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Mau News: माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों की बनेगी ई-मेल आईडी
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जिले के माध्यमिक विद्यालयों की पढ़ाई अब कॉपी-किताब से आगे बढ़कर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पहुंचने जा रही है। शासन के निर्देश पर जिले के माध्यमिक विद्यालयों में डिजिटल साक्षरता को तेजी से लागू किया जा रहा है, जिससे पढ़ाई का तरीका बदलने की कवायद चल रही है।
जिले में 17 राजकीय माध्यमिक, 67 सहायता प्राप्त और 436 वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। नई व्यवस्था के तहत सभी पंजीकृत छात्र-छात्राओं की ई-मेल आईडी बनाना अनिवार्य कर दिया गया है।
यह कदम पढ़ाई को तकनीक से जोड़ने और ऑनलाइन शैक्षिक गतिविधियों में शामिल करने के उद्देश्य से उठाया गया है। माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से विद्यालयों में नियमित पठन-पाठन के साथ-साथ गृहकार्य, पाठ्यक्रम और मूल्यांकन प्रक्रिया को भी डिजिटल बनाने का निर्देश दिया गया है।
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विद्यार्थी ई-मेल के माध्यम से असाइनमेंट भेजना और अध्ययन सामग्री प्राप्त करना सीखेंगे। विभाग के निर्देश पर स्कूलों में स्मार्ट क्लास और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे कठिन विषयों को आसान तरीके से समझाया जा सकेगा और छात्रों की पढ़ाई में रुचि भी बढ़ेगी।
विभाग की ओर से विद्यालय प्रशासन को कहा गया है कि वे छात्रों को ई-मेल के उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दें, जिससे वे डिजिटल माध्यम को सहजता से अपना सकें। विद्यार्थी शिक्षकों से सीधे ऑनलाइन संवाद करना भी सीखेंगे। यह पहल विद्यार्थियों में तकनीकी दक्षता विकसित करेगी। यह दक्षता उनके भविष्य के करियर के लिए लाभकारी साबित होगी।
इस डिजिटल पहल का मुख्य उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना है। तकनीक के माध्यम से पढ़ाई को प्रभावी बनाया जाएगा। इससे विद्यार्थियों में आत्मनिर्भरता और नवाचार की सोच भी विकसित होगी।
जिला विद्यालय निरीक्षक गौतम प्रसाद का कहना है कि डिजिटल साक्षरता के जरिए शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। विद्यार्थियों में आत्मनिर्भरता और नवाचार की सोच भी विकसित होगी। छात्र-छात्राओं को ई-मेल के उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण देने के लिए जिले के सभी माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
जिले में 17 राजकीय माध्यमिक, 67 सहायता प्राप्त और 436 वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। नई व्यवस्था के तहत सभी पंजीकृत छात्र-छात्राओं की ई-मेल आईडी बनाना अनिवार्य कर दिया गया है।
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यह कदम पढ़ाई को तकनीक से जोड़ने और ऑनलाइन शैक्षिक गतिविधियों में शामिल करने के उद्देश्य से उठाया गया है। माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से विद्यालयों में नियमित पठन-पाठन के साथ-साथ गृहकार्य, पाठ्यक्रम और मूल्यांकन प्रक्रिया को भी डिजिटल बनाने का निर्देश दिया गया है।
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विभाग की ओर से विद्यालय प्रशासन को कहा गया है कि वे छात्रों को ई-मेल के उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दें, जिससे वे डिजिटल माध्यम को सहजता से अपना सकें। विद्यार्थी शिक्षकों से सीधे ऑनलाइन संवाद करना भी सीखेंगे। यह पहल विद्यार्थियों में तकनीकी दक्षता विकसित करेगी। यह दक्षता उनके भविष्य के करियर के लिए लाभकारी साबित होगी।
इस डिजिटल पहल का मुख्य उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना है। तकनीक के माध्यम से पढ़ाई को प्रभावी बनाया जाएगा। इससे विद्यार्थियों में आत्मनिर्भरता और नवाचार की सोच भी विकसित होगी।
जिला विद्यालय निरीक्षक गौतम प्रसाद का कहना है कि डिजिटल साक्षरता के जरिए शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। विद्यार्थियों में आत्मनिर्भरता और नवाचार की सोच भी विकसित होगी। छात्र-छात्राओं को ई-मेल के उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण देने के लिए जिले के सभी माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।