इमरान मसूद बोले सहारनपुर में हुई लोकतंत्र की हत्या, पीएम-सीएम व डीएम के खिलाफ जमकर नारेबाजी
सहारनपुर में गंगोह विधानसभा के उप चुनाव की मतगणना में जिला प्रशासन पर गड़बड़ी करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेसियों ने मतगणना स्थल के नजदीक जमकर नारेबाजी की। बाजुओं पर काला रिबन बांधकर पीएम नरेंद्र मोदी, सीएम योगी आदित्यनाथ और डीएम आलोक कुमार पांडेय के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। जनता रोड तिराहे पर प्रदर्शनकारी और पुलिस आमने सामने नजर आए।
मतों की गणना 31 राउंड में हुई। 27 राउंड तक कांग्रेस प्रत्याशी नोमान मसूद करीब चार हजार मतों की बढ़त बनाए हुए थे, मगर बाद के चार राउंड में भाजपा प्रत्याशी किरत सिंह 5362 मतों से विजेता घोषित किए गए। मतगणना स्थल से निकलते हुए सपा नेता व जेवी जैन कॉलेज के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष संतरपाल ने मतगणना में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया। उनके साथ बाहर आए एजेंटों ने प्रशासन पर उन्हें बंधक बनाकर रखने का आरोप लगाया।
इसके बाद नोमान मसूद बाहर आए उन्होंने बाहर निकलते वक्त लोकतंत्र की हत्या करने का आरोप प्रशासन पर लगाया। उनके साथ समर्थकों ने भी प्रशासन पर उन्हें बंधक बनाने और अंतिम राउंड में बाहर निकालने का आरोप लगाया। इसके बाद सभी कांग्रेसी जनता रोड तिराहे पर जमा हुए, जहां डीएम आलोक कुमार पांडेय के खिलाफ नारेबाजी की गई। यहां इमरान मसूद के साथ ही विधायक मसूद अख्तर, विधायक नरेश सैनी, जिलाध्यक्ष शशि वालिया, कार्यवाहक जिलाध्यक्ष जावेद साबरी समेत तमाम कांग्रेसी रहे। सभी ने बाजुओं पर काली पट्टी बांधकर पीएम और सीएम के खिलाफ भी नारेबाजी की। एक समय स्थिति ऐसी रही कि सड़क के एक छोर पर नारेबाजी हो रही थी और दूसरे छोर पर सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ हेलमेट लगाए फोर्स के साथ तैयार थे। यानी स्थिति आमने-सामने की बनी नजर आई। इसके बाद कांग्रेसी वहां से निकल गए।
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सहारनपुर में हुई लोकतंत्र की हत्या: इमरान
मतगणना स्थल से निकलने के बाद इमरान मसूद ने अंबाला रोड स्थित अपने निवास पर पत्रकार वार्ता की। उन्होंने मतों की गणना में प्रशासन पर गड़बड़ी करने का आरोप लगाते हुए इसे लोकतंत्र के लिए काला दिन बताया। उन्होंने बताया कि 27 वें राउंड तक नोमान 3439 वोट से आगे चल रहे थे। 28 वें राउंड में भी उनकी डीएम से बात हुई और उन्होंने नोमान के 2900 वोटों से आगे होने की बात कही। मगर उसके बाद प्रशासन ने सभी प्रत्याशियों और एजेंटों को बाहर करते हुए ढाई राउंड में गड़बड़ी कर भाजपा प्रत्याशी को जिता दिया। इमरान का आरोप है कि बाद के राउंड की मशीनें खोले बिना ही भाजपा प्रत्याशी को पांच हजार से अधिक वोटों से जीत दे दी गई। उन्होंने भाजपा और प्रशासन पर लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाने का आरोप लगाया।
उन्होंने बताया कि मामले की शिकायत चुनाव आयोग से की गई है। कमिश्नर को भी एक कॉपी दी गई है। उन्होंने ईवीएम में भी गड़बड़ी होने की बात कही। उन्होंने बताया कि वह काला झंडा भी लगा सकते थे, मगर भाजपा और आरएसएस के लोग उन्हें आईएसआईएस का आदमी बता सकते हैं। इसलिए केवल काली पट्टी बांधकर विरोध जताया गया है।
प्रत्याशियों की बात
यह मेरी नहीं, जनता की जीत है। जनता ने जो भरोसा मुझ पर जताया है मैं उस पर खरा उतरने का प्रयास करूंगा। सबका साथ सबका विकास की सोच के साथ क्षेत्र में काम किए जाएंगे। सबको साथ लेकर चला जाएगा। मतगणना में गड़बड़ी के आरोप लगाने वाले लोग हार से बौखला गए हैं। - किरत सिंह, नवनिर्वाचित विधायक गंगोह।
मतगणना में गड़बड़ी लोकतंत्र की हत्या है। हमारे एजेंटों को पहले बंधक बनाए रखा। बाद के तीन राउंडों में एजेंटों को बाहर कर दिया गया। हम चुनाव आयोग से शिकायत करेंगे। मामले को लेकर पार्टी की जो भी रणनीति होगी उसके अनुरूप काम किया जाएगा। - नोमान मसूद, कांग्रेस प्रत्याशी।
मतगणना के दौरान स्ट्रांग रूम से कई मशीनें सुतली में बंधी और सीट टूटी आईं। बीच में दो घंटे तक मतगणना को रोकना और डीएम और एसएसपी का आरओ की सीट पर जमे रहना सवाल उठाता है। फोर्स को अंदर रखा गया था और मीडिया को बाहर। इससे भी गड़बड़ी होने की आशंका बढ़ती है। - इंद्रसैन, सपा प्रत्याशी।
जब तक मैं और मेरे एजेंट मतगणना स्थल के भीतर रहे हैं, तब तक किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं थी ना ही किसी प्रकार की अशांति नजर आई। हमारे हिसाब से मतगणना ठीक रही है। जो लोग आरोप लगा रहे हैं वही जानें। - इरशाद, बसपा प्रत्याशी।
मतगणना में गड़बड़ी करने के आरोप लगाना मेरी समझ से परे है। एक-एक मशीन सील्ड थी, जो एजेंटों के सामने खोली गई हैं। प्रत्येक राउंड तक पूरी पारदर्शिता के साथ मतगणना की गई है। - आलोक कुमार पांडेय, जिला निर्वाचन अधिकारी, डीएम।
सभी प्रत्याशी और उनके एजेंट भीतर ही रहे हैं, जिनके सामने पूरी मतगणना निपटी है। यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी की आशंका किसी को थी तो वह आरओ से शिकायत कर सकते थे। हमारा काम सुरक्षा व्यवस्था बनाना था, जो दुरुस्त रही है। किसी को बंधक नहीं बनाया गया। सारे आरोप निराधार है। - दिनेश कुमार, एसएसपी।
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