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अनिल सोती हत्याकांड: दस लाख में सौदा, तीन लाख एडवांस, भतीजे के वकील ने दी सुपारी; निशा ने नाड़े से मार डाला

Wed, 19 Aug 2026 01:12 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर
अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर Published by: Sharukh Khan Updated Wed, 19 Aug 2026 01:12 PM IST
सार

बिजनौर के अनिल कुमार सोती हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है। अनिल की हत्या वकील ने सुपारी देकर कराई थी। भतीजे के वकील की मुंशी समेत चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।  हत्याकांड के खुलासे में सीसीटीवी फुटेज मुख्य आधार बना।

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Anil Kumar Soti Murder Case bijnor Deal 10 lakh 3 lakh paid in advance nephew Lawyer hired contract killer
Anil Kumar Soti Murder Case - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

बिजनौर के अनिल कुमार सोती की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। अनिल की हत्या उसके भतीजे गौरव के वकील ने सुपारी देकर कराई थी। पुलिस ने वकील राजनारायण की मुंशी निशा उर्फ अंजुम समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद हत्याकांड का खुलासा कर दिया है।
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आरोपी वकील गौरव की 14 बीघा जमीन की जमीन-फरोख्त कराने में शामिल था और उसे भी जमीन बिकने पर मोटा कमीशन मिलने वाला था लेकिन चाचा अनिल सोती की 14 जमीन का कानूनी बंटवारा नहीं होने से गौरव ने वकील से केस छीनकर किसी दूसरे को देने की बात कही थी। हत्या की साजिश रचने वाला वकील पुलिस की पकड़ से दूर है।
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नाड़े से गलाघोंट कर की गई थी हत्या
सीओ सिटी अभय कुमार पांडेय ने बताया कि छह अगस्त की शाम अनिल कुमार सोती (82) की उनके घर में ही नाड़े से गलाघोंट कर हत्या कर दी गई थी। अनिल के भांजे आलोक शर्मा ने गौरव सोती, प्रॉपर्टी डीलर शैलेंद्र खन्ना, सुनील खन्ना, नावेद और अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस की जांच पड़ताल में निशा उर्फ अंजुम, उसकी बहन हिना, भाई अलीमुद्दीन, सुभाष और राजनारायण निवासी इतवारी गंज झांसी के नाम प्रकाश में आए। राजनारायण दिल्ली में रहकर वकालत करता है, जिसके चैंबर में निशा मुंशी/क्लर्क है।

 

जमीन में अनिल और उनका भतीजे बराबर के थे हिस्सेदार
सीओ के अनुसार बिजनौर में नूरपुर रोड स्थित बाग की 28 बीघा जमीन में अनिल कुमार सोती और उनका भतीजे गौरव बराबर के हिस्सेदार थे। गौरव ने अपने हिस्से की जमीन बेचने के लिए प्रॉपर्टी डीलर शैलेंद्र खन्ना आदि से वकील राजनारायण के जरिए एग्रीमेंट किया था। मगर चाचा अनिल कुमार सोती के साथ गौरव का कानूनी बंटवारा (कुर्राबंदी) नहीं हुआ था। ऐसे में गौरव ने वकील राजनारायण के जरिए ही कुर्राबंदी का केस कराया।
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कुर्राबंदी में देरी की वजह से गौरव ने वकील राजनारायण से नाराजगी जाहिर की थी। कुर्राबंदी कराने के लिए वकील राजनारायण मोटी रकम ले चुका था। लेकिन इसमें देरी होने पर गौरव ने केस किसी और के हवाले करने की बात भी वकील से बोल दी थी।

सीओ ने बताया कि केस के साथ साथ जमीन की खरीद फरोख्त में दो प्रतिशत कमीशन हाथ से खिसकता देख वकील राजनारायण ने अनिल कुमार सोती की हत्या कराने की साजिश रची और अपनी सहायक निशा उर्फ अंजुम परवीन को इसकी जिम्मेदारी सौंपी। हालांकि दिल्ली में प्रैक्टिस करने वाले वकील राजनारायण ने निशा के जरिए शुरुआत में अनिल कुमार सोती को दुष्कर्म या किसी और मामले में जेल भिजवाने की भी योजना बनाई थी।

