{"_id":"6a5295521b5ebe27ed00841d","slug":"a-mission-admission-campaign-will-be-launched-to-boost-enrollment-in-colleges-similar-to-the-initiatives-in-basic-and-secondary-schools-mau-news-c-295-1-svns1028-148386-2026-07-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mau News: बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों की तरह ही महाविद्यालयों में नामांकन बढ़ाने के लिए चलेगा मिशन एडमिशन अभियान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mau News: बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों की तरह ही महाविद्यालयों में नामांकन बढ़ाने के लिए चलेगा मिशन एडमिशन अभियान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों की तरह महाविद्यालय स्तर पर छात्र संख्या बढ़ाने के लिए संपर्क अभियान चलाया जाएगा। महाविद्यालयों के शिक्षक और अन्य स्टाफ 15 किमी के दायरे में आने वाले इंटर कॉलेजों में जाकर संपर्क करेंगे।
साथ ही इंटरमीडिएट की परीक्षा पास कर चुके विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित किया जाएगा। जिले में तीन राजकीय, चार सहायता प्राप्त सहित 150 से अधिक मान्यता प्राप्त महाविद्यालय हैं।
इंटरमीडिएट पास करने वाले छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा से जोड़ने के लिए अब जिले के महाविद्यालय भी सक्रिय हो गए हैं। प्रवेश से वंचित रहने वाले विद्यार्थियों की संख्या कम करने और अधिक से अधिक युवाओं को स्नातक स्तर तक पहुंचाने के उद्देश्य से महाविद्यालयों ने विशेष प्रवेश अभियान शुरू किया है।
विज्ञापन
अब तक परिषदीय विद्यालयों और माध्यमिक विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने के लिए मिशन एडमिशन अभियान चलाया जा रहा था, लेकिन अब उच्च शिक्षा विभाग भी इस मुहिम का हिस्सा बन गया है।
महाविद्यालयों के शिक्षक इंटर कॉलेजों में पहुंचकर इंटरमीडिएट उत्तीर्ण विद्यार्थियों से संवाद करेंगे और उन्हें यह समझाएंगे कि स्नातक की पढ़ाई उनके भविष्य, प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार के अवसरों के लिए कितनी महत्वपूर्ण है।
साथ ही महाविद्यालयों में उपलब्ध स्मार्ट क्लास, पुस्तकालय, प्रयोगशालाएं, डिजिटल शिक्षण, कौशल विकास कार्यक्रम, एनएसएस, खेलकूद और अन्य सुविधाओं की भी जानकारी दी जाएगी, ताकि छात्र बिना किसी भ्रम के अपनी पसंद के विषय में प्रवेश ले सकें।
जिले में बड़ी संख्या में ऐसे छात्र-छात्राएं हैं, जो इंटरमीडिएट के बाद जानकारी के अभाव, आर्थिक कारणों या उचित मार्गदर्शन नहीं मिलने से उच्च शिक्षा में प्रवेश नहीं ले पाते।
इसे देखते हुए महाविद्यालयों ने घर-घर और विद्यालय-विद्यालय पहुंचकर विद्यार्थियों को जागरूक करने की रणनीति बनाई है। शिक्षकों की टीम निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार विभिन्न इंटर कॉलेजों का भ्रमण करेगी और विद्यार्थियों के साथ-साथ अभिभावकों को भी उच्च शिक्षा के महत्व से अवगत कराएगी।
अभियान के दौरान विद्यार्थियों को प्रवेश की अंतिम तिथि, आवश्यक अभिलेख, छात्रवृत्ति योजनाओं, फीस संबंधी जानकारी और उपलब्ध विषयों की भी जानकारी दी जाएगी।
