UP: भीषण गर्मी से मेरठ में ओवरलोड हुए ट्रांसफार्मर, फुंकने का खतरा, कूलर और पानी के सहारे किए जा रहे ठंडे
मेरठ में भीषण गर्मी और बढ़ती बिजली खपत के कारण ट्रांसफार्मर ओवरलोड हो रहे हैं। बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए विभाग ट्रांसफार्मरों पर कूलर लगा रहा है और पानी डालकर उन्हें ठंडा कर रहा है।
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मेरठ में भीषण गर्मी और लगातार बढ़ती बिजली खपत ने मेरठ की विद्युत व्यवस्था पर दबाव बढ़ा दिया है। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के कई बिजलीघरों के ट्रांसफार्मर ओवरलोड होकर अत्यधिक गर्म हो रहे हैं।
हालात ऐसे हैं कि बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए विद्युत विभाग को ट्रांसफार्मरों पर कूलर लगाने और पानी डालकर उनका तापमान नियंत्रित करना पड़ रहा है। अधिकारियों का कहना है कि बढ़ते तापमान और बिजली की रिकॉर्ड मांग के कारण ट्रांसफार्मरों पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है, जिससे उनके खराब होने का खतरा बढ़ गया है।
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भीषण गर्मी के कारण कई बिजलीघरों के ट्रांसफार्मरों का तापमान 75 से 80 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। मोहकमपुर बिजलीघर में ट्रांसफार्मरों को सुरक्षित रखने के लिए उन पर लगातार पानी डाला जा रहा है। जब तापमान खतरनाक स्तर तक पहुंच जाता है तो ट्रांसफार्मरों को कुछ समय के लिए बंद कर ठंडा किया जाता है। तापमान सामान्य होने के बाद उन्हें फिर से चालू किया जाता है, ताकि बिजली आपूर्ति सुचारु बनी रहे।
कई बिजलीघरों में लगाए गए कूलर
मुख्य अभियंता रजनीकांत मिश्र के अनुसार शहरी क्षेत्र के 59 बिजलीघरों में से लगभग छह बिजलीघरों पर ट्रांसफार्मरों को ठंडा रखने के लिए कूलर लगाए गए हैं। इसके अलावा जाहिदपुर, काजीपुर, जानी और मोदीपुरम क्षेत्र के बिजलीघरों में भी विशेष प्रबंध किए गए हैं। जानी क्षेत्र में ट्रांसफार्मरों पर सीधे पानी डालकर उनका तापमान नियंत्रित किया जा रहा है, ताकि वे फुंकने से बच सकें।
फुंकने से बचाने के लिए अपनाए जा रहे विशेष उपाय
मुख्य अभियंता गुरजीत सिंह ने बताया कि लगातार संचालन के कारण ट्रांसफार्मर अत्यधिक गर्म हो जाते हैं। इससे उनके खराब होने या फुंकने की आशंका बढ़ जाती है। इसी को देखते हुए विभाग ने कई तकनीकी उपाय लागू किए हैं। इनमें कूलर लगाना, फुहार प्रणाली के माध्यम से पानी का छिड़काव करना तथा पाइप के जरिए पानी डालकर ट्रांसफार्मरों को ठंडा रखना शामिल है।
बढ़ती बिजली खपत बनी बड़ी चुनौती
गर्मी बढ़ने के साथ घरों और प्रतिष्ठानों में कूलर, पंखे और वातानुकूलन यंत्रों का उपयोग तेजी से बढ़ा है। इससे बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच रही है और ट्रांसफार्मरों पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। विद्युत विभाग का दावा है कि सभी संवेदनशील बिजलीघरों की लगातार निगरानी की जा रही है। साथ ही किसी भी संभावित खराबी को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलती रहे।