{"_id":"623037af365c213fa9180c76","slug":"chaudhary-jayant-singh-will-take-a-meeting-of-rld-mlas-in-lucknow-on-march-21-new-and-young-faces-can-be-given-command-in-reorganization","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"पुनर्गठन की तैयारी: चौधरी जयंत सिंह 21 मार्च को लखनऊ में लेंगे रालोद विधायकों की बैठक, नए और युवा चेहरों को दी जा सकती है कमान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुनर्गठन की तैयारी: चौधरी जयंत सिंह 21 मार्च को लखनऊ में लेंगे रालोद विधायकों की बैठक, नए और युवा चेहरों को दी जा सकती है कमान
Tue, 15 Mar 2022 01:33 PM IST
Dimple Sirohi
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Tue, 15 Mar 2022 01:33 PM IST
सार
राष्ट्रीय लोक दल के पार्टी प्रमुख चौधरी जयंत सिंह 21 मार्च को लखनऊ में रालोद विधायकों की बैठक लेंगे। उम्मीद जताई जा रही है कि पार्टी के पुनगर्ठन में नए और युवा चेहरों को कमान दी जा सकती है। छपरौली विधायक रालोद विधायक दल के नेता चुने जा सकते हैं।
विज्ञापन
रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राष्ट्रीय लोक दल के पार्टी प्रमुख चौधरी जयंत सिंह 21 मार्च को लखनऊ में रालोद विधायकों की बैठक लेंगे। उम्मीद जताई जा रही है कि पार्टी के पुनगर्ठन में नए और युवा चेहरों को कमान दी जा सकती है। छपरौली विधायक रालोद विधायक दल के नेता चुने जा सकते हैं। विधानसभा चुनाव में जीते रालोद के आठ विधायकों की बैठक आगामी 21 मार्च को लखनऊ में पार्टी कार्यालय पर होगी। बैठक में पार्टी प्रमुख चौधरी जयंत सिंह शिरकत करेंगे।
विज्ञापन
बैठक में पार्टी का विधायक दल नेता और उपनेता भी चुना जाएगा। सूत्रों के मुताबिक छपरौली से दूसरी बार विधायक बने डॉ अजय कुमार को विधायक दल का नेता बनाया जा सकता है। वहीं मुजफ्फरनगर जनपद की बुढ़ाना सीट से विधायक बने राजपाल बालियान को उपनेता चुना जा सकता है।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: जोड़तोड़ शुरू : विधानसभा चुनाव के बाद अब एमएलसी चुनाव से गरमाई सियासत, बीजेपी में टिकट के सबसे ज्यादा दावेदार
विज्ञापन
सपा से गठबंधन के तहत चुने गए रालोद के आठ विधायक
राजपाल बालियान इससे पहले दो बार विधायक रह चुके हैं। सपा के साथ गठबंधन करके लड़े रालोद के इस बार आठ विधायक चुनकर आए हैं। इसमें शामली सीट से प्रसन्न चौधरी, थानाभवन से अशरफ अली खान, छपरौली से डॉ अजय कुुमार, बुढ़ाना से राजपाल बालियान, मीरापुर से चंदन चौहान, पुरकाजी से अनिल कुमार, सिवालखास से गुलाम मोहम्मद और सादाबाद सीट से प्रदीप चौधरी गुड्डू चुनाव जीते हैं। ये सभी विधायक चौधरी जयंत सिंह के दिल्ली आवास पर जाकर मुलाकात कर चुके हैं। 21 मार्च को इन सभी विधायकों को लखनऊ बुलाया गया है। बैठक में ही पार्टी प्रमुख विधायक दल के नेता और उपनेता का चुनाव करेंगे।
प्रदेश में रालोद के संगठन की सभी इकाइयां भंग
विधानसभा चुनाव का परिणाम आते ही रालोद ने संगठन को मजबूत करने के लिए प्रदेश, क्षेत्रीय और जिला संगठन के साथ ही सभी फ्रंटल संगठनों को भंग कर दिया है। अब पार्टी इन सभी का पुनर्गठन करेगी।
इस बार संगठन में ज्यादातर नए और युवा चेहरों को तरजीह मिलने की संभावना है। पार्टी प्रत्याशी की रेस से बाहर हुए नेताओं को भी संगठन में बड़े पद देकर साधा जा सकता है। विधानसभा चुनाव में पार्टी की लहर के बावजूद अपेक्षाकृत परिणाम हासिल नहीं होने के बाद पार्टी प्रमुख ने सोमवार को पार्टी का प्रदेश, क्षेत्रीय और जिला संगठन के साथ ही सभी फ्रंटल संगठनों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया।
हाईकमान के निर्णय से संगठन पदाधिकारियों को झटका लगा। पार्टी नेताओं के अनुसार संगठन को और ज्यादा प्रभावी और धारदार बनाने के लिए पुनर्गठन किया जाएगा। पार्टी के प्रति युवाओं के झुकाव और जोश को देखते हुए इस बार संगठन में अनुभव के साथ जोश को भी तरजीह दी जाएगी। कई पुराने नामों के साथ इस बार कई नए नाम शामिल होंगे। संगठनों का पुनर्गठन चरणवार किया जाएगा।
