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Mau News: बिहार के मजदूर के नाम मऊ में फर्म बनाकर 1.55 करोड़ का किया भुगतान, प्राथमिकी दर्ज
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शहर कोतवाली के पहाड़पुरा में हिंदवेयर ट्रेडर्स के नाम से फर्जी फर्म बनाकर 1.55 करोड़ रुपये लेनदेन करने का मामला उजागर हुआ है। जांच में दोषी पाए जाने पर सहायक आयुक्त राज्यकर खंड-2 संजीव कुमार की तहरीर पर शहर कोतवाली में विनय राउत के विरुद्ध धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज की गई है।
प्राथमिकी के अनुसार पंजीकृत फर्म हिंदवेयर ट्रेडर्स दुकान संख्या 88 ग्राउंड फ्लोर पहाड़पुरा के ऑनलाइन अभिलेखों की समीक्षा में फर्जी पाया गया। जिस फर्म को भुगतान किया जा रहा था वो भी फर्जी मिला।
दोनों फर्मों के संचालकों की पहचान नहीं हो पाई। पंजीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन में फर्म स्वामी बिनय राउत ने अपना स्थायी पता पहाड़पुरा और बैंक नंबर गुजरात प्रांत के भावनगर जिले के लोखंड बाजार स्थित एक्सिस बैंक का खाता नंबर दर्ज कराया।
पोर्टल पर आधार कार्ड के अनुसार विनय राउत का पता बिहार प्रांत के चंपारन जिले के रामगढ़वा नगदहा दर्ज था और पहाड़पुरा स्थित दुकान को खुद की बताते हुए बिजली बिल के स्थान पर खुद की फोटो लगाई थी।
फर्जी फर्म होने के चलते 28 जनवरी 2025 को निलंबित करते हुए 07 फरवरी 2025 को निरस्त कर दिया गया था। हिंदवेयर ट्रेडर्स द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 में 1,55,51,690 की आउटवर्ड सप्लाई घोषित करते हुए 13,99,652 की सीजीएसटी और 13,99,652 एसजीएसटी की करदेयता स्वीकार किया गई है। बिना टैक्ट जमा किए ही गलत तरीके से 27,99,304 की आईटीसी क्लेम किया गई है।
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कोट -
फर्म संचालक से बात करने पर उसने खुद को मजदूर बताया लेकिन जीएसटी भुगतान के लिए आधार कार्ड धारक के मोबाइल नंबर पर ओटीपी जाती है, बिना ओटीपी के भुगतान संभव नहीं है। इस तरह साबित होता है कि विनय राउत इस फर्जीवाड़े में शामिल है। फर्म संचालक और भुगतान किए गए फर्म का संचालक कौन है ये जांच का विषय है। विवेचना के दौरान पुलिस तकनीकी तरीके से जांच करेगी।
- संजीव कुमार, सहायक आयुक्त राज्यकर खंड-2, मऊ
राज्यकर अधिकारी तहरीर पर धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज की गई है। विवेचना के बाद ही सच्चाई और दोषियों का नाम उजागर होगा। -अनिल सिंह, मऊ कोतवाली प्रभारी निरीक्षक
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प्राथमिकी के अनुसार पंजीकृत फर्म हिंदवेयर ट्रेडर्स दुकान संख्या 88 ग्राउंड फ्लोर पहाड़पुरा के ऑनलाइन अभिलेखों की समीक्षा में फर्जी पाया गया। जिस फर्म को भुगतान किया जा रहा था वो भी फर्जी मिला।
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दोनों फर्मों के संचालकों की पहचान नहीं हो पाई। पंजीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन में फर्म स्वामी बिनय राउत ने अपना स्थायी पता पहाड़पुरा और बैंक नंबर गुजरात प्रांत के भावनगर जिले के लोखंड बाजार स्थित एक्सिस बैंक का खाता नंबर दर्ज कराया।
पोर्टल पर आधार कार्ड के अनुसार विनय राउत का पता बिहार प्रांत के चंपारन जिले के रामगढ़वा नगदहा दर्ज था और पहाड़पुरा स्थित दुकान को खुद की बताते हुए बिजली बिल के स्थान पर खुद की फोटो लगाई थी।
फर्जी फर्म होने के चलते 28 जनवरी 2025 को निलंबित करते हुए 07 फरवरी 2025 को निरस्त कर दिया गया था। हिंदवेयर ट्रेडर्स द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 में 1,55,51,690 की आउटवर्ड सप्लाई घोषित करते हुए 13,99,652 की सीजीएसटी और 13,99,652 एसजीएसटी की करदेयता स्वीकार किया गई है। बिना टैक्ट जमा किए ही गलत तरीके से 27,99,304 की आईटीसी क्लेम किया गई है।
कोट -
फर्म संचालक से बात करने पर उसने खुद को मजदूर बताया लेकिन जीएसटी भुगतान के लिए आधार कार्ड धारक के मोबाइल नंबर पर ओटीपी जाती है, बिना ओटीपी के भुगतान संभव नहीं है। इस तरह साबित होता है कि विनय राउत इस फर्जीवाड़े में शामिल है। फर्म संचालक और भुगतान किए गए फर्म का संचालक कौन है ये जांच का विषय है। विवेचना के दौरान पुलिस तकनीकी तरीके से जांच करेगी।
- संजीव कुमार, सहायक आयुक्त राज्यकर खंड-2, मऊ
राज्यकर अधिकारी तहरीर पर धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज की गई है। विवेचना के बाद ही सच्चाई और दोषियों का नाम उजागर होगा। -अनिल सिंह, मऊ कोतवाली प्रभारी निरीक्षक
