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Mau News: कोल्ड रूम में होगा लू के मरीजों का उपचार, 46 बेड संरक्षित, अलर्ट मोड पर रहेंगी एंबुलेंस
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गर्मी के बढ़ते प्रकोप और लू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां जोरों पर हैं। शासन के निर्देश पर जिला अस्पताल और सभी सीएचसी पर कुल 46 बेड संरक्षित कर लिए गए हैं।
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में छह बेड का कोल्ड रूम बनाया गया है, जबकि सभी सीएचसी पर दो-दो बेड संरक्षित किए गए हैं। यहां हीट स्ट्रोक के मरीजों को भर्ती कर उपचार किया जाएगा।
हीट स्ट्रोक से ग्रसित मरीजों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस को भी अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए एंबुलेंस के ईएमटी और पायलट को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है। ऐसे मामलों की सूचना मिलने पर एंबुलेंस कर्मियों को प्राथमिकता के आधार पर मरीज को जल्द स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचाना होगा।
जनपद में इस समय पारा 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है। शासन की तरफ से लू और हीट वेव से बचाव के लिए जिला अस्पताल में हीट स्ट्रोक मैनेजमेंट रूम को सक्रिय करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत छह बेड का कोल्ड रूम बनाया गया है।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि कोल्ड रूम के साथ अन्य सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध करा दिए गए हैं। ऐसे मरीजों के आने पर उन्हें इसी वार्ड में भर्ती कर उपचार किया जाएगा। हीट स्ट्रोक कक्ष में कूलिंग बेड, एयर कंडीशनर, पंखे, बर्फ के पैक और ठंडे पानी की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। ओरल रिहाइड्रेशन साल्ट कॉर्नर स्थापित किया गया है और जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है।
सभी डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को हीट स्ट्रोक प्रबंधन के लिए प्रशिक्षित किया गया है। हालांकि जनपद में अभी तक हीट स्ट्रोक का कोई मामला सामने नहीं आया है। जिला अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों में बने कोल्ड रूम में फिलहाल कोई मरीज भर्ती नहीं है।
शासन के निर्देश पर जिला अस्पताल और सीएचसी पर हीट स्ट्रोक मैनेजमेंट रूम बना दिया गया है। जिला अस्पताल में छह बेड और सीएचसी पर दो-दो बेड सहित कुल 46 बेड संरक्षित किए गए हैं। एंबुलेंस को ऐसे मामलों में मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाना है। सभी कोल्ड रूम में आवश्यक संसाधनों को सक्रिय कर दिया गया है और उनकी नियमित मॉनिटरिंग हो रही है। -डॉ. संजय गुप्ता, सीएमओ, मऊ
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जिला अस्पताल की इमरजेंसी में छह बेड का कोल्ड रूम बनाया गया है, जबकि सभी सीएचसी पर दो-दो बेड संरक्षित किए गए हैं। यहां हीट स्ट्रोक के मरीजों को भर्ती कर उपचार किया जाएगा।
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हीट स्ट्रोक से ग्रसित मरीजों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस को भी अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए एंबुलेंस के ईएमटी और पायलट को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है। ऐसे मामलों की सूचना मिलने पर एंबुलेंस कर्मियों को प्राथमिकता के आधार पर मरीज को जल्द स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचाना होगा।
जनपद में इस समय पारा 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है। शासन की तरफ से लू और हीट वेव से बचाव के लिए जिला अस्पताल में हीट स्ट्रोक मैनेजमेंट रूम को सक्रिय करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत छह बेड का कोल्ड रूम बनाया गया है।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि कोल्ड रूम के साथ अन्य सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध करा दिए गए हैं। ऐसे मरीजों के आने पर उन्हें इसी वार्ड में भर्ती कर उपचार किया जाएगा। हीट स्ट्रोक कक्ष में कूलिंग बेड, एयर कंडीशनर, पंखे, बर्फ के पैक और ठंडे पानी की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। ओरल रिहाइड्रेशन साल्ट कॉर्नर स्थापित किया गया है और जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है।
सभी डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को हीट स्ट्रोक प्रबंधन के लिए प्रशिक्षित किया गया है। हालांकि जनपद में अभी तक हीट स्ट्रोक का कोई मामला सामने नहीं आया है। जिला अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों में बने कोल्ड रूम में फिलहाल कोई मरीज भर्ती नहीं है।
शासन के निर्देश पर जिला अस्पताल और सीएचसी पर हीट स्ट्रोक मैनेजमेंट रूम बना दिया गया है। जिला अस्पताल में छह बेड और सीएचसी पर दो-दो बेड सहित कुल 46 बेड संरक्षित किए गए हैं। एंबुलेंस को ऐसे मामलों में मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाना है। सभी कोल्ड रूम में आवश्यक संसाधनों को सक्रिय कर दिया गया है और उनकी नियमित मॉनिटरिंग हो रही है। -डॉ. संजय गुप्ता, सीएमओ, मऊ

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