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Mau News: मल्टीलेवल पार्किंग के लिए जगह चिह्नित कर डीपीआर बनाना भूले, 14 महीने में 27 हजार का नो पार्किग में चालान
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नगर के सहादतपुरा अलीबिल्डिंग के बाहर लबे सड़क खड़ी बाइकें।संवाद
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नगर पालिका के जिम्मेदारों की उदासीनता के कारण नगरवासियों को समस्या झेलनी पड़ रही है। शहर के आठ मुख्य बाजारों में किसी में भी पार्किंग की उचित व्यवस्था नहीं है। ऐसे में शहरवासी अपने वाहनों को सड़क पर खड़ा कर खरीदारी करने को मजबूर हैं।
दूसरी ओर यातायात विभाग द्वारा नो पार्किंग क्षेत्र में इन वाहनों का चालान किया जा रहा है। बीते 14 माह में 27 हजार वाहनों का नो पार्किंग में चालान किया गया। इनमें करीब 70 प्रतिशत चालान मऊ नगर में हुए हैं।
एक साल से अधिक समय पहले नगर पालिका ने ब्रह्मस्थान बस स्टैंड के पास मल्टीलेवल पार्किंग के लिए जमीन चिह्नित की थी, लेकिन अभी तक निर्माण नहीं हो सका है। अब जिम्मेदारों ने संबंधित कार्यदायी संस्था सीएनडीएस को डीपीआर बनाने का प्रस्ताव भेजा है।
यातायात पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, इस माह में 1,732 वाहनों का, फरवरी में 2,899 और जनवरी में 6,214 वाहनों का चालान किया गया। वर्ष 2025 में कुल 21,595 वाहनों का नो पार्किंग चालान कट चुका है।
सबसे अधिक चालान आजमगढ़ मोड़, गाजीपुर तिराहा, रोडवेज और अली बिल्डिंग बाजार के सामने हुआ। गाजीपुर तिराहा से लेकर आजमगढ़ मोड़ तक बने शॉपिंग मॉल में अधिकांश में पार्किंग की सुविधा नहीं है।
बैंक प्रतिष्ठानों के पास भी खुद की पार्किंग नहीं है। इस कारण सदर बाजार, चौक, रौजा, आजमगढ़ मोड़, गाजीपुर तिराहा, रोडवेज, भीटी, मिर्जाहादीपुरा तिराहा सहित अन्य बाजारों में वाहन चालक सड़क किनारे अपने वाहनों को खड़ा करने को मजबूर हैं।
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कागजों पर अंडरग्राउंड पार्किंग, हकीकत में दुकानें
नगर में नगरपालिका की ओर से कई सालों से स्थाई पार्किंग की योजना केवल कागजों तक सीमित है। अस्थाई व्यवस्था के लिए जमीन चिन्हित करने के बाद भी ठोस कदम नहीं उठाए जा सके हैं। करीब साढ़े तीन लाख की आबादी वाले नगर में दर्जनों सुपरमार्केट, बड़े शोरूम और बड़ी-बड़ी दुकानें हैं, लेकिन इनमें कहीं भी पार्किंग की उचित सुविधा नहीं है। कई शॉपिंग मॉल और प्रतिष्ठान कागजों में अंडरग्राउंड पार्किंग का दावा करते हैं, लेकिन हकीकत में उनकी बेसमेंट में दुकानें चल रही हैं।
लोग बोले- पार्किंग की सुविधा जरूरी
समाजसेवी छोटेलाल गांधी, किसान नेता देवप्रकाश राय, शिक्षक कुंजबिहारी गुप्ता, युवा मधु पांडेय, अधिवक्ता अखंड प्रताप सिंह और युवा ओमकार सिंह ने बताया कि नगर में पार्किंग की सुविधा न होने से लोग जाम की समस्या से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जाम का कारण बनने वाले वाहनों का चालान करना जरूरी है, लेकिन उतना ही जरूरी है कि बाजार के विकसित होने पर पार्किंग की सुविधा मुहैया कराई जाए। पार्किंग की सुविधा पहले से होनी चाहिए। मुख्य स्थानों पर पार्किंग की सुविधा बनने के बाद ही पुलिस को चालान काटने की कार्रवाई शुरू करनी चाहिए।
