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Fraud : मेरठ में व्हाट्सएप डीपी पर डीएम का फोटो लगाकर मांगे गिफ्ट, साइबर सेल को सौंपी जांच

Sat, 25 Jun 2022 01:16 PM IST
Dimple Sirohi अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Sat, 25 Jun 2022 01:16 PM IST
सार

शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के डीएम दीपक मीणा की फोटो व्हाट्सएप प्रोफाइल में लगाकर कई अधिकारियों से गिफ्ट खरीदने के लिए पैसों की मांग की गई। अधिकारियों ने डीएम को इसकी जानकारी दी तो उन्होंने एसएसपी को कॉल करके आरोपी का नंबर सर्विलांस पर लगवाया।

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Fraud in Meerut : Gifts asked from officials by showing DM Meerut picture on WhatsApp DP
डीएम दीपक मीणा, मेरठ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जालसाज सोशल साइट के जरिए अब आम लोगों को ही नहीं अधिकारियों को भी निशाना बना रहे हैं। एक जालसाज ने शुक्रवार को डीएम दीपक मीणा की फोटो व्हाट्सएप प्रोफाइल में लगाकर कई अधिकारियों से गिफ्ट खरीदने के लिए पैसों की मांग कर दी। अधिकारियों को शक होने पर उन्होंने डीएम से बात की तो खुलासा हुआ कि गिफ्ट की बात करने वाला कोई जालसाज है। एसएसपी ने साइबर सेल को जांच सौंपी है। 

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शुक्रवार दोपहर को कई अधिकारियों के मोबाइल पर 8184946591 नंबर से मेसेज भेजे गए। इस नंबर की व्हॉट्सएप प्रोफाइल में डीएम दीपक मीणा का फोटो लगा था। मेसेज में कहा कि उनको अमेजन से 10 ई-गिफ्ट खरीदने हैं। एक गिफ्ट कार्ड की कीमत 10 हजार रुपये है। 
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मैसेज में कहा गया कि ई-गिफ्ट कार्ड खरीदने के बाद उसका लिंक शेयर कर दें। यह भी कहा गया कि जब खरीदारी कर लें तो सूचित कर दें। इसके बाद डीएम मेरठ का सीयूजी नंबर लिखा गया। ये मेसेज कई अधिकारियों के पास पहुंचा तो वे हैरान रह गए। 

हालांकि वो समझ गए कि कोई जालसाज ये हरकत कर रहा है। अधिकारियों ने डीएम को इसकी जानकारी दी तो उन्होंने एसएसपी को कॉल करके आरोपी का नंबर सर्विलांस पर लगवाया।

डीएम दीपक मीणा ने अधिकारियों से कहा कि इस तरह का कोई मेसेज आए तो पुलिस से शिकायत करें। एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि साइबर सेल आरोपी का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
 
पहले भी कई बार मांगे जा चुके हैं रुपये 
ये पहला मामला नहीं है। सात साल पहले तो जालसाजों ने आईजी मेरठ के सीयूजी नंबर का ही क्लोन बनाकर तमाम सीओ और थानेदारों से पैसे मांग लिए थे। कई थानेदारों ने जब अकाउंट में पैसे डलवा दिए तब जालसाजी का पता चला। ये कॉल इंटरनेट से की गई थी। इसके अलावा फेसबुक पर फर्जी अकाउंट बनाकर खूब फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। 

ऐसे मेसेज आने पर क्या करें
अगर किसी अंजान नंबर या सोशल साइट से इस तरह का कोई मेसेज आता है तो संबंधित व्यक्ति के मोबाइल पर फोन करके इसकी पुष्टि करें कि वो मेसेज उन्हीं ने भेजा है। ऐसे जालसाजों के बारे में पुलिस को सूचना दें।

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