{"_id":"69b707b304cb002b2208f98e","slug":"meerut-one-who-cheated-in-the-name-of-passing-inspector-recruitment-exam-caught-from-mathura-2026-03-16","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"दरोगा भर्ती परीक्षा: 'केंद्र पर हमारा आदमी है, ब्लू टूथ से पास करा देंगे', मथुरा से पकड़े गए अनुज का खुलासा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दरोगा भर्ती परीक्षा: 'केंद्र पर हमारा आदमी है, ब्लू टूथ से पास करा देंगे', मथुरा से पकड़े गए अनुज का खुलासा
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: Mohd Mustakim
Updated Mon, 16 Mar 2026 12:56 AM IST
विज्ञापन
सार
Meerut News: गैंग ने अभ्यर्थियों को यूपी दरोगा भर्ती की परीक्षा 22 लाख रुपये में पास कराने का झांसा दिया था। तीन लाख रुपये एडवांस वसूल लिए। अब एसटीएफ की टीम मुख्य आरोपी गोपाल रावत की तलाश में जुटी है।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी अनुज कुमार।
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
उत्तर प्रदेश पुलिस की उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा पास कराने का झांसा देकर अभ्यर्थियों से ठगी करने वाले मथुरा के गांव हवेली निवासी अनुज कुमार को मेरठ एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है। आरोपी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा है। उसने ठगी के मास्टरमाइंड गोपाल रावत को एक अभ्यर्थी के परिजनों से तीन लाख रुपये एडवांस दिला दिए थे। अब टीम मुख्यारोपी गोपाल की तलाश में जुटी है।
Trending Videos
एएसपी ब्रजेश सिंह ने बताया कि आरोपी मुखबिर और सर्विलांस से सूचना मिली थी कि अनुज कुमार राया थाना क्षेत्र के मोहल्ला शिवपुरी रजनी लाइब्रेरी के पास दरोगा भर्ती परीक्षा में पास कराने के नाम पर अभ्यर्थियों से पैसा लेने के लिए अपने साथी के साथ खड़ा है। उपनिरीक्षक संजय कुमार के साथ टीम ने शनिवार रात 8:40 बजे मौके पर पहुंचकर अनुज कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में अनुज ने एसटीएफ को बताया कि कोचिंग के दौरान उसकी मुलाकात गोपाल रावत से हुई थी। गोपाल ने उसे बताया था कि वह भर्ती परीक्षा में पास कराने का काम करता है। गोपाल ने उसे बताया था कि परीक्षा पास कराने के लिए प्रति अभ्यर्थी से 22 लाख रुपये लिए जाएंगे। परीक्षा से पहले तीन लाख रुपये व परीक्षा के बाद पांच लाख रुपये अभ्यर्थी के मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र, खाली चेक और शपथ-पत्र भी लेना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
गोपाल की बातों में आकर अनुज कुमार ने अभ्यर्थियों की तलाश शुरू कर दी थी। अनिल नाम के अभ्यर्थी से अनुज की बात हो गई थी। उसने अपना प्रवेश-पत्र व्हाट्सएप पर भेज दिया था। अनिल की शनिवार को हाथरस के महात्मा गांधी कॉलेज में द्वितीय पाली में परीक्षा थी। अनिल के परिजन उसके पास आए थे। गोपाल उनसे पैसा व अन्य कागजात लेकर चला गया था। अनुज ने टीम को बताया कि गोपाल उसके हिस्से के पैसे देने आने वाला था। वह उसी का इंतजार कर रहा था। आरोपी के पास से एक श्यामवीर सिंह नाम के अभ्यर्थी का भी प्रवेश पत्र मिला है। उसकी परीक्षा रविवार को सासनी के महेश्वर इंटर कॉलेज में थी। इन दोनों अभ्यर्थियों व इनके परिजनों से भी टीम पूछताछ कर रही है।
कॉलेज में है अपना आदमी, ब्लूटूथ से परीक्षा दिलाएंगे
