UP: वलीमे में प्रतिबंधित मीट परोसने का मामला, मंडप पर लगी सील, मंडराया बुलडोजर कार्रवाई का खतरा
कैराना के मुगल गार्डन को मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण ने अवैध निर्माण बताते हुए सील कर दिया। वलीमे में प्रतिबंधित पशु के मांस परोसने के मामले के बाद यह कार्रवाई की गई।
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शामली के कैराना में चर्चित मुगल गार्डन प्रकरण में मंगलवार को बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया। मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण की टीम ने मुगल गार्डन और उससे जुड़े भवनों को अवैध निर्माण घोषित करते हुए सील कर दिया। परिसर के बाहर नोटिस भी चस्पा किया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय में स्वीकृत नक्शा प्रस्तुत नहीं किए जाने पर आगे ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी की जा सकती है।
वलीमे के कार्यक्रम के बाद चर्चा में आया था मुगल गार्डन
मोहल्ला रेता वाला स्थित मुगल गार्डन में बृहस्पतिवार रात वलीमे का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसी दौरान पुलिस ने छापेमारी की कार्रवाई की थी। पुलिस के अनुसार जांच के दौरान वहां परोसे जा रहे भोजन को लेकर मामला सामने आया, जिसके बाद कार्रवाई करते हुए दूल्हे, उसके रिश्तेदार और गार्डन संचालक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।
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विकास प्राधिकरण की टीम ने की सीलिंग कार्रवाई
मंगलवार दोपहर मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों की टीम कैराना पहुंची। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल की मौजूदगी में मुगल गार्डन, उससे जुड़े बैंक्वेट हॉल तथा पार्किंग परिसर को चारों ओर से सील कर दिया गया। सीलिंग के दौरान भवन के बाहर स्पष्ट रूप से अंकित किया गया कि निर्माण अवैध है और विकास प्राधिकरण द्वारा सील किया गया है।
दीवारों पर चस्पा किया गया नोटिस
कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने भवन परिसर पर नोटिस भी चस्पा कराया। साथ ही भवन की दीवार पर सार्वजनिक सूचना लिखवाई गई, ताकि लोगों को कार्रवाई की जानकारी मिल सके। प्राधिकरण अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों को भी कार्रवाई के कारणों से अवगत कराया।
पहले ही जारी किए गए थे नोटिस
अधिकारियों के अनुसार करीब 15 दिन पहले क्षेत्र के कई मैरिज होम और बैंक्वेट हॉल संचालकों को नोटिस जारी किए गए थे। इनमें मुगल गार्डन समेत अन्य प्रतिष्ठान भी शामिल थे। नोटिस के बाद भी आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए गए, जिसके चलते सीलिंग की कार्रवाई अमल में लाई गई।
स्वीकृत नक्शा नहीं होने का दावा
विकास प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि मुगल गार्डन का स्वीकृत नक्शा उपलब्ध नहीं है। इसी आधार पर निर्माण को नियमों के विपरीत मानते हुए कार्रवाई की गई है। अधिकारियों के मुताबिक यदि संचालक निर्धारित समय के भीतर वैध अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर पाता है तो आगे और कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
बुलडोजर कार्रवाई की भी चेतावनी
प्राधिकरण ने संकेत दिए हैं कि यदि भवन से संबंधित आवश्यक स्वीकृतियां और नक्शा प्रस्तुत नहीं किया गया तो ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी की जा सकती है। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के अन्य मैरिज होम और बैंक्वेट हॉल संचालकों में भी हलचल बढ़ गई है।