West UP Weather: मूसलाधार बारिश से जनजीवन बेहाल, सड़कें बनीं दरिया, बिजनौर में मकान ढहा
वेस्ट यूपी में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से मेरठ, बिजनौर, शामली और सहारनपुर में जनजीवन प्रभावित हो गया। कई इलाकों में जलभराव, बिजली संकट और मकान ढहने जैसी घटनाएं सामने आई हैं।
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पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय है। गुरुवार सुबह से मेरठ, बिजनौर, शामली, सहारनपुर समेत कई जिलों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। लगातार बारिश से सड़कों पर जलभराव हो गया है, कई इलाकों में नाले और तालाब उफान पर हैं, जबकि बिजनौर में एक मकान ढह गया। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे तक बारिश जारी रहने की संभावना जताई है।
मेरठ में तीसरे दिन भी बारिश, कई इलाकों में जलभराव
मेरठ में लगातार बारिश से शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। बुधवार को 44.3 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि इस मानसून सीजन में अब तक 116.2 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की मौसम वेधशाला के अनुसार अधिकतम तापमान 30.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कृषि वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही के अनुसार अगले 48 घंटे तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
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बारिश से नवीन सब्जी मंडी जलमग्न, पानी में तैरती दिखीं सब्जियां
लगातार बारिश के चलते नवीन सब्जी मंडी में पानी दुकानों और प्लेटफॉर्म तक पहुंच गया। इससे बड़ी मात्रा में रखी हरी सब्जियां भीग गईं, जबकि कई जगह पानी के साथ बहती नजर आईं। मंडी में कारोबार भी प्रभावित रहा।
मंडी के पूर्व प्रधान अशोक प्रधान ने बताया कि जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण हर साल बारिश में यही स्थिति बन जाती है। उनका कहना है कि मंडी के पास से गुजरने वाले नाले की पिछले आठ वर्षों से सफाई नहीं हुई है। अपने कार्यकाल में नाले की सफाई कराई गई थी, लेकिन उसके बाद ध्यान नहीं दिया गया। इसी वजह से पानी की निकासी नहीं हो पा रही है और मंडी में जलभराव हो रहा है।
किसानों-व्यापारियों को भारी नुकसान
जलभराव के कारण खरीदारी करने आए लोगों को घुटनों तक पानी में होकर गुजरना पड़ा। किसानों का कहना है कि सब्जियां खराब होने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, जबकि व्यापारियों ने मंडी प्रशासन से जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है।
पहले भी उठता रहा है मुद्दा
नवीन सब्जी मंडी में जलभराव की समस्या नई नहीं है। हर वर्ष भारी बारिश के दौरान मंडी में पानी भरने से कारोबार प्रभावित होता है। इसके बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया है, जिससे हर मानसून में किसान, व्यापारी और ग्राहक परेशानी झेलने को मजबूर हैं।
बिजनौर में बुधवार रात से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। नजीबाबाद, कादराबाद, मंडावर और जलालाबाद क्षेत्र में कई सड़कें जलमग्न हो गईं। कादराबाद के अनवरपुर चंडिका गांव में जलभराव के कारण एक माह पहले बना सीमेंट की छत वाला मकान ढह गया। परिवार समय रहते बाहर निकल गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया, लेकिन दो मोटरसाइकिलें क्षतिग्रस्त हो गईं।
मंडावर क्षेत्र के गोपालपुर गांव में एक राजस्वकर्मी तालाब में डूब गया। गोताखोर उसकी तलाश में जुटे हैं। जलालाबाद फ्लाईओवर के नीचे राष्ट्रीय राजमार्ग पर करीब डेढ़ फुट तक पानी भर गया, जिससे यातायात प्रभावित रहा। कई स्थानों पर स्कूलों ने अवकाश घोषित कर दिया।
शामली जिले में लगातार तीसरे दिन भी बारिश का दौर जारी रहा। जगह-जगह जलभराव और कीचड़ के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। तापमान में करीब तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली।
बारिश के दौरान टिटौली क्षेत्र में 33 केवी विद्युत लाइन पर पेड़ गिर गया, जबकि कलक्ट्रेट बिजलीघर की लाइन का केबल बॉक्स फटने से रात तीन बजे से शहर के बड़े हिस्से की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।
सहारनपुर में भी झमाझम बारिश
सहारनपुर में गुरुवार सुबह से तेज बारिश हो रही है। शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। लगातार बारिश से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई, हालांकि तापमान में गिरावट आने से उमस और गर्मी से राहत मिली है।
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मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मानसून सक्रिय बना हुआ है। अगले 48 घंटे तक हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर तेज बारिश की संभावना है। किसानों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों के लिहाज से लाभदायक मानी जा रही है, लेकिन निचले इलाकों में जलभराव और बिजली व्यवस्था प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई है।