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UP: दो करोड़ के गबन में बडी कार्रवाई, पूर्व बैंक मैनेजर समेत तीन निलंबित, पीड़ितों को रुपये लौटाने का भरोसा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली Published by: Dimple Sirohi Updated Tue, 23 Jun 2026 05:57 PM IST
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सार

जलालाबाद की पंजाब नेशनल बैंक शाखा में दो करोड़ रुपये के गबन मामले में पूर्व शाखा प्रबंधक समेत तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। बैंक ने पीड़ितों को धन वापसी का आश्वासन दिया है।

UP:  Action in rs2 Crore Embezzlement Case in Shamli, Former Bank Manager Among Three Suspended
निलंबित - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार

शामली जिले में पंजाब नेशनल बैंक की जलालाबाद शाखा में करीब दो करोड़ रुपये के कथित गबन मामले में बैंक प्रबंधन ने बड़ी कार्रवाई की है। विभागीय जांच में लापरवाही उजागर होने के बाद तत्कालीन शाखा प्रबंधक समेत तीन अधिकारियों-कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। वहीं तीन अन्य कर्मचारियों का तबादला किया गया है। बैंक प्रबंधन ने प्रभावित खाताधारकों को उनका धन वापस दिलाने का भी भरोसा दिया है।



पूर्व शाखा प्रबंधक समेत तीन निलंबित
जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन शाखा प्रबंधक शिरीष बिष्ट, जयबीर सिंह और कर्मचारी मोहित वर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा वर्ष 2020 से 2025 के बीच शाखा में तैनात कैशियर सतीश समेत तीन कर्मचारियों का स्थानांतरण भी किया गया है।
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250 लोगों से दो करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप
चार जून को बड़ी संख्या में लोगों ने बैंक शाखा पर पहुंचकर हंगामा किया था। आरोप था कि बैंक में जनरेटर संचालन का कार्य करने वाला और स्वयं को बैंक मित्र बताने वाला अंकुर सैनी लोगों से नकदी लेकर उनके खातों में जमा नहीं करता था। आरोप यह भी है कि उसने लोगों को बहकाकर उनके खातों से रकम निकलवा ली। मामले में करीब 250 उपभोक्ताओं के साथ लगभग दो करोड़ रुपये की धोखाधड़ी सामने आई थी।

प्राथमिकी के बाद आरोपी की हुई गिरफ्तारी
शाखा प्रबंधक मानवेंद्र की तहरीर पर 12 जून को मामला दर्ज कराया गया था। इसके बाद पुलिस ने 18 जून को आरोपी अंकुर सैनी को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि गिरफ्तारी के बाद भी पीड़ित उपभोक्ता बैंक अधिकारियों की भूमिका की जांच और अपनी जमा पूंजी वापस दिलाने की मांग कर रहे थे।

जांच में अधिकारियों की लापरवाही उजागर
डिप्टी सर्किल हेड राधेश्याम लालदास के नेतृत्व में की गई विभागीय जांच में कई गंभीर सवाल सामने आए। जांच में यह तथ्य सामने आया कि बैंक से प्रत्यक्ष रूप से संबद्ध न होने के बावजूद अंकुर सैनी लंबे समय तक लोगों के खाते में धन जमा कराने और निकासी से जुड़े कार्य करता रहा। अधिकारियों की निगरानी में यह गतिविधियां कैसे चलती रहीं, इसे लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

बुधवार से शुरू होगा सत्यापन अभियान
बैंक प्रबंधन ने बताया कि बुधवार से प्रभावित उपभोक्ताओं को बैंक बुलाकर उनके दावों और तथ्यों का सत्यापन किया जाएगा। जिन मामलों में दावे सही पाए जाएंगे, वहां उपभोक्ताओं को गबन की गई धनराशि वापस दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

किसी पीड़ित का नुकसान नहीं होने देंगे
डिप्टी सर्किल हेड राधेश्याम लालदास ने कहा कि बैंक प्रबंधन किसी भी वास्तविक पीड़ित का नुकसान नहीं होने देगा। जांच पूरी पारदर्शिता से कराई जा रही है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मामले में जो भी व्यक्ति जिम्मेदार पाया जाएगा, उसे किसी भी स्तर पर बख्शा नहीं जाएगा।

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