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Mau News: चलती ट्रेन से कूदकर बंदी के फरार होने के मामले में तीन पुलिसकर्मियों को एक-एक साल की सजा
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मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. कृष्ण प्रताप सिंह ने वाराणसी से पेशी पर देवरिया ले जाते समय चलती ट्रेन से कूदकर अभिरक्षा से बंदी के फरार होने के मामले में नामजद चार लोगों में से सुनवाई के बाद तीन पुलिसकर्मियों को दोषी पाया।
तीनों को एक-एक वर्ष के कारावास और 15-15 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। एक आरोपी सतीश जायसवाल की पत्रावली अलग कर दी गई थी। मामला थाना जीआरपी मऊ का है।
अभियोजन के अनुसार, रिजर्व पुलिस लाइन वाराणसी में तैनात तीन पुलिसकर्मियों की ड्यूटी सीजेएम न्यायालय देवरिया में पेशी के लिए लगी थी।
तीनों पुलिसकर्मी जिला कारागार वाराणसी से लूट और जालसाजी के मामले में आरोपी देवरिया जनपद के लार थाना क्षेत्र के लार चौक निवासी सतीश जायसवाल पुत्र लक्ष्मण को पेशी के लिए लेकर मंडुवाडीह स्टेशन (बनारस) से पैसेंजर ट्रेन से देवरिया जा रहे थे।
जब 30 मई 2012 को ट्रेन मऊ से चली और इंदारा के आउटर से पहले धीमी हुई, उसी दौरान आरोपी ने बाथरूम जाने की बात कही। आरोपी हाथ धोते समय हथकड़ी सरकाकर चलती ट्रेन से कूदकर फरार हो गया।
विवेचना के बाद देवरिया के लार थाना क्षेत्र के लार चौक निवासी सतीश जायसवाल पुत्र लक्ष्मण जायसवाल तथा रिजर्व पुलिस लाइन वाराणसी में तैनात आरक्षी सुदामा यादव, सुधाकर सिंह और सूबेदार सिंह यादव के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया।
न्यायालय में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए अभियोजन अधिकारी ने कुल छह गवाहों को प्रस्तुत कर अभियोजन का पक्ष रखा। बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि उन्हें झूठा फंसाया गया है।
सीजेएम ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी सिपाही सुदामा यादव, सुधाकर सिंह व सूबेदार सिंह यादव को दोषी पाया।
तीनों को एक-एक वर्ष की सजा के साथ 15-15 हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया। अर्थदंड अदा न करने पर एक-एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
एक सिपाही दो साल पहले हो चुका है सेवानिवृत्त, दो की प्रयागराज और फतेहपुर में तैनाती
चलती ट्रेन से बंदी के कूदकर फरार होने के मामले में सजा पाए तीन सिपाहियों में सुबेदार सिंह दो वर्ष पहले प्रतापगढ़ जिले से सेवानिवृत्त हो गए हैं। सुदामा सिंह की तैनाती पुलिस लाइन, प्रयागराज में कांस्टेबल पद पर है, जबकि सुधाकर सिंह फतेहपुर जिले में थरियांव थाने में कांस्टेबल पद पर तैनात हैं। चौथे आरोपी जिसकी पत्रावली अलग की गई, उसके बारे में जानकारी नहीं मिल सकी है।
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तीनों को एक-एक वर्ष के कारावास और 15-15 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। एक आरोपी सतीश जायसवाल की पत्रावली अलग कर दी गई थी। मामला थाना जीआरपी मऊ का है।
अभियोजन के अनुसार, रिजर्व पुलिस लाइन वाराणसी में तैनात तीन पुलिसकर्मियों की ड्यूटी सीजेएम न्यायालय देवरिया में पेशी के लिए लगी थी।
तीनों पुलिसकर्मी जिला कारागार वाराणसी से लूट और जालसाजी के मामले में आरोपी देवरिया जनपद के लार थाना क्षेत्र के लार चौक निवासी सतीश जायसवाल पुत्र लक्ष्मण को पेशी के लिए लेकर मंडुवाडीह स्टेशन (बनारस) से पैसेंजर ट्रेन से देवरिया जा रहे थे।
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जब 30 मई 2012 को ट्रेन मऊ से चली और इंदारा के आउटर से पहले धीमी हुई, उसी दौरान आरोपी ने बाथरूम जाने की बात कही। आरोपी हाथ धोते समय हथकड़ी सरकाकर चलती ट्रेन से कूदकर फरार हो गया।
विवेचना के बाद देवरिया के लार थाना क्षेत्र के लार चौक निवासी सतीश जायसवाल पुत्र लक्ष्मण जायसवाल तथा रिजर्व पुलिस लाइन वाराणसी में तैनात आरक्षी सुदामा यादव, सुधाकर सिंह और सूबेदार सिंह यादव के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया।
न्यायालय में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए अभियोजन अधिकारी ने कुल छह गवाहों को प्रस्तुत कर अभियोजन का पक्ष रखा। बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि उन्हें झूठा फंसाया गया है।
सीजेएम ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी सिपाही सुदामा यादव, सुधाकर सिंह व सूबेदार सिंह यादव को दोषी पाया।
तीनों को एक-एक वर्ष की सजा के साथ 15-15 हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया। अर्थदंड अदा न करने पर एक-एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
एक सिपाही दो साल पहले हो चुका है सेवानिवृत्त, दो की प्रयागराज और फतेहपुर में तैनाती
चलती ट्रेन से बंदी के कूदकर फरार होने के मामले में सजा पाए तीन सिपाहियों में सुबेदार सिंह दो वर्ष पहले प्रतापगढ़ जिले से सेवानिवृत्त हो गए हैं। सुदामा सिंह की तैनाती पुलिस लाइन, प्रयागराज में कांस्टेबल पद पर है, जबकि सुधाकर सिंह फतेहपुर जिले में थरियांव थाने में कांस्टेबल पद पर तैनात हैं। चौथे आरोपी जिसकी पत्रावली अलग की गई, उसके बारे में जानकारी नहीं मिल सकी है।

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