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यूपी: फोन पर विवाद और बिखर गया डॉक्टर बनने का सपना; खुद को कमरे में बंद कर एमबीबीएस छात्रा ने आजाद की जिंदगी
Wed, 21 Oct 2026 12:04 PM IST
Sharukh Khan
अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
Published by: Sharukh Khan
Updated Wed, 21 Oct 2026 12:04 PM IST
सार
मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर के बेगराजपुर मेडिकल कॉलेज में छात्रा की आत्महत्या के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। छात्रा ने किसी से फोन पर विवाद के बाद खुदकुशी की थी। छात्रा शगुन की खुदकुशी में परिजनों ने प्राथमिकी दर्ज कराने से इन्कार कर दिया है। परिजन शव लेकर चले गए हैं।
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MBBS student dies
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर के बेगराजपुर मेडिकल कॉलेज के छात्रावास में कैथल की शगुन सैनी (24) की आत्महत्या के मामले में परिजनों ने पुलिस कार्रवाई से इन्कार कर दिया। शिक्षक पिता सतीश सैनी पुलिस के साथ छात्रावास पहुंचे और आंसू भरी आंखों से बेटी का सामान लेकर घर लौट गए। मोबाइल पर किसी के साथ हुए विवाद के बाद छात्रा पूरी तरह टूट गई थी। शिक्षक परिवार का बेटी को डॉक्टर बनाने का सपना बिखर गया।
कैथल के कलायत से शिक्षक सतीश सैनी अपने परिवार के सदस्यों के साथ सोमवार रात दो बजे मंसूरपुर थाना पहुंच गए थे। पुलिस से जानकारी लेने के बाद परिवार स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय पहुंचा।
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कैथल के कलायत से शिक्षक सतीश सैनी अपने परिवार के सदस्यों के साथ सोमवार रात दो बजे मंसूरपुर थाना पहुंच गए थे। पुलिस से जानकारी लेने के बाद परिवार स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय पहुंचा।
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सीओ खतौली रुपाली राय ने बताया कि सुबह नौ बजे पुलिस के साथ परिजन मेडिकल कॉलेज पहुंचे। छात्रा का सामान लेकर वापस चले गए। परिजनों ने मंसूरपुर थाने में लिखकर दिया कि वह कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं। एसओ विवेचक विपिन त्यागी ने बताया कि परिजनों ने पोस्टमार्टम से भी इन्कार किया था लेकिन पुलिस ने प्रक्रिया पूरी कराई।
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आज प्रबंधन की बैठक, छात्राओं से संवाद
बेगराजपुर मेडिकल कॉलेज के गर्ल्स हॉस्टल में हुए हादसे के बाद बुधवार को प्रबंधन के पदाधिकारी कॉलेज आएंगे। भविष्य में इस तरह के हादसे रोकने पर भी चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही यहां पढ़ रहे छात्र-छात्राओं से संवाद किया जाएगा। निदेशक गौरव स्वरूप ने बताया कि हादसा बेहद दुखद है। भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए समिति आपस में चर्चा करेगी।
बेगराजपुर मेडिकल कॉलेज के गर्ल्स हॉस्टल में हुए हादसे के बाद बुधवार को प्रबंधन के पदाधिकारी कॉलेज आएंगे। भविष्य में इस तरह के हादसे रोकने पर भी चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही यहां पढ़ रहे छात्र-छात्राओं से संवाद किया जाएगा। निदेशक गौरव स्वरूप ने बताया कि हादसा बेहद दुखद है। भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए समिति आपस में चर्चा करेगी।
शगुन के साथ रह रही छात्रा का कमरा बदला
कैथल की शगुन सैनी के साथ गर्ल्स हॉस्टल में रूम पार्टनर गुरुग्राम की जिया गर्ग को नया कमरा आवंटित करा दिया गया है। कॉलेज प्रबंधन ने मंगलवार को छात्रा को नया कमरा दिया। जिया से भी मामले की जानकारी ली गई है। शुरुआती जांच में सामने आया था कि शगुन का किसी के साथ मोबाइल पर अक्सर विवाद होता था।
कैथल की शगुन सैनी के साथ गर्ल्स हॉस्टल में रूम पार्टनर गुरुग्राम की जिया गर्ग को नया कमरा आवंटित करा दिया गया है। कॉलेज प्रबंधन ने मंगलवार को छात्रा को नया कमरा दिया। जिया से भी मामले की जानकारी ली गई है। शुरुआती जांच में सामने आया था कि शगुन का किसी के साथ मोबाइल पर अक्सर विवाद होता था।
