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Mau News: ओवरब्रिज की उम्मीदों पर विराम, 25.91 करोड़ से बनेगा डबल संरचना का अंडरपास
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घोसी तहसील के अमिला स्थित बाबा थानीदास मोड़ के पास वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन पर लंबे समय से ओवरब्रिज की मांग कर रहे व्यापारियों और स्थानीय लोगों की उम्मीदों को झटका लगा है।
प्रदेश सरकार ने यहां 25.91 करोड़ रुपये की लागत से दो-भागीय (डबल संरचना) अंडरपास निर्माण को औपचारिक मंजूरी दे दी है। इसकी जानकारी प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने बीते बुधवार को अपने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से साझा की थी।
बीते करीब तीन वर्षों से स्थानीय व्यापारी, किसान और विभिन्न सामाजिक संगठन इस स्थान पर अंडरपास के बजाय फ्लाईओवर (ओवरब्रिज) बनाए जाने की मांग करते रहे हैं। उनका कहना है कि बाबा थानीदास मोड़ अमिला का प्रमुख व्यावसायिक केंद्र है, जहां प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार को सैकड़ों वर्षों पुरानी साप्ताहिक बाजार लगती है।
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लोगों का मानना है कि ओवरब्रिज सुरक्षित यातायात और व्यापार, दोनों के लिए अधिक उपयोगी विकल्प होता। डबल संरचना अंडरपास के निर्माण में अधिक भूमि का उपयोग होगा, जिससे बाजार दो हिस्सों में बंटने की आशंका है।
इससे छोटे व्यापारियों के साथ-साथ साप्ताहिक बाजार की गतिविधियां भी प्रभावित हो सकती हैं। स्थानीय व्यापारी रमाकांत सिंह, डॉ. कमलेश सिंह, रामनवल मौर्य, महेंद्र सिंह, सुरेश सिंह और रामाश्रय सिंह ने कहा कि विभागीय सर्वे के दौरान लगभग 1100 मीटर लंबे फ्लाईओवर पर करीब 25 पिलर बनाए जाने की जानकारी दी गई थी।
उनका कहना है कि सरकार द्वारा अंडरपास को मंजूरी दिए जाने के बाद भी जनहित और स्थानीय आवश्यकताओं को देखते हुए इस निर्णय पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।
अमिला के बाबा थानीदास स्थित पटेल धर्मशाला के समीप 3 अप्रैल 2023 को जन संघर्ष समिति के तत्वावधान में ओमप्रकाश बागी और विवेक राय के नेतृत्व में अंडरपास व फ्लाईओवर बनाए जाने को लेकर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया था।
बोले व्यापारी-- -
हम लोगों ने शुरू से ओवरब्रिज की मांग की थी। अंडरपास बनने से बाजार दो हिस्सों में बंट जाएगा। इससे छोटे व्यापारियों और साप्ताहिक बाजार पर सीधा असर पड़ेगा। सरकार को स्थानीय व्यापारियों की बात पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। -रमाकांत सिंह, हार्डवेयर व्यवसायी
यह बाजार पूरे क्षेत्र के किसानों व व्यवसायियों का व्यापारिक केंद्र है। ओवरब्रिज बनने से बाजार की पहचान और व्यापार दोनों मजबूत होते। अंडरपास बनने से आवाजाही प्रभावित होने की आशंका है। -स्वतंत्र सिंह, स्थानीय किसान
सोमवार और शुक्रवार को लगने वाली साप्ताहिक बाजार में बड़ी संख्या में किसान और ग्राहक पहुंचते हैं। ओवरब्रिज बनने से सभी दिशाओं से आवागमन अधिक सुगम रहता, जिससे बाजार से अधिक लोग लाभान्वित होते। -प्रवीण सिंह, बीजेपी मंडल उपाध्यक्ष बड़राव
