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UP: 'स्कूल से यूनिफॉर्म-किताबें-जूतें खरीदने का बनाया दबाव तो करेंगे सख्त कार्रवाई', मेरठ के डीएम की चेतावनी

अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: Mohd Mustakim Updated Fri, 17 Apr 2026 05:29 PM IST
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सार

Meerut News: जिला नियामक समिति की बैठक में मेरठ के डीएम डॉ. वीके सिंह ने स्ववित्तपोषित माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और प्रबंधकों को कड़े निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा कि सभी स्कूल ली जाने वाली फीस का विवरण नोटस बोर्ड पर अवश्य लगाएं। 

UP: 'If school puts pressure on buying uniforms, books and shoes, strict action will be taken', Meerut DM warn
स्कूल संचालकों व प्रबंधकों की बैठक लेते डीएम। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

डीएम डॉ. वीके सिंह ने उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और प्रबंधकों को चेताया कि वह किसी छात्र या अभिभावक को पुस्तकें -यूनिफॉर्म विशेष दुकान से खरीदने को बाध्य न करें। जिला नियामक समिति की बैठक में डीएम ने कहा कि सभी विद्यालय शुल्क और विद्यालय में संचालित पुस्तकों से संबंधित विवरण वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर अनिवार्य रूप से चस्पा करें।
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UP: 'If school puts pressure on buying uniforms, books and shoes, strict action will be taken', Meerut DM warn
स्कूलों की बैठक लेते डीएम मेरठ। - फोटो : अमर उजाला
डीएम ने कहा कि अगर किसी छात्र व अभिभावक को पुस्तकें, जूते, मोजे व यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य किया गया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा के अधिकार अधिनियम-2009 तथा उत्तर प्रदेश निशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार नियमावली, 2011 के प्रावधानों के तहत स्ववित्तपोषित माध्यमिक विद्यालयों में ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से चयनित दुर्बल वर्ग, अलाभित समूह के बच्चों को आवंटित विद्यालय की कक्षा में अविलंब प्रवेश दिया जाए।
 
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डीएम ने कहा कि विद्यालय स्तर पर वाहन सुरक्षा समिति का गठन कर सूचना संभागीय परिवहन अधिकारी एवं जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराई जाए। स्कूल वाहनों का वैध परमिट, इंश्योरेंस, पंजीकरण तथा फिटनेस प्रमाण प्राप्त करने के बाद ही उन्हें चलाया जाए। परिवहन विभाग की वेबसाइट https://upisvmp.com पर स्कूल वाहनों का वैध परमिट इंश्योरेंस, पंजीकरण तथा फिटनेस प्रमाण संबंधी सूचना व 100 रुपये कर स्टांप पेपर पर शपथ पत्र अपलोड करें। सूचना अपलोड नहीं करने वाले स्कूलों पर कार्रवाई की जाए। स्कूल वाहन नहीं होने पर भी स्कूलों द्वारा सूचना अपलोड की जाए।
 

जिलाधिकारी ने कहा कि स्ववित्तपोषित माध्यमिक विद्यालयों का कक्षावार गत शैक्षिक सत्र एवं वर्तमान शैक्षिक सत्र का शुल्क विवरण तथा वर्तमान शैक्षिक सत्र में की गई शुल्क वृद्धि का विवरण विद्यालय के प्रबंधक व प्रधानाचार्य के संयुक्त हस्ताक्षर से प्रमाणित कर एक सप्ताह के भीतर जिला विद्यालय निरीक्षक को उपलब्ध कराया जाए। इस अवसर पर सीडीओ नूपुर गोयल, डीआईओएस राजेश कुमार, राहुल केसरवानी, मयंक अग्रवाल, रामगोपाल मल्होत्रा उपस्थित रहे।

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