Meerut: चौपाल पर बैठे दादा को दी खौफनाक मौत, पहले मारी गोली फिर चाकू से गोदकर की हत्या, दो पोते फरार
मेरठ के सरूरपुर क्षेत्र के करनावल कस्बे में 20 बीघा जमीन के विवाद में दो पौत्रों ने अपने 82 वर्षीय दादा की पहले गोली मारकर और फिर चाकू से गोदकर हत्या कर दी। सीसीटीवी फुटेज से दोनों आरोपियों की पहचान हुई है।
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मेरठ जिले के सरूरपुर क्षेत्र के करनावल कस्बे में जमीन के विवाद ने रिश्तों को इस कदर शर्मसार कर दिया कि दो पौत्रों ने अपने ही 82 वर्षीय दादा की बेरहमी से हत्या कर दी। आरोप है कि दोनों ने पहले चौपाल पर बैठे दादा के सीने में गोली मारी और फिर चाकू से कई वार कर उनकी जान ले ली। पुलिस ने सीसीटीवी के आधार पर दोनों आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। उनकी तलाश में कई दल लगातार दबिश दे रहे हैं।
चौपाल पर बैठे थे, तभी हमला बोल दिया
पुलिस के अनुसार बृहस्पतिवार रात भोजन करने के बाद विजयपाल गांव की चौपाल पर पहुंचे थे। वहां वह दो ग्रामीणों के साथ बैठकर हुक्का पी रहे थे। इसी दौरान दो नकाबपोश युवक वहां पहुंचे और बिना कुछ कहे विजयपाल के सीने में गोली मार दी। गोली लगते ही वहां अफरा-तफरी मच गई और साथ बैठे लोग जान बचाकर भाग निकले।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गोली लगने के बाद विजयपाल जमीन पर गिर पड़े। इसके बाद भी हमलावर नहीं रुके और उन्होंने चाकू से लगातार कई वार किए। शोर सुनकर ग्रामीण मौके की ओर दौड़े, लेकिन तब तक दोनों आरोपी अंधेरे का लाभ उठाकर फरार हो चुके थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को परीक्षण के लिए भेज दिया।
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सीसीटीवी रिकॉर्डिंग से खुला राज
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक साक्ष्य दल और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। आसपास लगे चित्रांकन यंत्रों की रिकॉर्डिंग की जांच में दोनों आरोपियों की पहचान मृतक के पौत्र निक्की और सागर के रूप में हुई। मृतक के पौत्र भानू की शिकायत पर दोनों के खिलाफ हत्या का अभियोग दर्ज किया गया है। पुलिस की तीन टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही हैं।
20 बीघा जमीन के लालच में रची गई साजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि विजयपाल के पास कुल 80 बीघा कृषि भूमि थी। उन्होंने संपत्ति का बंटवारा करते हुए तीन हिस्से अपने बेटों के परिवारों को दे दिए थे, जबकि 20 बीघा जमीन अपने भरण-पोषण के लिए अपने पास रखी थी।
करीब एक वर्ष पहले घरेलू विवाद के बाद विजयपाल अपने दिवंगत बेटे के परिवार के साथ रहने लगे थे। चर्चा थी कि वह अपने हिस्से की बची 20 बीघा जमीन भी उसी परिवार के नाम करने की तैयारी में थे। इसी बात को लेकर परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था। पुलिस के अनुसार इसी रंजिश के चलते दोनों पौत्रों ने मिलकर हत्या की साजिश रची और वारदात को अंजाम दिया।