विभागीय सर्वे में लगभग 1100 मीटर लंबे फ्लाईओवर और 25 पिलरों की जानकारी दी गई थी। सरकार की मंजूरी के बाद भी जनता की समस्याओं और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इस निर्णय पर पुनर्विचार होना चाहिए। -शैलेन्द्र वर्मा, स्वर्ण व्यवसायी
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प्रदेश सरकार ने यहां 25.91 करोड़ रुपये की लागत से दो-भागीय (डबल संरचना) अंडरपास निर्माण को औपचारिक मंजूरी दे दी है। इसकी जानकारी प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने बीते बुधवार को अपने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से साझा की थी।
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बीते करीब तीन वर्षों से स्थानीय व्यापारी, किसान और विभिन्न सामाजिक संगठन इस स्थान पर अंडरपास के बजाय फ्लाईओवर (ओवरब्रिज) बनाए जाने की मांग करते रहे हैं। उनका कहना है कि बाबा थानीदास मोड़ अमिला का प्रमुख व्यावसायिक केंद्र है, जहां प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार को सैकड़ों वर्षों पुरानी साप्ताहिक बाजार लगती है।
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लोगों का मानना है कि ओवरब्रिज सुरक्षित यातायात और व्यापार, दोनों के लिए अधिक उपयोगी विकल्प होता। डबल संरचना अंडरपास के निर्माण में अधिक भूमि का उपयोग होगा, जिससे बाजार दो हिस्सों में बंटने की आशंका है।
इससे छोटे व्यापारियों के साथ-साथ साप्ताहिक बाजार की गतिविधियां भी प्रभावित हो सकती हैं। स्थानीय व्यापारी रमाकांत सिंह, डॉ. कमलेश सिंह, रामनवल मौर्य, महेंद्र सिंह, सुरेश सिंह और रामाश्रय सिंह ने कहा कि विभागीय सर्वे के दौरान लगभग 1100 मीटर लंबे फ्लाईओवर पर करीब 25 पिलर बनाए जाने की जानकारी दी गई थी।
उनका कहना है कि सरकार द्वारा अंडरपास को मंजूरी दिए जाने के बाद भी जनहित और स्थानीय आवश्यकताओं को देखते हुए इस निर्णय पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।
अमिला के बाबा थानीदास स्थित पटेल धर्मशाला के समीप 3 अप्रैल 2023 को जन संघर्ष समिति के तत्वावधान में ओमप्रकाश बागी और विवेक राय के नेतृत्व में अंडरपास व फ्लाईओवर बनाए जाने को लेकर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया था।
बोले व्यापारी
हम लोगों ने शुरू से ओवरब्रिज की मांग की थी। अंडरपास बनने से बाजार दो हिस्सों में बंट जाएगा। इससे छोटे व्यापारियों और साप्ताहिक बाजार पर सीधा असर पड़ेगा। सरकार को स्थानीय व्यापारियों की बात पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। -रमाकांत सिंह, हार्डवेयर व्यवसायी
यह बाजार पूरे क्षेत्र के किसानों व व्यवसायियों का व्यापारिक केंद्र है। ओवरब्रिज बनने से बाजार की पहचान और व्यापार दोनों मजबूत होते। अंडरपास बनने से आवाजाही प्रभावित होने की आशंका है। -स्वतंत्र सिंह, स्थानीय किसान
सोमवार और शुक्रवार को लगने वाली साप्ताहिक बाजार में बड़ी संख्या में किसान और ग्राहक पहुंचते हैं। ओवरब्रिज बनने से सभी दिशाओं से आवागमन अधिक सुगम रहता, जिससे बाजार से अधिक लोग लाभान्वित होते। -प्रवीण सिंह, बीजेपी मंडल उपाध्यक्ष बड़राव
विभागीय सर्वे में लगभग 1100 मीटर लंबे फ्लाईओवर और 25 पिलरों की जानकारी दी गई थी। सरकार की मंजूरी के बाद भी जनता की समस्याओं और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इस निर्णय पर पुनर्विचार होना चाहिए। -शैलेन्द्र वर्मा, स्वर्ण व्यवसायी