सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Muzaffarnagar Encounter Wanted Criminal Satpal Sattu sustained two gunshot wounds and died from blood loss

यूपी में सतपाल का एनकाउंटर: पहले था रणजी खिलाड़ी, फिर बना अपराधी, सत्तू को लगी थीं 2 गोलियां, इस वजह से गई जान

अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: Sharukh Khan Updated Thu, 25 Jun 2026 08:13 AM IST
विज्ञापन
सार

मुजफ्फरनगर के तितावी इलाके के गांव की किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म के आरोपी मुठभेड़ में मारे गए सतपाल उर्फ सत्तू को दो गोलियां लगी थीं। उसकी खून बहने से जान चली गई थी। परिजनों ने शहर के भोपा रोड पर उसका अंतिम संस्कार किया।

Muzaffarnagar Encounter Wanted Criminal Satpal Sattu sustained two gunshot wounds and died from blood loss
Muzaffarnagar Encounter - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार

मुजफ्फरनगर के तितावी इलाके के गांव की किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म के आरोपी मुठभेड़ में मारे गए पंजाब की ओर से रणजी ट्रॉफी के दो मुकाबले खेल चुके सतपाल उर्फ सत्तू को दो गोली लगी थी। अधिक खून बहने से सत्तू की जान गई। चंडीगढ़ से पहुंचे परिजनों ने भोपा रोड स्थित श्मशानघाट पर अंतिम संस्कार कर दिया और वापस लौट गए।


मूल रूप से पचैंड़ा गांव निवासी और वर्तमान में चंडीगढ़ के राम दरबार निवासी आरोपी सोमवार रात पुलिस मुठभेड़ में घायल हुआ था। मंगलवार को उसकी मौत हो गई। सिविल लाइन थाना पुलिस ने उसके बेटे सुमित को कॉल कर जानकारी दी थी। पहले परिजनों ने आने से इन्कार कर दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


पुलिस अधिकारियों ने चंडीगढ़ के सेक्टर-31 थाने में जानकारी दी। मृतक के परिजनों को मुजफ्फरनगर भिजवाने के लिए मदद मांगी। उनको बताया गया कि मुजफ्फरनगर पुलिस की मदद से सत्तू को मृत्यु प्रमाण पत्र बन सकता है जो भविष्य में पुलिस को दिखाने में काम आएगा।
विज्ञापन


इसके बाद मंगलवार देर रात परिजन आने के लिए तैयार हुए। सुबह के समय पत्नी मोना, पुत्र सुमित कुमार, भांजा राजेश, बहन उषा सिविल लाइन थाने पहुंचे। पुलिस ने उन्हें मामले की पूरी जानकारी दी। इसके बाद मोर्चरी पहुंच कर परिजनों ने शव को सुपुर्दगी में लिया और भोपा बस अड्डे के सामने श्मशान घाट पर शव का अंतिम संस्कार कर परिजन वापस लौट गए।

परिवार ने डरकर छोड़ दिया था घर
एसपी सिटी अमत जैन ने बताया कि परिजन भी सत्तू से परेशान थे। वह कभी भी किसी पर भी पिस्टल तान देता था। फरवरी माह में पुलिस कस्टडी से भागने से पहले भी वर्ष 2009 में मेरठ से कोर्ट में पेशी के लिए ले जाए जाने पर चंडीगढ़ से पुलिस कस्टडी से भाग गया था। 

 

उसके आतंक के कारण परिजनों ने राम दरबार वाला घर छोड़कर अन्य स्थान पर रहना शुरू कर दिया था। पुलिस जांच में सामने आया कि 1996 में वह पंजाब के लिए दो रणजी ट्रॉफी के मुकाबले खेल चुका था। 2001 में अपराध की दुनिया में नाम आने के बाद पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन ने अपने खिलाड़ियों की सूची से उसका नाम हटा दिया था।
 

लूट और दुष्कर्म की धारा बढ़ाई
सिविल लाइन थाना पुलिस लिस ने पहले इस मामले में अपहरण का मामला दर्ज किया था। किशोरी के आने के बाद उसके कोर्ट में बयान दर्ज कराए गए। बयानों के आधार पर दुष्कर्म व लूट की धारा को रिपोर्ट में बढ़ाया गया है। आरोपी ने किशोरी को धमका कर उसकी बाली लूट थी जो मुठभेड़ के बाद आरोपी से बरामद हुई है। 

 

आरोपी ने मुठभेड़ में पांच गोली चलाई थी। पुलिस की ओर से भी पांच गोली चली थी। आरोपी ने नौकरी लगवाने के नाम पर ग्रामीण से 11 हजार रुपये लिए थे। इनमें से मुठभेड़ के दौरान 6390 रुपये बरामद हुए हैं। पुलिस अधीक्षक सिटी अमृत जैन ने बताया कि सत्तू से परिवार के लोग भी परेशान थे। पोस्टमार्टम के बाद उन्हें शव सौंप दिया गया है।

 

