अजय की शहादत सिर्फ वीरपाल सिंह के परिवार के लिए ही क्षति नहीं है। प्रियंका का परिवार भी पूरी तरह टूट गया है। प्रियंका के पिता, मां, भाई और बहन सदमे में हैं कि ये क्या हो गया। मंगलवार को बेटी की हालत देखकर पिता सेवाराम बेहाल हो गए। फफकते हुए कहने लगे कि बेटी का पति तो कुर्बान हो गया... इसका तो भाई भी जम्मू के अखनूर में तैनात है।
शहीद अजय की तरह दिलेर हैं डिंपल, पति को वतन पर किया कुर्बान, भाई भी है सेना में जवान
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मुरादनगर के सलेमाबाद निवासी सेवाराम गाजियाबाद में होमगार्ड हैं। उनके चार बच्चों में प्रियंका सबसे बड़ी हैं। उनसे छोटे दो भाई दीपक और तरुण हैं। एक बहन है अंतिम। सेवाराम बताते हैं कि 11 मार्च 2015 को प्रियंका की अजय से शादी हुई। तभी अजय ने छोटे साले तरुण से भी सेना में भर्ती होने के लिए कहा। उसको भर्ती के बारे में जानकारी दी और तैयारी करने को कहा। इसी कि चलते तरुण सेना में भर्ती हुआ।
हाल ही में जबलपुर से ट्रेनिंग करने के बाद उनकी तैनाती कुछ दिन मेरठ में रहने के बाद जम्मू के अखनूर में है। तरुण सेना की 8 ग्रेनेडियर में हैं। सेवाराम बताते हैं कि कश्मीर के हालात के बारे में वे खूब जानते थे। ऐसे में रोजाना वे दामाद अजय और बेटे तरुण से सुबह-शाम बात करते थे।
रविवार रात को भी आठ बजे अजय से बात हुई तो उसने बताया कि पापा, सीआरपीएफ के जवानों पर हमला करने वालों को ढूंढ रहे हैं। रातभर सर्च ऑपरेशन चला, लेकिन कुछ नहीं मिला है। आज जरूर कुछ करके रहेंगे। भर्राए गले से बताते हैं कि दामाद तो शहीद हो ही गए, लेकिन बेटी को जिंदगी भर का गम मिल गया। ऐसे ही सरकारें हाथ बांधे रहीं तो फिर क्या होगा।
एक बार तो आ जा मेरे लाल, बेटी का क्या होगा
प्रियंका की मां धर्मवीरी अजय की मां कमलेश से लिपटकर रोने लगी। सुबकते हुए बस इतना ही कहा कि एक बार तो अपने लाल से कह दो वापस आ जाए। मेरी बेटी का क्या होगा। उसके बच्चे का क्या होगा। दामाद के पार्थिव शरीर को देखकर ससुर सेवाराम और उनकी पत्नी धर्मवीरी फफकने लग गए। पूरा मंजर देखकर हर कोई रो पड़ा। कहीं मां अपने बेटे को याद करके रो रही थी तो कहीं पर महिलाएं बेसुध बहन और पत्नी को संभाल रहीं थीं।