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Mau News: मनमानी फीस वसूलने वालों पर लगेगा एक लाख का जुर्माना
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जिला प्रशासन ने नए शिक्षा सत्र के 25 दिन बाद निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम कसने के लिए ठोस कदम उठाया है। गत दिवस आयोजित जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक में अभिभावक की ओर से अतिरिक्त शुल्क वृद्धि की शिकायत करने पर संबंधित स्कूल को अतिरिक्त फीस लौटाने का निर्देश दिया है।
इसके साथ आदेश का पालन न करने की स्थिति पर स्कूल पर एक लाख का जुर्माना लगाने का निर्णय लिया गया है। बिना जिला शुल्क नियामक समिति के अनुमोदन के अब स्कूल ड्रेस कोड पांच साल में नहीं बदल सकेंगे।
बीते शनिवार को जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में हुई थी। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी अभिभावक की ओर से अतिरिक्त शुल्क वृद्धि की शिकायत की जाती है तो विद्यालय को अतिरिक्त वृद्धि किए गए शुल्क को वापस करना पड़ेगा।
यदि विद्यालय ने आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है तो 1 लाख रुपये का जुर्माना लगेगा। दूसरी बार उल्लंघन होता है तो अधिक शुल्क वापसी के साथ-साथ 5 लाख का अर्थदंड लगाया जाएगा। तीसरी बार उल्लंघन किए जाने पर विकास निधि की अनुमति वापस लिए जाने के साथ परिषद मान्यता संबद्धता समाप्त करने के लिए समिति संस्तुति कर सकती है।
विद्यालय प्रबंधन किसी भी बच्चे को किताब, ड्रेस, जूता मौजा के लिए किसी भी विशेष दुकान से लेने के लिए बाध्य नहीं कर सकेंगे। अधिकारियों से कहा कि जल्द ही सभी विद्यालय प्रबंधन के साथ बैठक कर शुल्क वृद्धि पुस्तकों की उपलब्धता ड्रेस के संबंध में आ रही शिकायतों का निस्तारण कराएं।
कहा कि समस्त विद्यालय प्रबंधन सत्र शुरू होने के 60 दिन पूर्व शुल्क का विवरण वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। सूचना पट्ट पर भी प्रदर्शित करना होगा। बैठक में चार्टर्ड अकाउंटेंट राकेश श्रीवास्तव, सौरभ सिंह सहायक अभियंता पीडब्लूडी, वरिष्ठ कोषाधिकारी संजय गुप्ता, जिला विद्यालय निरीक्षक गौतम प्रसाद, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष उपाध्याय उपस्थित रहे।
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इसके साथ आदेश का पालन न करने की स्थिति पर स्कूल पर एक लाख का जुर्माना लगाने का निर्णय लिया गया है। बिना जिला शुल्क नियामक समिति के अनुमोदन के अब स्कूल ड्रेस कोड पांच साल में नहीं बदल सकेंगे।
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बीते शनिवार को जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में हुई थी। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी अभिभावक की ओर से अतिरिक्त शुल्क वृद्धि की शिकायत की जाती है तो विद्यालय को अतिरिक्त वृद्धि किए गए शुल्क को वापस करना पड़ेगा।
यदि विद्यालय ने आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है तो 1 लाख रुपये का जुर्माना लगेगा। दूसरी बार उल्लंघन होता है तो अधिक शुल्क वापसी के साथ-साथ 5 लाख का अर्थदंड लगाया जाएगा। तीसरी बार उल्लंघन किए जाने पर विकास निधि की अनुमति वापस लिए जाने के साथ परिषद मान्यता संबद्धता समाप्त करने के लिए समिति संस्तुति कर सकती है।
विद्यालय प्रबंधन किसी भी बच्चे को किताब, ड्रेस, जूता मौजा के लिए किसी भी विशेष दुकान से लेने के लिए बाध्य नहीं कर सकेंगे। अधिकारियों से कहा कि जल्द ही सभी विद्यालय प्रबंधन के साथ बैठक कर शुल्क वृद्धि पुस्तकों की उपलब्धता ड्रेस के संबंध में आ रही शिकायतों का निस्तारण कराएं।
कहा कि समस्त विद्यालय प्रबंधन सत्र शुरू होने के 60 दिन पूर्व शुल्क का विवरण वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। सूचना पट्ट पर भी प्रदर्शित करना होगा। बैठक में चार्टर्ड अकाउंटेंट राकेश श्रीवास्तव, सौरभ सिंह सहायक अभियंता पीडब्लूडी, वरिष्ठ कोषाधिकारी संजय गुप्ता, जिला विद्यालय निरीक्षक गौतम प्रसाद, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष उपाध्याय उपस्थित रहे।

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