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Mau News: सर्वे में हाईटेंशन तारों के नीचे 50 से अधिक जगहों पर घर और अस्पताल मिले
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नगर के सहादतपुरा स्थित मकान के उपर से गुजरा हाइटेंशन तार।संवाद
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विद्युत पारेषण खंड द्वारा जिले में एक सर्वे किया गया। इसमें जिले के दस 132 केवी उपकेंद्रों से गुजर रहे हाईटेंशन तारों के नीचे 50 से अधिक जगहों पर घर बने मिले हैं। विभाग का दावा है कि 27 मीटर के कॉरिडोर, जहां किसी तरह का निर्माण नहीं हो सकता, वहां भी अवैध निर्माण कर लिया गया है।
इसमें नगर क्षेत्र के 15 मुहल्ले शामिल हैं। वहीं, जिला प्रशासन ने इसकी जानकारी न होने की बात कही है। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें कई बड़े अस्पताल भी हैं, जो हाईटेंशन तारों के नीचे बने हुए हैं।
विद्युत पारेषण खंड के अधीक्षण अभियंता नरेश कुमार ने बताया कि विभाग ने हाईटेंशन तारों के नीचे बने घरों में किसी प्रकार की दुर्घटना न हो, इसके लिए निरीक्षण किया गया।
इस दौरान 132 केवी उपकेंद्र मऊ ओल्ड से बड़ागांव-1, मऊ ओल्ड-बरजला-घोसी, कसारा से बढुआ गोदाम, बढुआ गोदाम से होते हुए पिपराडीह रेलवे, मुहम्मदाबाद से होते हुए बड़ागांव की लाइन, मऊ ओल्ड से मऊ न्यू, मऊ ओल्ड-कसारा, हलधरपुर से होते हुए कसारा, कटघर महलू-दोहरीघाट लाइन, कटघर महलू लाइन के नीचे 50 से अधिक जगहों की जांच की गई।
यहां पाया गया कि इन उपकेंद्रों से निकली हाईटेंशन तारों का 27 मीटर का कॉरिडोर है, जहां भी घर बने हैं। ऐसे में यह नियम विरुद्ध है। इसकी जानकारी जिला प्रशासन को भेजी जा चुकी है।
उधर, इस संबंध में सिटी मजिस्ट्रेट रमेश बाबू ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है। उन्हें इस संबंध में कोई पत्र नहीं मिला है, लेकिन मामला गंभीर है और इसकी जानकारी लेकर जांच की जाएगी।
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नगर के पंद्रह मुहल्ले शामिल, कई अस्पताल भी हाईटेंशन तार के नीचे
सर्वे रिपोर्ट में नगर क्षेत्र के निजामुद्दीनपुरा, इमिलिया, चांदमारी, सहादतपुरा, पुलिस लाइन, भीटी, बलिया मोड़, सेल्फी प्वाइंट, डुमरांव, बढुआगोदाम, गालिबपुर, बकवल सहित अन्य मुहल्ले शामिल हैं। इसके अलावा कोपागंज, डांडी चट्टी, इटौरा, कसारा, इंदारा, अदारी, सुल्तानपुर, रघुनाथपुर, बिजोरा, पिपरीडीह, हलीमाबाद, कमालपुर, शेखमदपुर, करजोली, धर्मसीपुर, खुरहट, महासो, हाजीपुर, बड़ागांव, भवरेपुर, काझाकुर्दा, हकीकतपुरा, सलाहाबाद, बरलायी, भूपतनगर, रैनी, चकरा, मिश्रौली, भुवालपुर, परमानंद पट्टी, शाहपुर, मझौली, हलधरपुर, गोठा, कोरौली नगरिपार, गुरोली, मीरपुर, बीबीपुर, कसारा, मझवारा, सोनी, आलापुर, कुंडा, सिपाह आदि जगह शामिल हैं।
पतंग उड़ाने वालों पर नजर रख रहा है विभाग
अधीक्षण अभियंता नरेश कुमार ने बताया कि हाईटेंशन तारों के नीचे एवं कॉरिडोर में लोगों ने मकान/भवन का अवैध निर्माण कर लिया है। ऐसे में लाइन में फॉल्ट आने पर इन मकानों में रहने वाले लोगों को विद्युत दुर्घटना के कारण जान-माल का खतरा हो सकता है। उन्होंने बताया कि युवाओं से अपील की जा रही है कि लाइन के तारों से दूर रहें और आसपास पतंग उड़ाते समय चाइनीज मांझा या लोहे के बारीक तार का प्रयोग बिल्कुल न करें। इससे लाइनों में फॉल्ट और विद्युत दुर्घटना की प्रबल संभावना रहती है। ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