जमीन चिह्नित हो चुकी हैं, कार्यदायी संस्था सीएनडीएस द्वारा डीपीआर नहीं भेजने के चलते इसका प्रस्ताव शासन को नहीं भेजा जा सका है, जल्द ही डीपीआर भेजा जाएगा। - दिनेश कुमार, ईओ नगर पालिका मऊ
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दूसरी ओर यातायात विभाग द्वारा नो पार्किंग क्षेत्र में इन वाहनों का चालान किया जा रहा है। बीते 14 माह में 27 हजार वाहनों का नो पार्किंग में चालान किया गया। इनमें करीब 70 प्रतिशत चालान मऊ नगर में हुए हैं।
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एक साल से अधिक समय पहले नगर पालिका ने ब्रह्मस्थान बस स्टैंड के पास मल्टीलेवल पार्किंग के लिए जमीन चिह्नित की थी, लेकिन अभी तक निर्माण नहीं हो सका है। अब जिम्मेदारों ने संबंधित कार्यदायी संस्था सीएनडीएस को डीपीआर बनाने का प्रस्ताव भेजा है।
यातायात पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, इस माह में 1,732 वाहनों का, फरवरी में 2,899 और जनवरी में 6,214 वाहनों का चालान किया गया। वर्ष 2025 में कुल 21,595 वाहनों का नो पार्किंग चालान कट चुका है।
सबसे अधिक चालान आजमगढ़ मोड़, गाजीपुर तिराहा, रोडवेज और अली बिल्डिंग बाजार के सामने हुआ। गाजीपुर तिराहा से लेकर आजमगढ़ मोड़ तक बने शॉपिंग मॉल में अधिकांश में पार्किंग की सुविधा नहीं है।
बैंक प्रतिष्ठानों के पास भी खुद की पार्किंग नहीं है। इस कारण सदर बाजार, चौक, रौजा, आजमगढ़ मोड़, गाजीपुर तिराहा, रोडवेज, भीटी, मिर्जाहादीपुरा तिराहा सहित अन्य बाजारों में वाहन चालक सड़क किनारे अपने वाहनों को खड़ा करने को मजबूर हैं।
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कागजों पर अंडरग्राउंड पार्किंग, हकीकत में दुकानें
नगर में नगरपालिका की ओर से कई सालों से स्थाई पार्किंग की योजना केवल कागजों तक सीमित है। अस्थाई व्यवस्था के लिए जमीन चिन्हित करने के बाद भी ठोस कदम नहीं उठाए जा सके हैं। करीब साढ़े तीन लाख की आबादी वाले नगर में दर्जनों सुपरमार्केट, बड़े शोरूम और बड़ी-बड़ी दुकानें हैं, लेकिन इनमें कहीं भी पार्किंग की उचित सुविधा नहीं है। कई शॉपिंग मॉल और प्रतिष्ठान कागजों में अंडरग्राउंड पार्किंग का दावा करते हैं, लेकिन हकीकत में उनकी बेसमेंट में दुकानें चल रही हैं।
लोग बोले- पार्किंग की सुविधा जरूरी
समाजसेवी छोटेलाल गांधी, किसान नेता देवप्रकाश राय, शिक्षक कुंजबिहारी गुप्ता, युवा मधु पांडेय, अधिवक्ता अखंड प्रताप सिंह और युवा ओमकार सिंह ने बताया कि नगर में पार्किंग की सुविधा न होने से लोग जाम की समस्या से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जाम का कारण बनने वाले वाहनों का चालान करना जरूरी है, लेकिन उतना ही जरूरी है कि बाजार के विकसित होने पर पार्किंग की सुविधा मुहैया कराई जाए। पार्किंग की सुविधा पहले से होनी चाहिए। मुख्य स्थानों पर पार्किंग की सुविधा बनने के बाद ही पुलिस को चालान काटने की कार्रवाई शुरू करनी चाहिए।
जमीन चिह्नित हो चुकी हैं, कार्यदायी संस्था सीएनडीएस द्वारा डीपीआर नहीं भेजने के चलते इसका प्रस्ताव शासन को नहीं भेजा जा सका है, जल्द ही डीपीआर भेजा जाएगा। - दिनेश कुमार, ईओ नगर पालिका मऊ

नगर के सहादतपुरा अलीबिल्डिंग के बाहर लबे सड़क खड़ी बाइकें।संवाद