मेरठ जिले में आज केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के समर्थन में जनजागरण रैली को संबोधित करने मेरठ पहुंचे। यहां दिल्ली रोड पर शताब्दीनगर स्थित माधवकुंज के सामने मैदान में रैलीस्थल पहुंचकर मंच पर आसीन हुए।
नागरिकता संसोधन कानून:पढ़ें जागरुकता रैली में राजनाथ सिंह के 26 मिनट के भाषण की मुख्य बातें
- कहा- देर से आया हूं लेकिन दुरुस्त आया हूं।
- 2022 समाप्त होते-होते सभी को छत देंगे।
- बोले किसान भाइयों घबराना मत। जिस्म के पसीने की कमाई का एक-एक पैसा देंगे।
- हिन्दू और मुसलमानों के नज़रिए से नागरिकता संशोधन कानून को देखा जा रहा है।
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देर से आया हूं लेकिन दुरुस्त आया हूं
माइक संभालते ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा देर से आया हूं लेकिन दुरुस्त आया हूं। बुजुर्ग भी बैठे हुए है। बहुत दिनों के बाद मेरठ में सभा को संबोधित करने का मौका मिला। मेरठ की धरती ये क्रांतिकारियों की धरती है। शंखनाद यहीं से हुआ। बीजेपी इस धरती की अहमियत समझती है। पीएम मोदी ने अपनी सार्वजनिक सभाओं का शुभारंभ क्रांतिकारियों की धरती से किया था।
बीजेपी मेरठ की धरती की अहमियत समझती है
2014 और 2019 में सभा मेरठ की क्रांतिधरा से शुरू हुई। कोई भी राजनीतिक पार्टी चुनाव में उतरती है तरह तरह के वादे करती है। 2019 में चुनावी घोषणा पत्र की तैयार की जिमेदारी मेरे कंधों पर थी। सात महीनों में सभी वादे तेजी से पूरे कर रहे हैं। हिंदुस्तान की जनता को यकीन दिलाना चाहता हूं। हमारी पार्टी जो कहेगी उसे हम पूरा करेंगे। हम जनता को दगा नही देना चाहते। हम दिलों को जीतकर राजनीति करना चाहते है।
किसान भाइयों घबराना मत
जो भी वचन दिया, पूरा करेंगे
हमने किसानों के लिए कदम उठाए। मोहिद्दीपपुर और रमाला चीनी मिलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि किसान भाइयों घबराने मत। जिस्म के पसीने की कमाई का एक एक पैसा देंगे। छह-छह हजार किसानों के खाते में डालने के काम पीएम नरेंद्र मोदी ने किया।
हमने आयुष्मान भारत योजना से लाभ दिलाया। जो भी वचन दिया, पूरा करेंगे। इस बात की चिंता की किसानों के परिवारों की पीएम उज़्ज़वला योजना लाए। गेस का सिलेंडर घर-घर पहुंचा दिए। किसान के घर मे नलों से पानी नही पहुंच रहा है तो 2024 समाप्त होते होते नल से जल पहुंचेंगे। 2022 समाप्त होते होते सभी को छत देंगे।
चुटकी बजाकर खत्म कर दी धारा 370
जम्मू कश्मीर की धारा 370 चुटकी बजाकर समाप्त कर दिया। ये अस्थायी प्रावधान था। घिसते-घिसते समाप्त हो जाएगा। लेकिन घिस नही पाई। कुछ विरोधी ताकते इसे स्पोर्ट करती गईं।
हिन्दू और मुसलमानों के नज़रिए से न देखें नागरिकता कानून
पिछली सरकार में गृह मंत्री रहते हुए मैंने प्रयास किया था। राज्यसभा में बहुमत न होने से इस बिल को पारित नही हो पाया। हमारा वादा था सीएए को पारित करने का। हिन्दू और मुसलमानों के नज़रिए से बिल को देखा जा रहा है। हमारा प्रधानमंत्री इंसानियत से देखता है। कोई माई का लाल यहां के मुसलमानों को चिमटे से भी नही छू सकता।
महात्मा गांधी ने भी किया था सीएए का जिक्र
महात्मा गांधी ने भी सीएए का जिक्र किया था क्या हमने अपराध किया है। आप बताइए। मनमोहन सिंह ने भी वर्ष 2003 में समर्थन किया था। भारत के टुकड़े-टुकड़े होंगे नारे लग रहे है। इस भारत को टुकड़े करने का अधिकार किसने दिया।
जाति-पंथ-मज़हब के आधार पर भेदभाव नहीं
भारत की प्रतिष्ठा बढ़ती जा रही है। पीएम मोदी के नेतृत्व में मस्तक उठता जा रहा है। जाति-पंथ-मज़हब के आधार पर भेदभाव नही करते। हम भारत के सांस्कृतिक मूल्यों और विश्वास करते हैं। वसुधैव कुटुम्बकम का संदेश भारत की धरती से ही विश्व में गया है