वीरता पुरस्कार: शहीद इंस्पेक्टर के घर पहुंचे ADG, छलकीं परिजनों की आंखें, बेटा बोला-पिता की तरह करूंगा सेवा
स्वतंत्रता दिवस पर एडीजी भानु भास्कर शहीद एसटीएफ इंस्पेक्टर सुनील कुमार के मसूरी गांव स्थित घर पहुंचे। वीरता पुरस्कार और कीर्ति चक्र मिलने पर परिजनों को बधाई दी और सम्मानित किया।
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स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर एडीजी भानु भास्कर मेरठ में मवाना रोड स्थित मसूरी गांव में शहीद एसटीएफ इंस्पेक्टर सुनील कुमार के घर पहुंचे। सुनील कुमार को मरणोपरांत वीरता पुरस्कार और कीर्ति चक्र मिलने पर एडीजी ने उनके परिजनों को बधाई दी। उन्होंने शहीद की पत्नी मुनेश देवी, बेटे मनजीत और बेटी नेहा को पुष्पगुच्छ और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस दौरान शहीद के परिवार की आंखें नम हो गईं।
एडीजी ने परिजनों को दी बधाई
एडीजी भानु भास्कर ने शहीद इंस्पेक्टर सुनील कुमार के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें वीरता पुरस्कार और कीर्ति चक्र मिलने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि सुनील कुमार की वीरता और कर्तव्यनिष्ठा पुलिस विभाग के लिए प्रेरणा है। एडीजी ने उनकी पत्नी मुनेश देवी, बेटे मनजीत और बेटी नेहा को सम्मानित किया।
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पिता को सम्मान मिलने पर भावुक हुआ बेटा
पिता को मरणोपरांत वीरता पुरस्कार मिलने की खबर पर शहीद के परिजन भावुक हो गए। बेटे मनजीत ने बताया कि वीरता पुरस्कार आगामी समारोह में प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिता की वीरता और कर्तव्यनिष्ठा से उन्हें प्रेरणा मिलती है। वह भी पुलिस में भर्ती होकर अपने पिता की तरह ईमानदारी और लगन से काम करना चाहते हैं और परिवार को गौरवान्वित करना चाहते हैं।
मुठभेड़ में पुलिसकर्मी के बलिदान का दर्द परिवार ही समझता है
एनकाउंटर को लेकर मनजीत ने कहा कि जब भी कोई मुठभेड़ होती है तो विपक्ष उसे फर्जी बताकर लोगों को गुमराह करने का प्रयास करता है। उन्होंने कहा कि ऐसी मुठभेड़ में जब कोई पुलिसकर्मी शहीद होता है तो उसके परिवार पर क्या गुजरती है, यह परिवार ही जानता है। पुलिसकर्मी अपने कर्तव्य का पालन करते हुए जान की बाजी लगा देते हैं और उनके परिवार को जीवनभर उस कमी का सामना करना पड़ता है।
अधिकारी रहे मौजूद
इस दौरान एसटीएफ एसपी बृजेश कुमार सिंह, एसपी राजेश कुमार सिंह, सीओ सदर देहात सुधीर सिंह और इंचौली थाना प्रभारी कर्मवीर सिंह मौजूद रहे।