शामली के पंजाबी कॉलोनी में हुए पाठक परिवार के चार सदस्यों की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। दोपहर में एसपी विनीत जयसवाल ने पत्रकार वार्ता करते हुए बताया कि पाठक परिवार के चारों सदस्यों की हत्या उनके घर में अजय पाठक की जागरण मंडली में शामिल उनके शिष्य हिमांशु सैनी निवासी झार खेड़ी थाना केराना जनपद ने की थी। आगे जानें आखिर कैसे एक ही परिवार के चार लोगों को आरोपी ने बेरहमी से उतार दिया मौत के घाट-
ट्रिपल मर्डर में बड़ा खुलासा, लेन-देन और बेइज्जती का बदला लेने को शिष्य ने रची थी खौफनाक साजिश
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एसपी ने बताया कि घर खेड़ी निवासी हिमांशु अजय पाठक की भजन मंडली में करीब ढाई साल से काम करता है और अजय पाठक के उनका अच्छा खासा आना-जाना है। कई बार रात में हिमांशु अजय के मकान में ही रुक जाता है। हिमांशु की आर्थिक हालत ठीक नहीं है उस पर एक बैंक से पांच लाख का लोन भी था जिसका बैंक ने रिकवरी नोटिस जारी किया हुआ था।
बताया कि इसके अलावा कई और लोगों से भी उसने पैसे लिए हुए थे। जिनका तकादा लोग उसके घर पर आकर करते थे इस कारण वह मानसिक तनाव में रहता था एसपी के अनुसार हिमांशु ने बताया कि अजय पाठक पर भी उसके करीब 60 हजार रुपये चाहिए थे। वापस मांगने पर अजय पाठक उसे अपशब्द कहकर अपमानित करते थे। दूसरों के सामने भी उसे बेइज्जत किया जाता था जिससे वह काफी क्षुब्ध था।
हिमांशु के हवाले से एसपी ने बताया कि 30 दिसंबर की रात हिमांशु अजय पाठक के घर पर ही रुका था। बकौल एसपी रात को हिमांशु ने अजय पाठक के यहां खाना खाया, रात को अजय से अपने 60 हजार रुपये मांगे। उसने बैंक के नोटिस और लोगों के घर आकर तकादा करने की बात हुई पाठक को बताई लेकिन पाठक ने उसे अपशब्द कहकर डांट दिया।
यह बात हिमांशु को नगवार गुजरी और बेइज्जती बर्दाश्त नहीं हुई। इसके बाद वह मकान के निचले हिस्से में आया। रात को तकरीबन साढ़े तीन बजे उसने अजय के मकान में रखी एक छोटी तलवार और चाकू उठाया और घर के कमरे में सो रहे अजय पाठक और उनके परिवार पर ताबड़तोड़ वार कर चारों की हत्या कर दी।
अजय के दस साल के बेटे भागवत का शव उनकी गाड़ी की डिग्गी में डाल दिया और लेकर फरार हो गया। वह पानीपत पहुंचा और शव को गाड़ी में ही जला रहा था कि पुलिस ने उसे मौके पर ही दबोच लिया।