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Mau News: 24 साल बाद भी विशेषज्ञ डॉक्टरों की नहीं हो सकी तैनाती
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जिले के हाईवे पर बने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में सड़क हादसों में घायलों को उपचार का निर्देश है लेकिन इन स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती नहीं हो सकी है। सीएचसी में यह समस्या बीते 24 वर्ष से हैं।
मुख्य मार्ग होने के चलते इस सीएचसी के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में हर दिन चार से पांच सड़क हादसे होते हैं, जहां इन घायलों को प्राथमिक उपचार कर उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है।
वहीं घायलों के बाद विशेषज्ञ डॉक्टर न होने से महिलाओं और बच्चों को हो रही हैं, जिन्हें बेहतर उपचार के लिए 30 किमी दूर जिला मुख्यालय स्थित जिला अस्पताल या निजी अस्पताल जाने को बाध्य होना पड़ता है।
मुहम्मदाबाद गोहना ब्लाक में 83 गांवों के करीब पांच लाख की आबादी के लिए मुहम्मदाबाद गोहना कस्बा में तीस बेड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर 2002 में इसकी स्थापना हुई थी।
बेहतर सेवा के लिए शासन से जनरल सर्जन, फिजिशियन ,बाल रोग विशेषज्ञ, एनेस्थीसिया, महिला रोग विशेषज्ञ सहित छह चिकित्सकों का पद स्वीकृत हुआ था।
यहां तैनात छह एमबीबीएस चिकित्सकों के सहारे संचालित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर बुखार, खांसी, मलेरिया टाइफाइड और कुछ हद तक टीबी से ग्रसित मरीज ही इलाज के लिए आते हैं।
इसमें सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और बच्चों को होती हैं, उन्हें उपचार या तो सामान्य चिकित्सक से कराने को मजबूर होते हैं या उन्हें निजी अस्पताल जाना पड़ता है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के चलते अस्पताल में एक्सरे और पैथोलॉजी के नाम पर एक्सरे मशीन और लैब की सुविधा होने के बाद भी इसका लाभ मरीजों को नहीं मिल पाता है।
कोट
अस्पताल में एमडी फिजिशियन, जनरल सर्जन, बाल रोग विशेषज्ञ, एनेस्थीसिया, महिला सर्जन सहित 6 पद स्वीकृत हैं, लेकिन महिला रोग विशेषज्ञ को छोड़कर अभी अन्य किसी चिकित्सक की तैनाती नहीं है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ शासन में भी मांग पत्र भेजा गया है। -डॉॅ. राम बदन, अधीक्षक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, मुहम्मदाबाद गोहना, मऊ।
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मुख्य मार्ग होने के चलते इस सीएचसी के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में हर दिन चार से पांच सड़क हादसे होते हैं, जहां इन घायलों को प्राथमिक उपचार कर उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है।
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वहीं घायलों के बाद विशेषज्ञ डॉक्टर न होने से महिलाओं और बच्चों को हो रही हैं, जिन्हें बेहतर उपचार के लिए 30 किमी दूर जिला मुख्यालय स्थित जिला अस्पताल या निजी अस्पताल जाने को बाध्य होना पड़ता है।
मुहम्मदाबाद गोहना ब्लाक में 83 गांवों के करीब पांच लाख की आबादी के लिए मुहम्मदाबाद गोहना कस्बा में तीस बेड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर 2002 में इसकी स्थापना हुई थी।
बेहतर सेवा के लिए शासन से जनरल सर्जन, फिजिशियन ,बाल रोग विशेषज्ञ, एनेस्थीसिया, महिला रोग विशेषज्ञ सहित छह चिकित्सकों का पद स्वीकृत हुआ था।
यहां तैनात छह एमबीबीएस चिकित्सकों के सहारे संचालित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर बुखार, खांसी, मलेरिया टाइफाइड और कुछ हद तक टीबी से ग्रसित मरीज ही इलाज के लिए आते हैं।
इसमें सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और बच्चों को होती हैं, उन्हें उपचार या तो सामान्य चिकित्सक से कराने को मजबूर होते हैं या उन्हें निजी अस्पताल जाना पड़ता है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के चलते अस्पताल में एक्सरे और पैथोलॉजी के नाम पर एक्सरे मशीन और लैब की सुविधा होने के बाद भी इसका लाभ मरीजों को नहीं मिल पाता है।
कोट
अस्पताल में एमडी फिजिशियन, जनरल सर्जन, बाल रोग विशेषज्ञ, एनेस्थीसिया, महिला सर्जन सहित 6 पद स्वीकृत हैं, लेकिन महिला रोग विशेषज्ञ को छोड़कर अभी अन्य किसी चिकित्सक की तैनाती नहीं है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ शासन में भी मांग पत्र भेजा गया है। -डॉॅ. राम बदन, अधीक्षक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, मुहम्मदाबाद गोहना, मऊ।