परिवार बोला, पुलिस से किया अपराध का खात्मा
चंडीगढ़ के सेक्टर 20 सी में रहने वाले भांजे राजेश कुमार ने कहा कि उनका मामा अपराधी था। पुलिस ने अच्छी कार्रवाई की है। वह और उनका परिवार पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट है। उन्होंने शव को मुजफ्फरनगर में ही अंतिम संस्कार कर दिया है। बेटे सुमित ने बताया कि पुलिस कस्टडी से भागने के बाद उसके पिता एक बार आए थे।

 

2007 में चंडीगढ़ नगर निगम में पार्षद रहा
पुलिस अधीक्षक सिटी ने बताया कि सत्तू 2007 में चंडीगढ़ नगर निगम में पार्षद भी रहा था। 2010 से धागा लदा ट्रक लूटने के मामले में वह मेरठ जेल में रहा। ट्रक लूट की घटना में उसकी पत्नी भी जेल गई थी। इस घटना से पहले उसने अपनी पत्नी की कार का प्रयोग कर साथियों के साथ मिलकर हत्या की घटना की।
 

मुजफ्फरनगर का गिरोह, छोटा राजन से जुड़े तार
जनपद के बदमाशों का यह गिरोह तैयार कर लिया था। बाद में यह मुंबई के छोटा राजन गिरोह से भी जुड़ गया। सत्तू 2011 से 2022 तक मुजफ्फरनगर जेल में रहा। इसके बाद उसे मेरठ जेल में ट्रांसफर कर दिया। 2024 में चंडीगढ़ जेल में ट्रांसफर कर दिया गया था। जमानत पर जेल से रिहा हुआ।

 

पत्नी के प्रेमी की हत्या, फिर लुधियाना जेल गया
जेल से बाहर आने के बाद सत्तू ने अपनी पत्नी के प्रेमी को बहाने से ले जाकर चंडीगढ़ के समराला थाना क्षेत्र में हत्या कर दी थी। वह इस मामले में लुधियाना जेल चला गया। वहां वह बीमार रहने का नाटक करने लगा। एक बार उसने अपनी बेटी के यूपी में एसडीएम बनने की झूठी बात बताते हुए मिठाई बंटवा दी थी। 

 

बीमार रहने के बहाने के चलते उसे दो बार सिविल अस्पताल लुधियाना में ले जाया। तीसरी बार में वह अस्पताल से छह फरवरी 2026 को पुलिस कस्टडी से भाग गया। वह तभी से इस मामले में वांछित चल रहा था। उसने चंडीगढ़ के मेयर व साथियों पर भी फायरिंग की और मेरठ में रंगदारी मांगी थी।

 

वारदात के बाद जंगल के रास्ते भागता था
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि घटना करने के बाद वह मुख्य मार्ग से न जाकर जंगल के रास्ते भागता था। जंगल में किशोरी के साथ हथियार के बल पर दुष्कर्म करता था। उसके शव को डॉक्टरों के तीन पैनल से वीडियोग्राफी कराते हुए पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। 

 

वह अपने पास कीपैड वाला छोटा मोबाइल रखता था। उससे तितावी निवासी पीड़िता को मोबाइल फोन, जेवर व 6390 रुपये बरामद हुए हैं। उसके खिलाफ पहला मामला चंडीगढ़ के सेक्टर 31 थाने में अवैध शस्त्र बरामद होने का है। जानसठ में 2010 में जानलेवा हमला व गैंगस्टर एक्ट का मामला दर्ज हैं।
 

ये था मामला
एक सप्ताह पहले सत्तू तितावी पहुंचा था। पीर के पास मिले तितावी निवासी एक ग्रामीण से उसने बेटी की बीमारी का बहाना बनाकर तांत्रिक के बारे में पूछा था। इसके बाद ग्रामीण ने एक तांत्रिक से मिलवाया था। रात होने का बहाना बनाकर वह ग्रामीण के घर पर ठहरा था। सुबह के समय उसने सफाई कर्मचारी के रूप में ग्रामीण की नाबालिग पुत्री व पुत्र की नौकरी लगवाने का झांसा दिया था।

 

किशोरी से दुष्कर्म का आरोपी 25 हजार का इनामी सतपाल सत्तू ढेर
मुजफ्फरनगर के सिविल लाइन थाना पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम के साथ बामनहेड़ी रेलवे स्टेशन के पास हुई मुठभेड़ में 25 हजार रुपये का इनाम सतपाल उर्फ सत्तू मारा गया। तितावी क्षेत्र की किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। मृतक मुंबई के छोटा राजन गैंग का सदस्य और चंडीगढ़ के सेक्टर-31 थाने का हिस्ट्रीशीटर था।

 

पांच महीने पहले लुधियाना के सिविल अस्पताल से उपचार के दौरान फरार होने के बाद वह पश्चिम यूपी के जिलों में अपराध की वारदातें अंजाम दे रहा था। मुठभेड़ में एसओजी की गाड़ी में गोली लगी। एसओजी के दरोगा अजय गौड़ व सिविल लाइन थाने का सिपाही अंकित घायल हुआ है। आरोपी से पिस्टल व एक कार, फर्जी आधार कार्ड, एक पर्स, नकद व अपहृत किशोरी के जेवर बरामद किए।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed