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Mau News: पिछले साल जैसी ही रही जून की बारिश जुलाई में अब तक 11 मिमी बरसात हुई
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जिले में तापमान घटने-बढ़ने का क्रम जारी है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई। जून में 33.25 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि गत वर्ष 2025 में इसी माह 33 मिमी बारिश हुई थी।
वहीं, जुलाई माह में अब तक 11 मिमी बारिश दर्ज की गई है। हल्की धूप रही, लेकिन उमस से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
मौसम में बार-बार बदलाव होने से लोग विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। जुलाई माह के 10 दिन बीत गए, अब तक नाम मात्र बारिश हुई है। कम बारिश होने से किसानों को धान की रोपाई पिछड़ने की चिंता सताने लगी है।
शुक्रवार को तड़के से ही आसमान में घने बादल छाए रहे। सुबह लगभग नौ बजे हल्की धूप रही। मौसम सुहावना रहा। दोपहर बाद तक धूप-छांव होता रहा। हल्की धूप रहने से गर्मी कम रही, लेकिन उमस के चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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तापमान पर नजर डाली जाए तो शुक्रवार को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहा। आद्रता 77 प्रतिशत रही, जबकि 13 किमी की रफ्तार से हवा चल रही थी। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहा।
अगेती धान की नर्सरी तैयार हो गई है, लेकिन बारिश नाम मात्र होने से किसानों को धान की रोपाई पिछड़ने की चिंता सताने लगी है। जिन किसानों ने निजी संसाधनों से धान की रोपाई कराई है, सिंचाई के अभाव में धान की फसल मुरझाने लगी है।
जून में 33.25 मिमी, जुलाई माह में अब तक 11 मिमी बारिश रिकार्ड की गई है। गत वर्ष 2025 में जून माह में 33 मिमी बारिश रिकार्ड की गई थी।
इस संबंध में किसान श्रीराम मौर्य, राजेंद्र यादव, प्रेम सिंह, शिवनारायण यादव का कहना है कि निजी संसाधनों से रोपाई कराए जाने से खेती की लागत बढ़ रही है।
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वहीं, जुलाई माह में अब तक 11 मिमी बारिश दर्ज की गई है। हल्की धूप रही, लेकिन उमस से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
मौसम में बार-बार बदलाव होने से लोग विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। जुलाई माह के 10 दिन बीत गए, अब तक नाम मात्र बारिश हुई है। कम बारिश होने से किसानों को धान की रोपाई पिछड़ने की चिंता सताने लगी है।
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शुक्रवार को तड़के से ही आसमान में घने बादल छाए रहे। सुबह लगभग नौ बजे हल्की धूप रही। मौसम सुहावना रहा। दोपहर बाद तक धूप-छांव होता रहा। हल्की धूप रहने से गर्मी कम रही, लेकिन उमस के चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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तापमान पर नजर डाली जाए तो शुक्रवार को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहा। आद्रता 77 प्रतिशत रही, जबकि 13 किमी की रफ्तार से हवा चल रही थी। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहा।
अगेती धान की नर्सरी तैयार हो गई है, लेकिन बारिश नाम मात्र होने से किसानों को धान की रोपाई पिछड़ने की चिंता सताने लगी है। जिन किसानों ने निजी संसाधनों से धान की रोपाई कराई है, सिंचाई के अभाव में धान की फसल मुरझाने लगी है।
जून में 33.25 मिमी, जुलाई माह में अब तक 11 मिमी बारिश रिकार्ड की गई है। गत वर्ष 2025 में जून माह में 33 मिमी बारिश रिकार्ड की गई थी।
इस संबंध में किसान श्रीराम मौर्य, राजेंद्र यादव, प्रेम सिंह, शिवनारायण यादव का कहना है कि निजी संसाधनों से रोपाई कराए जाने से खेती की लागत बढ़ रही है।