यूपी: इस जिले में कभी होता था हिंदू-मुस्लिम का पलायन, अब मंदिर-मस्जिदों से लाउडस्पीकरों का हो रहा पलायन
पूरे देश में पलायन के लिए बदनाम हुए उत्तर प्रदेश के कैरान में अब हिंदू मुस्लिम समाज के लोगों का नहीं बल्कि धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकरों का पलायन शुरू हो गया है। यहां दोनों समुदाय के लोगों ने स्वेच्छा से मंदिर और मस्जिदों से लाउडस्पीकर उतारने शुरू कर दिए है।
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उत्तर प्रदेश के शामली जिले का कैराना थाना क्षेत्र कभी हिंदू मुस्लिम समाज के लोगों के पलायन के लिए देश भर की सुर्खियां बना था। लेकिन अब उसी कैराना से लोगों का नहीं बल्कि सर्वसम्मिति से धार्मिक स्थलों से लाउड स्पीकरों का पलायन हो रहा है। उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन और कोतवाली में हुई धर्म गुरुओं के साथ बैठक के बाद धार्मिक स्थलों से स्वेच्छा से लाउडस्पीकर हटाने से शुरू हो गए हैं।
बता दें कि हाल ही में ध्वनि प्रदूषण के मामले में उच्च न्यायालय द्वारा धार्मिक स्थलों से तेज आवाज के लाउडस्पीकर हटाने और छोटे लाउडस्पीकर से परिसर के अंदर ही आवाज सीमित रखने के आदेश दिए थे। जिसके चलते मंगलवार शाम को सीओ ने कोतवाली में धर्म गुरुओं के साथ बैठक की।
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बैठक संपन्न होने के बाद मंदिर और मस्जिद से स्वेच्छा से लाउडस्पीकर हटाए जाने शुरू हो गए। देर शाम बाजार बेगमपुरा स्थित छीपियों वाली मस्जिद और सिद्ध पीठ प्राचीन बाबा बनखंडी महादेव मंदिर में स्वेच्छा से लाउडस्पीकर हटा लिए गए।
लाउडस्पीकर की आवाज कम रखने के लिए धर्मगुरुओं के साथ बैठक
कैराना में धर्मस्थलों के लाउडस्पीकर की आवाज कम रखने को लेकर सीओ बिजेंद्र भड़ाना ने कोतवाली में धर्मगुरुओं के साथ बैठक की। उन्हें शासन और अदालत के निर्णय से अवगत कराया। कहा कि सभी को न्यायालय और शासन के आदेश का पालन करना चाहिए।
लाउडस्पीकर की आवाज धर्मस्थल परिसर से बाहर नहीं जानी चाहिए। जिससे किसी को कोई परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि हम आशा व्यक्त करते हैं सभी जिम्मेदार लोग है और न्यायालय की ध्वनि प्रदूषण संबंधी जारी गाइड लाइन का पालन करेंगे। इस अवसर पर कोतवाली प्रभारी अनिल कपरवान व काफी संख्या में दोनों समुदाय के धर्म गुरु शामिल रहे।