ऐसा है शगुन सैनी का परिवार
कैथल के अलग-अलग स्कूलों में शगुन सैनी के पिता सतीश कुमार और माता शालिनी शिक्षक हैं। भाई भी एमबीबीएस प्रथम वर्ष की पढ़ाई हरियाणा के ही शाहाबाद में कर रहा है। शिक्षक माता-पिता ने दोनों बच्चों को डॉक्टर बनाने का सपना देखा और कड़ी मेहनत की। बेटे-बेटी का दाखिला भी कराया लेकिन शगुन की मौत से एक ख्वाब बिखर गया।
कैथल के अलग-अलग स्कूलों में शगुन सैनी के पिता सतीश कुमार और माता शालिनी शिक्षक हैं। भाई भी एमबीबीएस प्रथम वर्ष की पढ़ाई हरियाणा के ही शाहाबाद में कर रहा है। शिक्षक माता-पिता ने दोनों बच्चों को डॉक्टर बनाने का सपना देखा और कड़ी मेहनत की। बेटे-बेटी का दाखिला भी कराया लेकिन शगुन की मौत से एक ख्वाब बिखर गया।
सवाल...कभी नहीं मिलेंगे जिनके जवाब
होनहार शगुन सैनी की मौत का सवाल बेचैन कर देने वाला है। बच्चों को घर से बाहर भेजकर पढ़ाई कराने वाले अभिभावकों का चिंतित होना स्वाभाविक है। भविष्य में डॉक्टर बनकर आमजन की सेवा करने वाली एक होनहार छात्रा ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मोबाइल पर किससे बात हुई, क्या विवाद हुआ और ऐसी क्या नौबत आई कि शगुन अपनी जिंदगी हार बैठी। परिवार ने प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई, ऐसे में इन सवालों के जवाब अब नहीं मिलेंगे।
होनहार शगुन सैनी की मौत का सवाल बेचैन कर देने वाला है। बच्चों को घर से बाहर भेजकर पढ़ाई कराने वाले अभिभावकों का चिंतित होना स्वाभाविक है। भविष्य में डॉक्टर बनकर आमजन की सेवा करने वाली एक होनहार छात्रा ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मोबाइल पर किससे बात हुई, क्या विवाद हुआ और ऐसी क्या नौबत आई कि शगुन अपनी जिंदगी हार बैठी। परिवार ने प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई, ऐसे में इन सवालों के जवाब अब नहीं मिलेंगे।
यह था मामला
बेगराजपुर मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस 2023 बैच की छात्रा शगुन सैनी (24) ने गर्ल्स हॉस्टल के कमरे में पंखे पर बनाए फांसी के फंदे पर लटककर सोमवार रात जान दे दी। हॉस्टल की उपस्थिति चेक होने के दौरान छात्रा नहीं पहुंची तो वारदात की जानकारी मिली। एसपी सिटी अमृत जैन, सीओ खतौली रुपाली राय ने मौके पर पहुंचकर जांच की। कमरे में साथ रह रही गुरुग्राम की छात्रा से भी जानकारी ली गई। दरवाजा तोड़कर छात्रा का शव निकाला गया।
बेगराजपुर मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस 2023 बैच की छात्रा शगुन सैनी (24) ने गर्ल्स हॉस्टल के कमरे में पंखे पर बनाए फांसी के फंदे पर लटककर सोमवार रात जान दे दी। हॉस्टल की उपस्थिति चेक होने के दौरान छात्रा नहीं पहुंची तो वारदात की जानकारी मिली। एसपी सिटी अमृत जैन, सीओ खतौली रुपाली राय ने मौके पर पहुंचकर जांच की। कमरे में साथ रह रही गुरुग्राम की छात्रा से भी जानकारी ली गई। दरवाजा तोड़कर छात्रा का शव निकाला गया।
बच्चे दूर तो हमेशा बनाए रखें संवाद : अर्पण जैन
स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय के मनोचिकित्सक डॉ. अर्पण जैन ने बताया कि अभिभावकों से दूर रहकर पढ़ाई करने वाले बच्चे अकेलेपन का शिकार हो जाते हैं। अलग-अलग उम्र की अलग-अलग समस्याएं होती हैं। सबसे जरूरी यह है कि बच्चों को अकेलेपन का शिकार नहीं होने दें। उनकी हर समस्या को दोस्त की तरह सुनें ताकि वह ऐसा आत्मघाती कदम नहीं उठाएं।
स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय के मनोचिकित्सक डॉ. अर्पण जैन ने बताया कि अभिभावकों से दूर रहकर पढ़ाई करने वाले बच्चे अकेलेपन का शिकार हो जाते हैं। अलग-अलग उम्र की अलग-अलग समस्याएं होती हैं। सबसे जरूरी यह है कि बच्चों को अकेलेपन का शिकार नहीं होने दें। उनकी हर समस्या को दोस्त की तरह सुनें ताकि वह ऐसा आत्मघाती कदम नहीं उठाएं।