवर्धन चौराहा, मंडी समिति चौराहा, होली गेट, कृष्णा नगर सहित कई स्थानों पर ठेल-ढकेल कम हो गई हैं। ठेल विक्रेता रामभरोसी ने बताया कि अभी तक ब्लैक में सिलिंडर खरीदते थे, लेकिन अब यह नहीं मिल पा रहे हैं। सड़़क किनारे कोयले या लकड़ी से भट्ठी नहीं जलाई जा सकती। ऐसे में कुछ दिनों के लिए काम बंद कर दिया है।
शहर में छोले-भटूरे, कचौड़ी, बेढ़ई, जलेबी सहित खानपान की सैकड़ों ठेल-ढकेलें बंद हो गई हैं। सौंख रोड, डेंपियर नगर, गोवर्धन चौराहा, मंडी समिति चौराहा, होली गेट, कृष्णा नगर सहित कई स्थानों पर ठेल-ढकेल कम हो गई हैं। ठेल विक्रेता रामभरोसी ने बताया कि अभी तक ब्लैक में सिलिंडर खरीदते थे, लेकिन अब यह नहीं मिल पा रहे हैं। सड़़क किनारे कोयले या लकड़ी से भट्ठी नहीं जलाई जा सकती। ऐसे में कुछ दिनों के लिए काम बंद कर दिया है।