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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   41.80 lakh swindled under the pretext of securing a bank job; five named as accused.

Meerut News: बैंक में नौकरी लगवाने का झांसा देकर 41.80 लाख ठगे, पांच नामजद

Sun, 09 Aug 2026 07:58 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 09 Aug 2026 07:58 PM IST
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41.80 lakh swindled under the pretext of securing a bank job; five named as accused.
- सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में सब स्टाफ की नौकरी लगवाने का दिया था भरोसा
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संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। मेडिकल थाना क्षेेत्र के जागृति विहार ईश्वर सिंह ने पांच आरोपी परमेश कुमार त्यागी, देव त्यागी, अर्पित उर्फ मिहिर आनंद, सुशांत त्यागी उर्फ प्रतीक व राजेश शर्मा पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में सब स्टाफ की नौकरी लगवाने का झांसा देकर आठ पीड़ितों से 41.80 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाया है।
आरोप है कि आरोपियों ने पहले दैनिक वेतन पर नौकरी और बाद में स्थायी नियुक्ति दिलाने का भरोसा दिया था। रकम लेने के बाद कई बार तीन माह में नौकरी लगने का आश्वासन दिया, लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी किसी की नियुक्ति नहीं हुई थी। पीड़ित ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर कराई।
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जागृति विहार निवासी ईश्वर सिंह ने मेडिकल थाने पर प्राथमिकी दर्ज कराई।बताया कि अप्रैल 2024 में उसकी मुलाकात शिव शक्ति विहार थाना भावनपुर निवासी परमेश कुमार त्यागी से हुई थी। आरोपी ने परमेश को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में सब स्टाफ के पद पर नियुक्ति की जानकारी देते हुए नौकरी लगवाने का प्रस्ताव दिया था। इसके लिए प्रत्येक अभ्यर्थी से पांच लाख रुपये की मांग की थी।
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पीड़ित अपने परिचित अभिषेक, अंश गुप्ता, रिद्म अरोड़ा, वाशु, सुभम, राहुल गिरी व सुमित नागर के साथ मई 2024 में आरोपी के आवास पर पहुंचे थे। परमेश ने अपने बेटे देव त्यागी और अर्पित नाम के एक व्यक्ति से मुलाकात कराई थी। पीड़ितों ने मई 2024 से दिसंबर 2025 तक नगद व यूपीआई के माध्यम से आरोपियों को 41.80 लाख रुपये का भुगतान किया गया।
आरोपियों ने 90 दिन के भीतर नौकरी लगवाने का भरोसा दिया था। आरोपियों ने फोन पर एक महिला को एचआर मैनेजर बताकर पीड़ितों की बातचीत कराई थी। बातचीत में भी अभ्यर्थियों को जल्द नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था। आरोप है कि नौकरी के नाम पर टाल-मटोल के बाद पीड़ितों को धोखाधड़ी का एहसास हुआ था।

पीड़ित दो साल से आरोपियों से अपने पैसे वापस मांग रहे है। आरोपियों ने पैसे देने से मना कर दिया है। सीओ सिविल लाइन विश्च ज्योति राय का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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