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महंत नरेंद्र गिरी महाराज का निधन सनातन धर्म के लिए बड़ी क्षति
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वृंदावन। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि महाराज के निधन के बाद वृंदावन के संत समाज स्तब्ध हैं। महंत नरेंद्र गिरि के गोलोक गमन और उनकी आत्मा की शांति के लिए अनुष्ठान किए जा रहे हैं। महंत डॉ. अधिकारी ने कहा कि महंत नरेंद्र गिरि का निधन सनातन धर्म के लिए बड़ी क्षति है।
वंशीवट स्थित चरणाश्रय आश्रम में महंत डॉ. अधिकारी गुरुजी महाराज के सानिध्य में सप्त दिवसीय अखंड गीता पाठ और अखंड विष्णु शहस्त्र पाठ का आयोजन किया गया। 11 वेदपाठी ब्राह्मणों द्वारा पाठ किया गया। इस पाठ में ठाकुरजी से महंत नरेंद्र गिरि महाराज की आत्मा की शांति के लिए श्रीजी के श्रीचरणों में प्रार्थना की गई। महंत डॉ. अधिकारी ने कहा कि अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि महाराज ने सभी अखाड़ों को और संत-महंतों को एक माला में पिरोने का कार्य किया।
उनके इस कार्य को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। आचार्य दिलीप शास्त्री, पंडित रामेश्वर शास्त्री, पंडित बलराम शास्त्री, पंडित अतुल कृष्ण शास्त्री, पंडित मुकेश शास्त्री, गोपालदास पंडित, अंशु शास्त्री थे। संतों ने कहा कि सीबीआई शीघ्र ही पूरी जांच करे और दोषियों को कठोर सजा दिलवाए।
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वंशीवट स्थित चरणाश्रय आश्रम में महंत डॉ. अधिकारी गुरुजी महाराज के सानिध्य में सप्त दिवसीय अखंड गीता पाठ और अखंड विष्णु शहस्त्र पाठ का आयोजन किया गया। 11 वेदपाठी ब्राह्मणों द्वारा पाठ किया गया। इस पाठ में ठाकुरजी से महंत नरेंद्र गिरि महाराज की आत्मा की शांति के लिए श्रीजी के श्रीचरणों में प्रार्थना की गई। महंत डॉ. अधिकारी ने कहा कि अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि महाराज ने सभी अखाड़ों को और संत-महंतों को एक माला में पिरोने का कार्य किया।
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उनके इस कार्य को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। आचार्य दिलीप शास्त्री, पंडित रामेश्वर शास्त्री, पंडित बलराम शास्त्री, पंडित अतुल कृष्ण शास्त्री, पंडित मुकेश शास्त्री, गोपालदास पंडित, अंशु शास्त्री थे। संतों ने कहा कि सीबीआई शीघ्र ही पूरी जांच करे और दोषियों को कठोर सजा दिलवाए।
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