 

इसके तहत निशा कई बार बिजनौर पहुंची मगर अनिल कुमार सोती की उम्र ज्यादा होने से दुष्कर्म या अन्य किसी मामले में जेल भिजवाने की झूठी कहानी को नहीं गढ़ा जा सका। इसके बाद हत्या करने का ताना-बाना बुना गया।

10 लाख में किया सौदा, तीन लाख की दी सुपारी
वकील राजनारायण ने अनिल सोती की हत्या के लिए निशा से 10 लाख रुपये में सौदा तय किया और तीन लाख एडवांस भी दिए। इसके बाद निशा ने अपनी बहन हिना, भाई अलीमुद्दीन और भाई के दोस्त सुभाष से संपर्क साधा। इन तीनों को महज 80 हजार रुपए ही दिए गए थे। चारों आरोपियों ने अनिल सोती के घर 6 से 7 बार चक्कर लगाए और कभी जमीन बिकवाने तो कभी खुद ही प्लॉट खरीदने की बात करके जान-पहचान बना ली।

 

सीसीटीवी फुटेज बनी हत्याकांड के खुलासे का आधार
बिजनौर के अनिल कुमार सोती हत्याकांड के खुलासे का आधार सीसीटीवी फुटेज बनी। दरअसल फुटेज में दो महिलाएं बाग से पैदल निकलते हुए नजर आईं, जो बाग के बाहर बिजनौर नूरपुर मार्ग पर ई-रिक्शा में सवार हुईं। बाग के बाहर सड़क के दूसरी ओर लगे सीसीटीवी फुटेज से यह खुलासा हुआ था। 

 

इसके बाद पुलिस ने कृष्णा कालेज के पास समेत नूरपुर तक फुटेज खंगाली। विवेचक अवनीत मान ने बताया कि आरोपी निशा, उसकी बहन हिना और भाई अलीमुद्द्दीन दिल्ली से टैक्सी से नूरपुर तक पहुंचे थे। इसके बाद ई-रिक्शा और टेंपो में सवार होकर बिजनौर में नूरपुर रोड पर अनिल कुमार सोती के बाग में पहुंचे। 

 

तीनों भाई-बहनों ने अपने गांव दरियापुर निवासी चौथे आरोपी सुभाष को भी मौके पर बुला लिया। इसके बाद चारों आरोपी अनिल सोती के घर में पहुंचे और उनसे बातचीत की। चाय-नाश्ता भी किया। इसके बाद अलीमुद्दीन, हिना और सुभाष घर के बाहर निगरानी करते रहे जबकि निशा ने अंदर जाकर काले रंग के नाड़े से अनिल कुमार सोती का गला घोंट दिया था। 

चार भाइयों के परिवार का इकलौता वारिस है गौरव
अनिल कुमार सोती के तीन भाई और थे। अनिल सोती और सुनील कुमार सोती अविवाहित थे, जबकि अरुण कुमार सोती का विवाह हुआ था, लेकिन उनकी कोई संतान नहीं थी। सबसे बड़े भाई अश्विनी कुमार सोती के पुत्र गौरव हैं। अनिल कुमार सोती समेत चारों भाइयों की मौत हो चुकी है। चार बहनों में तीन की मौत हो चुकी है, अब बहन सरिता ही जीवित है। 

 

अनिल कुमार सोती के तीन भांजे, एक भतीजा गौरव और एक भतीजी है। गौरव ने प्रॉपर्टी डीलर शैलेंद्र खन्ना आदि से तीन करोड़ रुपया एडवांस लेकर अपने हिस्से की 14 बीघा जमीन का एग्रीमेंट कर दिया था।

ये हुए गिरफ्तार
  • निशा उर्फ अंजुम परवीन निवासी राजवीर कॉलोनी घरौली एक्सटेंशन थाना गाजीपुर दिल्ली
  • हिना निवासी राजवीर कॉलोनी घरौली एक्सटेंशन थाना गाजीपुर दिल्ली
  • अलीमुद्दीन निवासी खोड़ा कॉलोनी दिल्ली मूलनिवासी गांव दरियापुर थाना नूरपुर बिजनौर
  • सुभाष निवासी गांव दरियापुर थाना नूरपुर बिजनौर
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