अनुज ने एसटीएफ को बताया कि गोपाल ने उसको बताया था कि महात्मा गांधी कॉलेज में अपना आदमी है, जो ब्लूटूथ उपलब्ध कराएगा। पेपर हम सॉल्व करा देंगे। आरोपी से एक मोबाइल फोन, दरोगा भर्ती के अभ्यर्थी के दो प्रवेश-पत्र, अन्य परीक्षा के चार प्रवेश-पत्र और सामान्य ज्ञान की किताब बरामद की गई है। आरोपी के मोबाइल में गोपाल व अभ्यर्थियों से बातचीत की व्हाटसप चैट भी मिली है। आरोपी से करंट अफेयर सामान्य ज्ञान की बरामद किताब के संबंध में पूछा तो उसने बताया कि उसने शनिवार को ही यह किताब खरीदी थी। गोपाल ने उससे कहा था कि इस किताब की आवश्यकता पड़ेगी।
अनुज ने एसटीएफ को बताया कि गोपाल ने उसको बताया था कि महात्मा गांधी कॉलेज में अपना आदमी है, जो ब्लूटूथ उपलब्ध कराएगा। पेपर हम सॉल्व करा देंगे। आरोपी से एक मोबाइल फोन, दरोगा भर्ती के अभ्यर्थी के दो प्रवेश-पत्र, अन्य परीक्षा के चार प्रवेश-पत्र और सामान्य ज्ञान की किताब बरामद की गई है। आरोपी के मोबाइल में गोपाल व अभ्यर्थियों से बातचीत की व्हाटसप चैट भी मिली है। आरोपी से करंट अफेयर सामान्य ज्ञान की बरामद किताब के संबंध में पूछा तो उसने बताया कि उसने शनिवार को ही यह किताब खरीदी थी। गोपाल ने उससे कहा था कि इस किताब की आवश्यकता पड़ेगी।
केवल ठगी का था इरादा : एसपी
एसपी का कहना है कि अब तक की जांच में सामने आया है कि आरोपियों का इरादा केवल परीक्षा पास कराने के नाम पर ठगी का था। अगर कोई अभ्यर्थी अपनी मेहनत से पास हो जाता तो वह उससे यह कह देते कि उसने उन्हें पास कराया है। अगर कोई फेल हो जाता तो उसे बाद में रुपये लौटाने के नाम पर टरकाते या फिर दबाव बनाने पर रुपये लौटा देते। हालांकि टीम गोपाल की तलाश में जुटी है। आरोपी ने अपना पता भी अनुज को नहीं बताया था। ब्लैंक चेक व शपथ पत्र भी आरोपी अभ्यर्थियों व उनके परिजनों को भरोसा दिलाने के लिए लेते थे।
एसपी का कहना है कि अब तक की जांच में सामने आया है कि आरोपियों का इरादा केवल परीक्षा पास कराने के नाम पर ठगी का था। अगर कोई अभ्यर्थी अपनी मेहनत से पास हो जाता तो वह उससे यह कह देते कि उसने उन्हें पास कराया है। अगर कोई फेल हो जाता तो उसे बाद में रुपये लौटाने के नाम पर टरकाते या फिर दबाव बनाने पर रुपये लौटा देते। हालांकि टीम गोपाल की तलाश में जुटी है। आरोपी ने अपना पता भी अनुज को नहीं बताया था। ब्लैंक चेक व शपथ पत्र भी आरोपी अभ्यर्थियों व उनके परिजनों को भरोसा दिलाने के लिए लेते थे।
सॉल्वर गैंग या ठगी गोपाल की गिरफ्तारी से खुलेगा राज
अनुज एसटीएफ को बताया कि उसका काम केवल अभ्यर्थियों को तलाश कर गोपाल से मिलवाना था। बाकी सारा काम गोपाल रावत करता। अभ्यर्थियों से जो रुपये मिलते वह आपस में बराबर बांट लेते। कुल कितने अभ्यर्थियों से ठगी की गई। इसकी सही जानकारी गोपाल की गिरफ्तारी के बाद होगी। कॉलेज में वास्तव में उसका कोई परिचित था या उसने केवल झांसा देने के लिए कहा था। मामला ठगी का है या सॉल्वर गैंग सक्रिय था। इसकी स्पष्ट जानकारी भी गोपाल की गिरफ्तारी के बाद होगी। इसकी जांच के लिए संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
ये भी देखें...
UP: जयंत चौधरी का फोटो लगा बांट दिए निमंत्रण पत्र, रालोद अध्यक्ष को पता तक नहीं, हैरान कर देगा पूरा मामला
अनुज एसटीएफ को बताया कि उसका काम केवल अभ्यर्थियों को तलाश कर गोपाल से मिलवाना था। बाकी सारा काम गोपाल रावत करता। अभ्यर्थियों से जो रुपये मिलते वह आपस में बराबर बांट लेते। कुल कितने अभ्यर्थियों से ठगी की गई। इसकी सही जानकारी गोपाल की गिरफ्तारी के बाद होगी। कॉलेज में वास्तव में उसका कोई परिचित था या उसने केवल झांसा देने के लिए कहा था। मामला ठगी का है या सॉल्वर गैंग सक्रिय था। इसकी स्पष्ट जानकारी भी गोपाल की गिरफ्तारी के बाद होगी। इसकी जांच के लिए संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
ये भी देखें...
UP: जयंत चौधरी का फोटो लगा बांट दिए निमंत्रण पत्र, रालोद अध्यक्ष को पता तक नहीं, हैरान कर देगा पूरा मामला