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इसमें नगर क्षेत्र के 15 मुहल्ले शामिल हैं। वहीं, जिला प्रशासन ने इसकी जानकारी न होने की बात कही है। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें कई बड़े अस्पताल भी हैं, जो हाईटेंशन तारों के नीचे बने हुए हैं।
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विद्युत पारेषण खंड के अधीक्षण अभियंता नरेश कुमार ने बताया कि विभाग ने हाईटेंशन तारों के नीचे बने घरों में किसी प्रकार की दुर्घटना न हो, इसके लिए निरीक्षण किया गया।
इस दौरान 132 केवी उपकेंद्र मऊ ओल्ड से बड़ागांव-1, मऊ ओल्ड-बरजला-घोसी, कसारा से बढुआ गोदाम, बढुआ गोदाम से होते हुए पिपराडीह रेलवे, मुहम्मदाबाद से होते हुए बड़ागांव की लाइन, मऊ ओल्ड से मऊ न्यू, मऊ ओल्ड-कसारा, हलधरपुर से होते हुए कसारा, कटघर महलू-दोहरीघाट लाइन, कटघर महलू लाइन के नीचे 50 से अधिक जगहों की जांच की गई।
यहां पाया गया कि इन उपकेंद्रों से निकली हाईटेंशन तारों का 27 मीटर का कॉरिडोर है, जहां भी घर बने हैं। ऐसे में यह नियम विरुद्ध है। इसकी जानकारी जिला प्रशासन को भेजी जा चुकी है।
उधर, इस संबंध में सिटी मजिस्ट्रेट रमेश बाबू ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है। उन्हें इस संबंध में कोई पत्र नहीं मिला है, लेकिन मामला गंभीर है और इसकी जानकारी लेकर जांच की जाएगी।
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नगर के पंद्रह मुहल्ले शामिल, कई अस्पताल भी हाईटेंशन तार के नीचे
सर्वे रिपोर्ट में नगर क्षेत्र के निजामुद्दीनपुरा, इमिलिया, चांदमारी, सहादतपुरा, पुलिस लाइन, भीटी, बलिया मोड़, सेल्फी प्वाइंट, डुमरांव, बढुआगोदाम, गालिबपुर, बकवल सहित अन्य मुहल्ले शामिल हैं। इसके अलावा कोपागंज, डांडी चट्टी, इटौरा, कसारा, इंदारा, अदारी, सुल्तानपुर, रघुनाथपुर, बिजोरा, पिपरीडीह, हलीमाबाद, कमालपुर, शेखमदपुर, करजोली, धर्मसीपुर, खुरहट, महासो, हाजीपुर, बड़ागांव, भवरेपुर, काझाकुर्दा, हकीकतपुरा, सलाहाबाद, बरलायी, भूपतनगर, रैनी, चकरा, मिश्रौली, भुवालपुर, परमानंद पट्टी, शाहपुर, मझौली, हलधरपुर, गोठा, कोरौली नगरिपार, गुरोली, मीरपुर, बीबीपुर, कसारा, मझवारा, सोनी, आलापुर, कुंडा, सिपाह आदि जगह शामिल हैं।
पतंग उड़ाने वालों पर नजर रख रहा है विभाग
अधीक्षण अभियंता नरेश कुमार ने बताया कि हाईटेंशन तारों के नीचे एवं कॉरिडोर में लोगों ने मकान/भवन का अवैध निर्माण कर लिया है। ऐसे में लाइन में फॉल्ट आने पर इन मकानों में रहने वाले लोगों को विद्युत दुर्घटना के कारण जान-माल का खतरा हो सकता है। उन्होंने बताया कि युवाओं से अपील की जा रही है कि लाइन के तारों से दूर रहें और आसपास पतंग उड़ाते समय चाइनीज मांझा या लोहे के बारीक तार का प्रयोग बिल्कुल न करें। इससे लाइनों में फॉल्ट और विद्युत दुर्घटना की प्रबल संभावना रहती है। ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

नगर के सहादतपुरा स्थित मकान के उपर से गुजरा हाइटेंशन तार।संवाद