ये कैसी व्यवस्था: यूपी के इस जिले में 60 दमकलकर्मियों पर 26 लाख की आबादी को बचाने की जिम्मेदारी, वाहन भी कम
Mau News: मऊ जिले में 60 दमकलकर्मियों पर 26 लाख की आबादी को बचाने की जिम्मेदारी है। इतना ही नहीं जिले में दमकल वाहन भी कम हैं। वहीं बहुमंजिला इमारतों में आग से बचाव के लिए हाइड्रोलिक गाड़ियां नहीं हैं।
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नगर में लगाए गए 12 हाइड्रेंट भी बेकार हो गए। गाजीपुर तिराह, आजमगढ़ मोड़ और मुंशी कूड़ा पुल सहित अन्य जगहों पर लगाए गए हाइड्रेंट सड़क चौड़ीकरण की जद में आ गए। सिर्फ शहर कोतवाली और घोसी तहसील परिसर में लगाए गए हाइड्रेंट काम कर रहे हैं।
आग लगने पर दमकलकर्मियों को आसानी से पानी नहीं मिल पाता है। पानी भरने के लिए तालाब या नहर का सहारा लेना पड़ता है, तब तक आग विकराल रूप धारण कर लेती है। हाइड्रेंट के लिए विभागीय अधिकारी बड़ी इमारतों और निजी अस्पतालों में लगे हाइड्रेंट पर निर्भर रहते हैं।
घोसी तहसील परिसर में एक हाइड्रेंट लगा है लेकिन वहां दिनभर भीड़ रहती है। आग लगने पर दमकल विभाग की टीम को वहां से पानी लेने में मशक्कत करनी पड़ती है। मार्च में ही आग लगने की पांच घटनाएं सामने आईं : अब गेहूं की कटाई और मड़ाई शुरू होगी। गर्मी में बिजली के तारों में शॉर्ट-सर्किट और तार गिरने की समस्या भी बढ़ती है। इस बीच आग लगने घटनाएं बढ़ जाती हैं। मार्च में ही पांच जगहों पर आग लगने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
दो तहसील क्षेत्र में प्रशासनिक और आवासीय भवन बने
घोसी तहसील के अमिला में 9 करोड़, मधुबन तहसील के कटघराशंकर में 10 करोड़ से प्रशासनिक और आवासीय भवन बनवाए गए हैं। मुहम्मदाबाद गोहना तहसील के चालिसवां में 2.07 करोड़ रुपये से प्रशासनिक भवन बना है। आवासीय भवन के लिए शासन से बात चल रही है।