राजेंद्र शर्मा, अश्वनी और जैनेंद्र करेंगे समीक्षा
रालोद ने विधानसभा चुनाव की समीक्षा के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया है। यह जानकारी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया संयोजक सुरेंद्र शर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि कमेटी में पूर्व विधायक राजेंद्र शर्मा, अश्वनी तोमर और जैनेंद्र नरवार को शामिल किया गया है। यह कमेटी चुनाव लड़े सभी प्रत्याशियों और कार्यकर्ताओं से संवाद कर पार्टी अध्यक्ष को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। पार्टी की तरफ 33 प्रत्याशियों को मैदान में उतारा गया था, इसमें से आठ प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है। पार्टी प्रमुख ने हार का कारण जानने के लिए कमेटी का गठन किया है। ये कमेटी सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद अपनी रिपोर्ट राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने पेश करेगी।
राजपाल बालियान इससे पहले दो बार विधायक रह चुके हैं। सपा के साथ गठबंधन करके लड़े रालोद के इस बार आठ विधायक चुनकर आए हैं। इसमें शामली सीट से प्रसन्न चौधरी, थानाभवन से अशरफ अली खान, छपरौली से डॉ अजय कुुमार, बुढ़ाना से राजपाल बालियान, मीरापुर से चंदन चौहान, पुरकाजी से अनिल कुमार, सिवालखास से गुलाम मोहम्मद और सादाबाद सीट से प्रदीप चौधरी गुड्डू चुनाव जीते हैं। ये सभी विधायक चौधरी जयंत सिंह के दिल्ली आवास पर जाकर मुलाकात कर चुके हैं। 21 मार्च को इन सभी विधायकों को लखनऊ बुलाया गया है। बैठक में ही पार्टी प्रमुख विधायक दल के नेता और उपनेता का चुनाव करेंगे।
प्रदेश में रालोद के संगठन की सभी इकाइयां भंग
विधानसभा चुनाव का परिणाम आते ही रालोद ने संगठन को मजबूत करने के लिए प्रदेश, क्षेत्रीय और जिला संगठन के साथ ही सभी फ्रंटल संगठनों को भंग कर दिया है। अब पार्टी इन सभी का पुनर्गठन करेगी।
इस बार संगठन में ज्यादातर नए और युवा चेहरों को तरजीह मिलने की संभावना है। पार्टी प्रत्याशी की रेस से बाहर हुए नेताओं को भी संगठन में बड़े पद देकर साधा जा सकता है। विधानसभा चुनाव में पार्टी की लहर के बावजूद अपेक्षाकृत परिणाम हासिल नहीं होने के बाद पार्टी प्रमुख ने सोमवार को पार्टी का प्रदेश, क्षेत्रीय और जिला संगठन के साथ ही सभी फ्रंटल संगठनों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया।
हाईकमान के निर्णय से संगठन पदाधिकारियों को झटका लगा। पार्टी नेताओं के अनुसार संगठन को और ज्यादा प्रभावी और धारदार बनाने के लिए पुनर्गठन किया जाएगा। पार्टी के प्रति युवाओं के झुकाव और जोश को देखते हुए इस बार संगठन में अनुभव के साथ जोश को भी तरजीह दी जाएगी। कई पुराने नामों के साथ इस बार कई नए नाम शामिल होंगे। संगठनों का पुनर्गठन चरणवार किया जाएगा।
राजेंद्र शर्मा, अश्वनी और जैनेंद्र करेंगे समीक्षा
रालोद ने विधानसभा चुनाव की समीक्षा के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया है। यह जानकारी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया संयोजक सुरेंद्र शर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि कमेटी में पूर्व विधायक राजेंद्र शर्मा, अश्वनी तोमर और जैनेंद्र नरवार को शामिल किया गया है। यह कमेटी चुनाव लड़े सभी प्रत्याशियों और कार्यकर्ताओं से संवाद कर पार्टी अध्यक्ष को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। पार्टी की तरफ 33 प्रत्याशियों को मैदान में उतारा गया था, इसमें से आठ प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है। पार्टी प्रमुख ने हार का कारण जानने के लिए कमेटी का गठन किया है। ये कमेटी सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद अपनी रिपोर्ट राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने पेश करेगी।