इस संबंध में राजकीय डिग्री कॉलेज मधुबन के प्राचार्य डॉ. कमलेश कुमार, मर्यादा पुरुषोत्तम पीजी कॉलेज भुड़सुडी की प्राचार्य डॉ. निर्मला सिंह का कहना था कि नए प्रवेश के लिए आसपास के इंटरमीडिएट कॉलेजों का भ्रमण किया जाएगा।
अधिक से अधिक प्रवेश पर जोर है। इंटर कॉलेजों के साथ ही आसपास के गांवों में जाकर भी जागरूक किया जाएगा। ऐसे छात्र-छात्राओं को चिह्नित किया जाएगा, जो इंटरमीडिएट उत्तीर्ण किए हैं। उन्हें प्रवेश दिलाया जाएगा।
विज्ञापन
साथ ही इंटरमीडिएट की परीक्षा पास कर चुके विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित किया जाएगा। जिले में तीन राजकीय, चार सहायता प्राप्त सहित 150 से अधिक मान्यता प्राप्त महाविद्यालय हैं।
विज्ञापन
इंटरमीडिएट पास करने वाले छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा से जोड़ने के लिए अब जिले के महाविद्यालय भी सक्रिय हो गए हैं। प्रवेश से वंचित रहने वाले विद्यार्थियों की संख्या कम करने और अधिक से अधिक युवाओं को स्नातक स्तर तक पहुंचाने के उद्देश्य से महाविद्यालयों ने विशेष प्रवेश अभियान शुरू किया है।
विज्ञापन
अब तक परिषदीय विद्यालयों और माध्यमिक विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने के लिए मिशन एडमिशन अभियान चलाया जा रहा था, लेकिन अब उच्च शिक्षा विभाग भी इस मुहिम का हिस्सा बन गया है।
महाविद्यालयों के शिक्षक इंटर कॉलेजों में पहुंचकर इंटरमीडिएट उत्तीर्ण विद्यार्थियों से संवाद करेंगे और उन्हें यह समझाएंगे कि स्नातक की पढ़ाई उनके भविष्य, प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार के अवसरों के लिए कितनी महत्वपूर्ण है।
साथ ही महाविद्यालयों में उपलब्ध स्मार्ट क्लास, पुस्तकालय, प्रयोगशालाएं, डिजिटल शिक्षण, कौशल विकास कार्यक्रम, एनएसएस, खेलकूद और अन्य सुविधाओं की भी जानकारी दी जाएगी, ताकि छात्र बिना किसी भ्रम के अपनी पसंद के विषय में प्रवेश ले सकें।
जिले में बड़ी संख्या में ऐसे छात्र-छात्राएं हैं, जो इंटरमीडिएट के बाद जानकारी के अभाव, आर्थिक कारणों या उचित मार्गदर्शन नहीं मिलने से उच्च शिक्षा में प्रवेश नहीं ले पाते।
इसे देखते हुए महाविद्यालयों ने घर-घर और विद्यालय-विद्यालय पहुंचकर विद्यार्थियों को जागरूक करने की रणनीति बनाई है। शिक्षकों की टीम निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार विभिन्न इंटर कॉलेजों का भ्रमण करेगी और विद्यार्थियों के साथ-साथ अभिभावकों को भी उच्च शिक्षा के महत्व से अवगत कराएगी।
अभियान के दौरान विद्यार्थियों को प्रवेश की अंतिम तिथि, आवश्यक अभिलेख, छात्रवृत्ति योजनाओं, फीस संबंधी जानकारी और उपलब्ध विषयों की भी जानकारी दी जाएगी।
इस संबंध में राजकीय डिग्री कॉलेज मधुबन के प्राचार्य डॉ. कमलेश कुमार, मर्यादा पुरुषोत्तम पीजी कॉलेज भुड़सुडी की प्राचार्य डॉ. निर्मला सिंह का कहना था कि नए प्रवेश के लिए आसपास के इंटरमीडिएट कॉलेजों का भ्रमण किया जाएगा।
अधिक से अधिक प्रवेश पर जोर है। इंटर कॉलेजों के साथ ही आसपास के गांवों में जाकर भी जागरूक किया जाएगा। ऐसे छात्र-छात्राओं को चिह्नित किया जाएगा, जो इंटरमीडिएट उत्तीर्ण किए हैं। उन्हें प्रवेश दिलाया जाएगा।