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Mau News: गैंगस्टर एक्ट में तीन दोषी, एक को सात और दो को पांच-पांच साल की सजा
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विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) अजय कुमार श्रीवास्तव ने गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में नामजद तीन आरोपियों को सुनवाई के बाद दोषी पाया।
दोषी पाए जाने के बाद शमिका यादव को सात वर्ष के कारावास के साथ 20 हजार रुपये तथा लक्ष्मण और कोतवाल को पांच-पांच वर्ष के कारावास के साथ 10-10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। मामला रानीपुर थाना क्षेत्र का है।
अभियोजन के अनुसार, तत्कालीन थानाध्यक्ष सुहेल अख्तर सिद्दीकी की तहरीर पर एफआईआर दर्ज की गई थी। इसमें रानीपुर थाना क्षेत्र के महासो निवासी शमिका यादव तथा कोतवाली मुहम्मदाबाद गोहना क्षेत्र के हालिमाबाद निवासी लक्ष्मण और कोतवाल को नामजद किया गया था।
पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। न्यायालय में अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक कृष्ण शरण सिंह ने गवाहों को पेश कर अभियोजन का पक्ष रखा। बचाव पक्ष ने कहा कि उन्हें झूठा फंसाया गया है।
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विशेष न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद शमिका यादव, लक्ष्मण और कोतवाल को गैंगस्टर एक्ट के मामले में दोषी पाया।
इसके बाद शमिका यादव को सात वर्ष के कारावास के साथ 20 हजार रुपये तथा लक्ष्मण और कोतवाल को पांच-पांच वर्ष के कारावास के साथ 10-10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। गवाहों को न्यायालय में पेश कराने में आरक्षी पैरोकार अनुराग तिवारी का विशेष योगदान रहा।
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दोषी पाए जाने के बाद शमिका यादव को सात वर्ष के कारावास के साथ 20 हजार रुपये तथा लक्ष्मण और कोतवाल को पांच-पांच वर्ष के कारावास के साथ 10-10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। मामला रानीपुर थाना क्षेत्र का है।
अभियोजन के अनुसार, तत्कालीन थानाध्यक्ष सुहेल अख्तर सिद्दीकी की तहरीर पर एफआईआर दर्ज की गई थी। इसमें रानीपुर थाना क्षेत्र के महासो निवासी शमिका यादव तथा कोतवाली मुहम्मदाबाद गोहना क्षेत्र के हालिमाबाद निवासी लक्ष्मण और कोतवाल को नामजद किया गया था।
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पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। न्यायालय में अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक कृष्ण शरण सिंह ने गवाहों को पेश कर अभियोजन का पक्ष रखा। बचाव पक्ष ने कहा कि उन्हें झूठा फंसाया गया है।
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विशेष न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद शमिका यादव, लक्ष्मण और कोतवाल को गैंगस्टर एक्ट के मामले में दोषी पाया।
इसके बाद शमिका यादव को सात वर्ष के कारावास के साथ 20 हजार रुपये तथा लक्ष्मण और कोतवाल को पांच-पांच वर्ष के कारावास के साथ 10-10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। गवाहों को न्यायालय में पेश कराने में आरक्षी पैरोकार अनुराग तिवारी का विशेष योगदान रहा।