UP: होम्योपैथिक डॉक्टर ने रची थी डायलिसिस मशीन लूटकांड की साजिश, गाजीपुर में बेचते; 48 घंटे में दो अरेस्ट
UP Crime: मऊ में डायलीसिस मशीन लूटकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया। होम्योपैथिक डॉक्टर ने साजिश रची थी। गाजीपुर में मशीन बेचने की जुगत में आरोपी थे। मुखबिर की सूचना पर मतलुपूर ओवरब्रिज के पास से पुलिस ने दो शातिरों को धर दबोचा।
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Mau News: मऊ के दक्षिणटोला थाना क्षेत्र के हकीकतपुरा स्थित एक निजी अस्पताल से बीते बृहस्पतिवार की रात को एक स्वास्थ्यकर्मी को बंधक चार डायलिसिस मशीन के लूट का खुलासा पुलिस ने रविवार को किया। पुलिस ने इस लूटकांड में शामिल लखनऊ के एक होम्योपैथिक डॉक्टर के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि वांछित पांच लोगों की तलाश अब भी पुलिस कर रही है।
यह लूट को मुख्य आरोपी ने आर्थिक तंगी के चलते इसे अंजाम दिया। इस घटना से पहले आरोपियों के संपर्क में रहे एक आरोपी ने खराबी आने पर मशीन की मरम्मत की थी, जिससे उन्हें अस्पताल के बारे में पूरी जानकारी होने पर इन लोगों ने डायलिसिस मरीज बनकर आधी रात को घटना को अंजाम दिया था।
एएसपी अनूप कुमार ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिलने पर हकीकतपुरा स्थित अस्पताल से डायलिसिस चोरी के मामले में पुलिस को सूचना मिली कि दो लोग चोरी के डायलिलिस मशीन को लेकर शनिवार की देर रात बारह बजे मतलूपुर ओवरब्रिज के पास से गाजीपुर निकलने वाले है।
पुलिस ने की कार्रवाई
सूचना पर पहुंची पुलिस की दो टीमों ने घेराबंदी की, इस बीच एक पिकप वाहन मुहम्मदाबाद गोहना की तरफ से आकर गाजीपुर की तरफ सर्विस रोड पर चढ़ा कि सर्विस रोड के आखिरी छोर पर पहुंचने से कुछ दूर पहले ही पुलिस टीम द्वारा रोकने का प्रयास किया गया।
इस बीच, पुलिस को देखकर पिकप चला रहे व्यक्ति द्वारा सामने पुलिस बल को देखकर पिकप को पीछे मोड़कर भागना चाहा की जगह कम होने के कारण फस गया कि सभी पुलिस टीम द्वारा एकबारगी घेरघार कर पिकप को रोक लिया गया। जहां तलाशी में पुलिस टीम ने चार डायलिसिस मशीन को बरामद किया।
पकड़ने वालों को मिला सम्मान
पकड़े गए दोनों की पहचान डॉ. अमरनाथ दीक्षित निवासी 4/525 विभव खण्ड थाना गोमतीनगर कमिश्नरेट लखनऊ जबकि राजकुमार निवासी कठौता वास्तु खण्ड थाना गोमतीनगर जनपद के रूप में हुई। आरोपी अमरनाथ ने पुलिस को बताया कि वह लखनऊ में कई अस्पतालो का मैनेजमेंट देखता है तथा लोन भी लिया था और काफी आर्थिक तंगी से जूझ रहा था।
इस बीच, उसको एक टेक्निशियन जिसका नाम विशेष यादव उसने बताया की मऊ में आजमी हॉस्पिटल में डायलसिस मशीने रखी गयी है, उसको चुराकर बेचा जा सकता है। जिसके बाद उसने अपने साथी सुमित गौतम, विशेष यादव, अंश, पंडित, बबुआ और अन्य के साथ योजना बनाकर बीते बृहस्पतिवार की देर रात करीब डेढ़ बजे डायलिसिस मरीज बनकर पहुंचे और स्वास्थ्यकर्मी को बंधक बनाकर यह मशीनों को लेकर लखनऊ चले गए।
यहां लखनऊ में पकड़े जाने के डर से डायलसिस मशीनों को पूर्वांचल में ही बेचने के लिए लखनऊ से लेकर गाजीपुर की तरफ जा रहे थे। एसपी ने इस मामले में एसपी डॉ. इलामारन जी. ने गिरफ्तारी करने वाली टीम को 15 हजार रुपये नकदी के पुरस्कार से सम्मानित किया।
