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Mathura News: बैठक में गूंजेगा विकास और संपत्तियों के क्रय विक्रय का मुद्दा
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वृंदावन। ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर प्रबंधन की उच्चाधिकार प्राप्त समिति शुक्रवार को अपनी 18वीं बैठक करेगी। इसमें मंदिर के समग्र विकास पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं। श्रद्धालुओं की सुविधाओं और आगामी त्योहारों की तैयारियों पर भी चर्चा होगी। बैठक में मंदिर के विकास और संपत्तियों के क्रय-विक्रय का मुद्दा भी गूंजेगा।
बैठक का सबसे अहम मुद्दा सुप्रीम कोर्ट के 26 मई 2026 के आदेश के तहत मंदिर और आसपास के क्षेत्र के समग्र विकास की योजना तैयार करना है। इस योजना को न्यायालय में प्रस्तुत करने की अंतिम रणनीति बनाई जाएगी। वहीं समिति दर्शन अवधि बढ़ाने और जगमोहन से दर्शन व्यवस्था जारी रखने जैसे प्रस्तावों पर विचार करेगी। यह निर्णय श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और सुविधा को ध्यान में रखकर लिए जाएंगे। मंदिर के आसपास की परिसंपत्तियों के क्रय और आवश्यकता पड़ने पर अधिग्रहण का एजेंडा भी संवेदनशील है। सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर क्षेत्र के विकास के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसमें गोस्वामी परिवारों की निजी संपत्तियों पर सहयोग और सहमति पर चर्चा होगी। मंदिर के नाम से अब तक खरीदी गई परिसंपत्तियों की प्रगति रिपोर्ट भी बैठक में रखी जाएगी।
अन्य महत्वपूर्ण एजेंडे
बैठक में कुल 14 एजेंडों पर चर्चा प्रस्तावित है। गोस्वामी परिवारों से मिले सुझावों की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। मंदिर परिसर की सफाई व्यवस्था के लिए जारी निविदा पर भी विचार होगा। मंदिर प्रबंधन समिति में वास्तुकार को सदस्य नामित करने का प्रस्ताव भी एजेंडे में है। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल विभिन्न अंतरिम प्रार्थना पत्रों की प्रगति की भी समीक्षा होगी।
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सेवायत सदस्यों की आपत्ति
सेवायत सदस्य रजत गोस्वामी ने एजेंडे में अपने प्रस्ताव शामिल न किए जाने पर आपत्ति जताई है। उन्होंने ऑनलाइन दर्शन व्यवस्था और मंदिर को वातानुकूलित करने की मांग की थी। रजत गोस्वामी ने कहा कि उन्हें बैठक से एक दिन पहले एजेंडा मिला है। पिछली बैठक में उन्होंने सात दिन पहले एजेंडा देने की मांग की थी। उन्होंने राजस्थान सुरक्षा एजेंसी द्वारा श्रद्धालुओं से मारपीट और पुलिसकर्मियों के जूते पहनकर मंदिर में जाने जैसे मुद्दों पर चर्चा न होने की बात भी कही।
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बैठक का सबसे अहम मुद्दा सुप्रीम कोर्ट के 26 मई 2026 के आदेश के तहत मंदिर और आसपास के क्षेत्र के समग्र विकास की योजना तैयार करना है। इस योजना को न्यायालय में प्रस्तुत करने की अंतिम रणनीति बनाई जाएगी। वहीं समिति दर्शन अवधि बढ़ाने और जगमोहन से दर्शन व्यवस्था जारी रखने जैसे प्रस्तावों पर विचार करेगी। यह निर्णय श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और सुविधा को ध्यान में रखकर लिए जाएंगे। मंदिर के आसपास की परिसंपत्तियों के क्रय और आवश्यकता पड़ने पर अधिग्रहण का एजेंडा भी संवेदनशील है। सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर क्षेत्र के विकास के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसमें गोस्वामी परिवारों की निजी संपत्तियों पर सहयोग और सहमति पर चर्चा होगी। मंदिर के नाम से अब तक खरीदी गई परिसंपत्तियों की प्रगति रिपोर्ट भी बैठक में रखी जाएगी।
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अन्य महत्वपूर्ण एजेंडे
बैठक में कुल 14 एजेंडों पर चर्चा प्रस्तावित है। गोस्वामी परिवारों से मिले सुझावों की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। मंदिर परिसर की सफाई व्यवस्था के लिए जारी निविदा पर भी विचार होगा। मंदिर प्रबंधन समिति में वास्तुकार को सदस्य नामित करने का प्रस्ताव भी एजेंडे में है। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल विभिन्न अंतरिम प्रार्थना पत्रों की प्रगति की भी समीक्षा होगी।
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सेवायत सदस्यों की आपत्ति
सेवायत सदस्य रजत गोस्वामी ने एजेंडे में अपने प्रस्ताव शामिल न किए जाने पर आपत्ति जताई है। उन्होंने ऑनलाइन दर्शन व्यवस्था और मंदिर को वातानुकूलित करने की मांग की थी। रजत गोस्वामी ने कहा कि उन्हें बैठक से एक दिन पहले एजेंडा मिला है। पिछली बैठक में उन्होंने सात दिन पहले एजेंडा देने की मांग की थी। उन्होंने राजस्थान सुरक्षा एजेंसी द्वारा श्रद्धालुओं से मारपीट और पुलिसकर्मियों के जूते पहनकर मंदिर में जाने जैसे मुद्दों पर चर्चा न होने की बात भी कही।