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पुलिस भर्ती परीक्षा: 22 लाख में पेपर पास कराने का ठेका, एसटीएफ ने किया गिरोह का पर्दाफाश; एक आरोपी गिरफ्तार

संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: Arun Parashar Updated Sun, 15 Mar 2026 01:05 PM IST
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सार

गिरोह परीक्षा पास कराने के लिए प्रति अभ्यर्थी से 22 लाख रुपये लेता था। इसमें परीक्षा से पहले तीन लाख रुपये लिए जाते थे। मामले में एसटीएफ ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। 

STF Busts Gang Promising to Ensure Passage in Police Recruitment Exam One Accused Arrested
Crime demo - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस की परीक्षा में फर्जीवाड़े और नकल कराने की साजिश रचने वाले एक गिरोह का एसटीएफ ने पर्दाफाश किया है। एसटीएफ मेरठ की फील्ड यूनिट ने शनिवार रात थाना राया क्षेत्र से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर उन्हें अनुचित साधनों (ब्लूटूथ डिवाइस) से परीक्षा पास कराने का लालच दे रहा था।
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एसटीएफ मेरठ यूनिट के उपनिरीक्षक संजय कुमार को सर्विलांस और मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि अनुज कुमार नाम का व्यक्ति, जो ग्राम हवेली का निवासी है, कस्बा राया में अभ्यर्थियों से ठगी करने और परीक्षा में नकल कराने के उद्देश्य से अपने साथी से मिलने आने वाला है। एसटीएफ की टीम ने बलदेव रोड स्थित रजनी लाइब्रेरी के पास घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
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पूछताछ के दौरान आरोपी अनुज ने चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि वह गोपाल रावत नाम के व्यक्ति के संपर्क में था। गोपाल ने उसे बताया था कि परीक्षा पास कराने के लिए प्रति अभ्यर्थी से 22 लाख रुपये लिए जाते हैं। जिसमें परीक्षा से पहले तीन लाख रुपये, परीक्षा के बाद पांच लाख रुपये देने होते हैं। आरोपी ने कुबूल किया कि उनका प्लान परीक्षा केंद्र पर ब्लूटूथ उपलब्ध कराकर पेपर हल करवाने का था।

एसटीएफ ने आरोपी के पास से मोबाइल बरामद किया है। इसमें अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड और व्हाट्सएप चैट व अन्य परीक्षाओं के कुल छह एडमिट कार्ड एवं व्हाट्सएप पर आठ महत्वपूर्ण चैट और ट्रांजेक्शन के विवरण बरामद किए है। टीम ने थाना राया में आरोपी अनुज कुमार, गोपाल रावत और उनके अन्य अज्ञात साथियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अध्यादेश 2024 की धारा 11(6), 11(7) और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं (318(4), 338, 336(3), 61(2)) के तहत मामला दर्ज किया गया। फिलहाल मुख्य आरोपी गोपाल रावत फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।

 
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