मिशन 2027: मेरठ की सात सीटों पर सपा में टिकट की होड़, मैदान में पुराने दिग्गज और नए चेहरे, दावेदारों की कतार
मिशन 2027 के तहत मेरठ की सातों विधानसभा सीटों पर समाजवादी पार्टी में टिकट के दावेदारों की लंबी सूची सामने आ रही है। पुराने दिग्गजों के साथ कई नए चेहरे भी चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं।
विस्तार
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पश्चिमी यूपी की सियासत का अहम केंद्र माने जाने वाले मेरठ में समाजवादी पार्टी (सपा) ने चुनावी बिसात पर मोहरे सजाने शुरू कर दिए हैं।
सातों विधानसभा सीटों पर टिकट के लिए दावेदारों की लंबी सूची सामने आ रही है। पुराने दिग्गज नेताओं के साथ युवा चेहरे भी टिकट की दौड़ में शामिल हैं। पार्टी के भीतर प्रचार, पोस्टर और जनसंपर्क के जरिए दावेदारी मजबूत करने की कोशिशें तेज हो गई हैं।
2022 के विधानसभा चुनाव परिणामों ने भी सपा की उम्मीदें बढ़ाई हैं, क्योंकि पार्टी ने गठबंधन के साथ चार सीटों पर जीत दर्ज की थी और दो सीटों पर भाजपा को कड़ी टक्कर दी थी।
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शहर और दक्षिण सीट पर सबसे ज्यादा दावेदार
मेरठ शहर विधानसभा सीट से सपा के मौजूदा विधायक रफीक अंसारी का दावा इस बार भी मजबूत माना जा रहा है। वह लगातार दो बार इस सीट से जीत चुके हैं और इस बार हैट्रिक लगाने की तैयारी में हैं। हालांकि यहां से नोमान मुर्तजा भी टिकट के दावेदार बताए जा रहे हैं।
वहीं मेरठ दक्षिण सीट पर पिछली बार सपा के हाजी आदिल चौधरी भाजपा के सोमेंद्र तोमर से मामूली अंतर से हार गए थे। इस बार भी आदिल का दावा मजबूत माना जा रहा है, लेकिन यहां से डॉ. किशन पाल गुर्जर, मुखिया गुर्जर, सीमा प्रधान और नवाजिश मंजूर के नाम भी चर्चा में हैं।
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सरधना, किठौर और हस्तिनापुर में भी सियासी हलचल
चर्चित सरधना सीट से सपा के अतुल प्रधान मौजूदा विधायक हैं। उन्होंने भाजपा के संगीत सोम को हराकर जीत दर्ज की थी, इसलिए उनका टिकट लगभग तय माना जा रहा है।
किठौर सीट से मौजूदा विधायक और पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर का दावा मजबूत है, हालांकि यहां बाबर चौहान भी टिकट के लिए प्रयास कर रहे हैं।
ऐतिहासिक हस्तिनापुर सीट से पूर्व विधायक योगेश वर्मा फिर से दावा ठोक रहे हैं। पिछली बार उन्हें भाजपा के दिनेश खटीक से हार का सामना करना पड़ा था। इस सीट पर प्रभुदयाल वाल्मीकि और प्रशांत गौतम भी टिकट की दौड़ में बताए जा रहे हैं।
कैंट और सिवालखास सीट पर संशय
मेरठ कैंट सीट पिछले चुनाव में सपा-रालोद गठबंधन के तहत रालोद के खाते में गई थी। यह सीट भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाती है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि आगामी चुनाव में यदि कांग्रेस और सपा का गठबंधन होता है तो यह सीट कांग्रेस को दी जा सकती है।
सिवालखास सीट भी पिछली बार गठबंधन के तहत रालोद के खाते में थी। फिलहाल यहां नदीम चौहान, गौरव चौधरी, सम्राट मलिक और वसीम राजा टिकट की दावेदारी कर रहे हैं।
हस्तिनापुर और दक्षिण सीट की टीस
सपा के लिए हस्तिनापुर और मेरठ दक्षिण सीट खास मायने रखती हैं। 2022 में हस्तिनापुर सीट पर योगेश वर्मा मात्र 7,312 वोटों से हार गए थे। वहीं मेरठ दक्षिण में भी मुकाबला बेहद करीबी रहा था। पार्टी का मानना है कि थोड़ी और रणनीति होती तो परिणाम बदल सकता था।
टिकट वितरण में तीन बड़ी चुनौतिया
पुराने बनाम नए चेहरे: क्या पार्टी अनुभवी नेताओं पर भरोसा करेगी या नए और आक्रामक चेहरों को मौका देगी।
पीडीए फार्मूला: अखिलेश यादव का पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समीकरण मेरठ में कितना प्रभावी रहेगा, यह भी बड़ा सवाल है।
भीतरघात का खतरा: टिकट न मिलने पर दावेदारों में असंतोष न फैले, इसे संभालना पार्टी नेतृत्व के लिए बड़ी चुनौती होगी।
बदलता सियासी भूगोल
2022 में सपा का रालोद के साथ गठबंधन था, जिससे सिवालखास और किठौर सीटों पर फायदा मिला था। लेकिन अब रालोद के एनडीए में जाने से मेरठ का राजनीतिक समीकरण बदल गया है। ऐसे में सपा को जाट, गुर्जर और मुस्लिम वोट बैंक को साधने वाली नई रणनीति बनानी होगी।
2022 विधानसभा चुनाव: मेरठ की सातों सीटों का रिपोर्ट कार्ड
| विधानसभा सीट | विजेता प्रत्याशी | पार्टी | मिले वोट | उपविजेता | हार-जीत का अंतर |
|---|---|---|---|---|---|
| मेरठ शहर | रफीक अंसारी | सपा | 1,41,200 | कमल दत्त शर्मा (भाजपा) | 26,065 |
| किठौर | शाहिद मंजूर | सपा | 1,07,104 | सत्यवीर त्यागी (भाजपा) | 2,180 |
| सरधना | अतुल प्रधान | सपा | 1,18,572 | संगीत सोम (भाजपा) | 18,160 |
| सिवालखास | गुलाम मोहम्मद | सपा-रालोद गठबंधन | 1,01,749 | मनिंदर पाल (भाजपा) | 9,182 |
| मेरठ दक्षिण | सोमेंद्र तोमर | भाजपा | 1,21,114 | मो. आदिल (सपा) | 8,222 |
| हस्तिनापुर | दिनेश खटीक | भाजपा | 1,07,582 | योगेश वर्मा (सपा) | 7,312 |
| मेरठ कैंट | अमित अग्रवाल | भाजपा | 1,62,433 | मनीषा अहलावत (सपा-रालोद गठबंधन) |
कुल स्थिति (मेरठ जिला)
समाजवादी पार्टी / गठबंधन: 4 सीट
भाजपा: 3 सीट
