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Mau News: 19 करोड़ से बने दो फायर स्टेशन, मानक के अनुसार कर्मचारी और दमकल वाहन नहीं मिले
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अमिला में नौ करोड़ रुपये और मधुबन में 10 करोड़ रुपये की लागत से अग्निशमन विभाग के प्रशासनिक एवं आवासीय भवन करीब डेढ़ वर्ष पहले बनकर तैयार हुए। 19 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद मानक के अनुसार तैनाती के लिए विभाग को पर्याप्त कर्मचारी नहीं मिल पाए।
दोनों स्थानों पर 48 के सापेक्ष केवल 21 दमकलकर्मियों की तैनाती है, जिन पर 14 लाख की आबादी को आग से बचाने की जिम्मेदारी है। दमकल वाहन भी पर्याप्त नहीं हैं। चार तहसीलों में 16 के सापेक्ष केवल 11 दमकल वाहन हैं। बहुमंजिला इमारतों में आग से बचाव के लिए हाइड्रोलिक गाड़ियां भी उपलब्ध नहीं हैं।
मुख्य फायर स्टेशन सहित अन्य तीन तहसीलों में 61 दमकलकर्मी तैनात हैं। जिले में 10 के सापेक्ष केवल चार चालक तथा 73 के सापेक्ष 48 फायरमैन तैनात हैं। नियमानुसार अग्निशमन विभाग में चालकों के 10 पद स्वीकृत हैं, लेकिन केवल चार पर ही तैनाती है।
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फायरमैन के 73 पद स्वीकृत हैं, जबकि वर्तमान में 48 तैनात हैं। अग्निशमन द्वितीय अधिकारी के पांच पद स्वीकृत हैं, लेकिन केवल एक पर ही तैनाती है। बीते 28 फरवरी को एक अधिकारी सेवानिवृत्त हो गए। लीडिंग फायरमैन के 10 पद स्वीकृत हैं, जिनमें सात पर तैनाती है।
नियमानुसार एक फायर स्टेशन पर एक अग्निशमन द्वितीय अधिकारी, दो लीडिंग फायरमैन, दो चालक, 16 फायरमैन, एक एएसआईएम, एक कुक और एक सफाईकर्मी की तैनाती होनी चाहिए।
वर्तमान में मुख्य फायर स्टेशन पर 4,500 लीटर क्षमता के दो बड़े फायर टेंडर, 750 लीटर क्षमता का एक एक्सक्यूआरटी, एक वाटर मिस्ट, दो बोलेरो कैंपर (जिनमें पोर्टेबल पंप रखा जाता है, जिससे तालाब या नहर से पानी भरा जाता है) तथा एक फायर बुलेट उपलब्ध है।
मधुबन फायर स्टेशन पर 2,500 लीटर क्षमता का एक और 4,500 लीटर क्षमता का एक फायर टेंडर है। अमिला फायर स्टेशन पर 4,500 लीटर क्षमता का एक फायर टेंडर तथा एक बोलेरो कैंपर है। मुहम्मदाबाद गोहना फायर स्टेशन पर 4,500 लीटर क्षमता के दो फायर टेंडर हैं।
कोट-- -
वर्तमान में मानक के अनुसार जिले में पर्याप्त कर्मचारी नहीं हैं। अब तक इस तरह की कोई बड़ी घटना नहीं हुई, जिसमें उपलब्ध दमकल वाहन कम पड़े हों। यदि कर्मचारियों की और तैनाती होती तो कार्य करना और आसान होता। - के. वर्मा, सीएफओ, मऊ
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दोनों स्थानों पर 48 के सापेक्ष केवल 21 दमकलकर्मियों की तैनाती है, जिन पर 14 लाख की आबादी को आग से बचाने की जिम्मेदारी है। दमकल वाहन भी पर्याप्त नहीं हैं। चार तहसीलों में 16 के सापेक्ष केवल 11 दमकल वाहन हैं। बहुमंजिला इमारतों में आग से बचाव के लिए हाइड्रोलिक गाड़ियां भी उपलब्ध नहीं हैं।
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मुख्य फायर स्टेशन सहित अन्य तीन तहसीलों में 61 दमकलकर्मी तैनात हैं। जिले में 10 के सापेक्ष केवल चार चालक तथा 73 के सापेक्ष 48 फायरमैन तैनात हैं। नियमानुसार अग्निशमन विभाग में चालकों के 10 पद स्वीकृत हैं, लेकिन केवल चार पर ही तैनाती है।
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फायरमैन के 73 पद स्वीकृत हैं, जबकि वर्तमान में 48 तैनात हैं। अग्निशमन द्वितीय अधिकारी के पांच पद स्वीकृत हैं, लेकिन केवल एक पर ही तैनाती है। बीते 28 फरवरी को एक अधिकारी सेवानिवृत्त हो गए। लीडिंग फायरमैन के 10 पद स्वीकृत हैं, जिनमें सात पर तैनाती है।
नियमानुसार एक फायर स्टेशन पर एक अग्निशमन द्वितीय अधिकारी, दो लीडिंग फायरमैन, दो चालक, 16 फायरमैन, एक एएसआईएम, एक कुक और एक सफाईकर्मी की तैनाती होनी चाहिए।
वर्तमान में मुख्य फायर स्टेशन पर 4,500 लीटर क्षमता के दो बड़े फायर टेंडर, 750 लीटर क्षमता का एक एक्सक्यूआरटी, एक वाटर मिस्ट, दो बोलेरो कैंपर (जिनमें पोर्टेबल पंप रखा जाता है, जिससे तालाब या नहर से पानी भरा जाता है) तथा एक फायर बुलेट उपलब्ध है।
मधुबन फायर स्टेशन पर 2,500 लीटर क्षमता का एक और 4,500 लीटर क्षमता का एक फायर टेंडर है। अमिला फायर स्टेशन पर 4,500 लीटर क्षमता का एक फायर टेंडर तथा एक बोलेरो कैंपर है। मुहम्मदाबाद गोहना फायर स्टेशन पर 4,500 लीटर क्षमता के दो फायर टेंडर हैं।
कोट
वर्तमान में मानक के अनुसार जिले में पर्याप्त कर्मचारी नहीं हैं। अब तक इस तरह की कोई बड़ी घटना नहीं हुई, जिसमें उपलब्ध दमकल वाहन कम पड़े हों। यदि कर्मचारियों की और तैनाती होती तो कार्य करना और आसान होता। - के. वर्मा, सीएफओ, मऊ