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Mau News: मानसून आने में कुछ दिन बाकी, बाेल्डर मरम्मत का काम शुरू
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भारत माता मंदिर डोमराज का घर कटान से बचाने की कवायद शुरू ।
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दोहरीघाट कस्बे स्थित नदी तट पर लगाए गए बोल्डरों की पिचिंग गपिछले साल नदी की धारा में विलीन हो गई थी। नदी के सामान्य होने के बाद भी मरम्मत कार्य शुरू करने में देरी हुई। अब मानसून आने में चंद दिन शेष हैं, ऐसे में सिंचाई विभाग की ओर से मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है।
स्थानीय कस्बे स्थित सरयू तट पर धरोहरों को बचाने के लिए सिंचाई विभाग द्वारा कराए गए सुरक्षा कार्यों की मरम्मत की कवायद तेज कर दी गई है।
मुक्तिधाम, श्मशान घाट, भारत माता मंदिर, सरस्वती मंदिर और डोमराज के घर तक नदी की कटान से बचाने के लिए लगाए गए बोल्डरों की पिचिंग गत वर्ष आई बाढ़ में नदी की तेज धारा में बह गई थी या क्षतिग्रस्त हो गई थी।
मरम्मत कार्य लंबे समय बाद शुरू हुआ है। हर वर्ष नदी का जलस्तर घटने के बाद बाढ़ अनुरक्षण के तहत मरम्मत कार्य किया जाता है। जिलाधिकारी ने भी दोहरीघाट स्थित मुक्तिधाम का निरीक्षण कर कटानरोधी कार्यों की जानकारी ली थी, लेकिन इसके बाद भी कार्य में अपेक्षित तेजी नहीं आई थी।
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सिंचाई विभाग के जेई प्रिंस कुमार सिंह ने बताया कि भारत माता मंदिर और डोमराज के घर के पास लगाए गए बोल्डर पिछले बाढ़ में खिसक गए थे, जिन्हें अब पुनः ठीक किया जा रहा है।
बोल्डर पिचिंग के साथ-साथ जियो बैग का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है। जहां भी कटान से बचाव के लिए लगाए गए बोल्डर नदी की धारा में खिसक गए हैं, उनकी मरम्मत की जा रही है। कार्य को अविलंब पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
स्थानीय कस्बे स्थित सरयू तट पर धरोहरों को बचाने के लिए सिंचाई विभाग द्वारा कराए गए सुरक्षा कार्यों की मरम्मत की कवायद तेज कर दी गई है।
मुक्तिधाम, श्मशान घाट, भारत माता मंदिर, सरस्वती मंदिर और डोमराज के घर तक नदी की कटान से बचाने के लिए लगाए गए बोल्डरों की पिचिंग गत वर्ष आई बाढ़ में नदी की तेज धारा में बह गई थी या क्षतिग्रस्त हो गई थी।
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मरम्मत कार्य लंबे समय बाद शुरू हुआ है। हर वर्ष नदी का जलस्तर घटने के बाद बाढ़ अनुरक्षण के तहत मरम्मत कार्य किया जाता है। जिलाधिकारी ने भी दोहरीघाट स्थित मुक्तिधाम का निरीक्षण कर कटानरोधी कार्यों की जानकारी ली थी, लेकिन इसके बाद भी कार्य में अपेक्षित तेजी नहीं आई थी।
सिंचाई विभाग के जेई प्रिंस कुमार सिंह ने बताया कि भारत माता मंदिर और डोमराज के घर के पास लगाए गए बोल्डर पिछले बाढ़ में खिसक गए थे, जिन्हें अब पुनः ठीक किया जा रहा है।
बोल्डर पिचिंग के साथ-साथ जियो बैग का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है। जहां भी कटान से बचाव के लिए लगाए गए बोल्डर नदी की धारा में खिसक गए हैं, उनकी मरम्मत की जा रही है। कार्य को अविलंब पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।