{"_id":"6a6bb47994b996b38809a8f2","slug":"pensions-for-1131-deceased-senior-citizens-have-been-suspended-mathura-news-c-369-1-mt11018-150265-2026-07-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura News: 1131 मृतक वृद्धों की पेंशन पर रोक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura News: 1131 मृतक वृद्धों की पेंशन पर रोक
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मथुरा। समाज कल्याण विभाग के सत्यापन अभियान में जनपद के 1131 वृद्ध पेंशनधारक मृत पाए गए हैं। इसके बाद विभाग ने उनकी वृद्धावस्था पेंशन पर तत्काल रोक लगा दी है। जिला समाज कल्याण अधिकारी रेनू कुमारी ने संबंधित बैंकों को पत्र भेजकर जारी हो चुकी पेंशन राशि की जांच और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
जनपद में वर्तमान में 68,704 वृद्धजन वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ ले रहे हैं। विभाग द्वारा प्रत्येक छह माह में लाभार्थियों का सत्यापन कराया जाता है, ताकि मृतक, अपात्र अथवा अन्यत्र स्थानांतरित लाभार्थियों की पहचान की जा सके। इस बार के सत्यापन में 1131 लाभार्थी मृत मिले, जबकि कोई भी अपात्र या जनपद से बाहर रहने वाला लाभार्थी नहीं पाया गया।
जिला समाज कल्याण अधिकारी रेनू ने बताया कि मृत लाभार्थियों के स्थान पर नए पात्र वृद्धों को योजना से जोड़ा जाएगा। इसके लिए लंबित आवेदनों पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि समाज कल्याण निदेशालय, लखनऊ में करीब 30 हजार आवेदन स्वीकृति के इंतजार में हैं। इनमें लगभग 10 हजार आवेदन आयु प्रमाणपत्र के अभाव में लंबित हैं, जिनमें से 400 आवेदनों को आवश्यक दस्तावेजों के साथ पुनः भेजा जा चुका है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
जनपद में वर्तमान में 68,704 वृद्धजन वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ ले रहे हैं। विभाग द्वारा प्रत्येक छह माह में लाभार्थियों का सत्यापन कराया जाता है, ताकि मृतक, अपात्र अथवा अन्यत्र स्थानांतरित लाभार्थियों की पहचान की जा सके। इस बार के सत्यापन में 1131 लाभार्थी मृत मिले, जबकि कोई भी अपात्र या जनपद से बाहर रहने वाला लाभार्थी नहीं पाया गया।
विज्ञापन
जिला समाज कल्याण अधिकारी रेनू ने बताया कि मृत लाभार्थियों के स्थान पर नए पात्र वृद्धों को योजना से जोड़ा जाएगा। इसके लिए लंबित आवेदनों पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि समाज कल्याण निदेशालय, लखनऊ में करीब 30 हजार आवेदन स्वीकृति के इंतजार में हैं। इनमें लगभग 10 हजार आवेदन आयु प्रमाणपत्र के अभाव में लंबित हैं, जिनमें से 400 आवेदनों को आवश्यक दस्तावेजों के साथ पुनः भेजा जा चुका है। संवाद
विज्ञापन