मऊ। अपने 35 वर्ष की आयु में गृहस्थ जीवन से आध्यात्मिक त्याग पूर्ण जीवन की ओर कदम बढ़ाने वाली 80 वर्षीय बीके गोमा दीदी का जीवन समाज के लिए त्याग, तपस्या और निस्वार्थ प्रेम का स्वरूप रहा है। उनका समर्पणमय जीवन बेमिसाल उदाहरण और नारी शक्ति का उदाहरण रहा। अपने परिवार के साथ अनेक लोगों को आध्यात्मिक जीवन की राह दिखाने वाली बीके गोमा दीदी ने आज के हिसाब से 80 करोड़ से ज्यादा की चल अचल संपत्ति आध्यात्मिक और सामाजिक सेवा के लिए निस्वार्थ भाव से संस्था को समर्पित कर दी। ये बातें ब्रह्माकुमारी पूर्वी उप्र और पश्चिम नेपाल की प्रभारी परिणीता दीदी ने कही। वह मऊ के मोहम्मदाबाद गोहना स्थित ब्रह्माकुमारीज शाखा प्रभारी गोमा दीदी के देहातीत होने के 13वें दिवस पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित कर रही थीं। पुरानी तहसील स्थित एक पैलेस में रविवार को आयोजित श्रद्धांजलि सभा में उप्र के विभिन्न जिलों के साथ नेपाल से आई हुई करीब 200 शाखा प्रभारी बहनों के साथ सोमा दीदी, रंजना दीदी, नेपाल से सावित्री दीदी, शांति दीदी, राधिका दीदी, नौतनवा से विष्णु दीदी, लक्ष्मी दीदी, डाॅ. एससी तिवारी, डाॅ. गंगा सागर सिंह, डाॅ. एपी जायसवाल, डाॅ. संजय सिंह आदि सैकड़ों लोग मौजूद रहे।