देश भर में मोबाइल और लैपटॉप को चोरी व लूटने वाले अंतर्राष्ट्रीय गैंग का मेरठ पुलिस ने बुधवार को पर्दाफाश किया है। इस गैंग को पुलिस का संरक्षण मिला हुआ था, जिसके चलते एक दरोगा व दो सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया गया।
अंतर्राष्ट्रीय गैंग को था पुलिस का संरक्षण, दरोगा व दो सिपाही सस्पेंड, विदेशों तक फैला नेटवर्क
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एडीजी मेरठ जोन प्रशांत कुमार ने पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि यह गैंग हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र और विदेशों तक फैला है। गिरोह के बदमाश मोबाइल और लैपटॉप चोरी या लूटने के बाद सरगना शरद गोस्वामी निवासी माधवपुरम, ब्रह्मपुरी के पास पहुंचाते थे।
जिसके बाद आईएमईआई नंबर बदलकर बेच दिए जाते थे और 100 मोबाइलों को पैकिंग कर विदेशों में भेजा जाता था। इस पूरे संजाल को शरद ने फर्जी कंपनी के जरिये फैलाया हुआ था। इसी गिरोह के पांच बदमाश करीब एक माह पूर्व पुलिस ने पकड़े थे। जिसके बाद सर्विलांस टीम इस गिरोह की तलाश में लगी थी। सर्विलांस टीम व कंकरखेड़ा पुलिस टीम ने इस गैंग को बेनकाब करने में सफलता पाई।
100 बदमाश, विदेशी कनेक्शन
एडीजी के अनुसार इस गैंग में करीब 100 बदमाश शामिल हैं। इस गैंग का कनेक्शन विदेशों से है। नेपाल, बैंकाक, चाइना में चोरी और लूट के मोबाइल बेचे जाते थे। इनके बदले करोड़ों रुपये शरद के खाते में जमा होते थे। सरगना अवैध संपत्ति से भोला रोड पर होटल बना रहा है।
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लाइसेंसी असलहे से चलता था रौब
सरगना शरद दसवीं पास है। उसका पिता महेंद्र गिरि पेशे से ड्राइवर है। शरद व उसकी पत्नी प्रियंका और मां सुमन के एनआरआई खाते में करोड़ों रुपये जमा बताए गए।
शरद बेहद शातिर अपराधी है और इंजीनियरों को नौकरी पर रखकर आईएमईआई नंबर बदलवाकर विदेशों में मोबाइल बेचकर पैसा अपने खाते में डलवाता था। चार करोड़ रुपये का लेनदेन उसके खातों में मिला है।
क्राइम हिस्ट्री छिपाकर उसने शस्त्र लाइसेंस भी बनवा लिए, जिनके दम पर वह रौब जमाता था। 20 सितंबर को 28 पुलिसकर्मियों के खिलाफ शरद ने फर्जी मुठभेड़ का आरोप लगाकर कोर्ट में वाद भी दायर किया हुआ है।
एडीजी ने बताया कि सर्विलांस टीम व कंकरखेड़ा पुलिस को डीजीपी ने 50 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है। गिरोह को संरक्षण देने के मामले में दोनों सिपाही मेरठ तो दरोगा सहारनपुर में तैनात है। प्रेसवार्ता में पुलिस वालों के नामों को गोपनीय रखा गया।
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