West UP Weather: मानसून का इंतजार बढ़ा, उमस ने किया बेहाल, रात में भी नहीं मिल रही राहत, बारिश पर टिकी निगाहें
वेस्ट यूपी में मानसून का इंतजार लंबा होता जा रहा है। 39 से 40 डिग्री तापमान और बढ़ती उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मौसम वैज्ञानिकों ने जल्द मौसम बदलने के संकेत दिए हैं।
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पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मानसून की दस्तक का इंतजार लगातार लंबा होता जा रहा है। बारिश नहीं होने से गर्मी और उमस का असर दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। सुबह से ही तेज धूप लोगों को परेशान करने लगती है, जबकि दोपहर तक चिलचिलाती गर्मी और उमस का दोहरा प्रकोप लोगों का जीना मुश्किल कर रहा है। ऐसे में अब लोगों की निगाहें आसमान और मौसम विभाग की भविष्यवाणियों पर टिकी हुई हैं।
39 से 40 डिग्री के बीच बना हुआ है तापमान
वेस्ट यूपी के अधिकांश जिलों में तापमान लगातार 39 से 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। हवा में नमी बढ़ने से लोगों को वास्तविक तापमान से कहीं अधिक गर्मी महसूस हो रही है। सुबह और शाम के समय भी राहत नहीं मिल रही है। दिनभर धूप और उमस के कारण बाजारों, सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की आवाजाही कम दिखाई दे रही है।
रात में भी नहीं मिल रही राहत
मानसून में देरी का असर रात के मौसम पर भी दिखाई दे रहा है। देर रात तक गर्म हवाएं और उमस बनी रहने से लोगों की नींद प्रभावित हो रही है। घरों में पंखे और कूलर भी राहत देने में नाकाम साबित हो रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और खुले में काम करने वाले मजदूरों को झेलनी पड़ रही है।
किसानों की बढ़ी चिंता, बारिश का इंतजार
ग्रामीण इलाकों में किसान मानसून की पहली अच्छी बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। खरीफ फसलों की बुवाई के लिए पर्याप्त वर्षा जरूरी मानी जाती है। बारिश में हो रही देरी के कारण खेती-किसानी की तैयारियां भी प्रभावित होने लगी हैं। कई क्षेत्रों में खेत तैयार हैं, लेकिन किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं ताकि बुवाई का काम शुरू किया जा सके।
पशु-पक्षियों पर भी दिख रहा असर
लगातार पड़ रही गर्मी और बारिश की कमी का असर पशु-पक्षियों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। तालाबों और छोटे जलस्रोतों का जलस्तर घटने लगा है। कई जगह पशुओं को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। पक्षी भी दिनभर पेड़ों की छांव और जलस्रोतों के आसपास मंडराते नजर आ रहे हैं।
मौसम वैज्ञानिक ने दिए बदलाव के संकेत
कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही के अनुसार देश के कई हिस्सों में मानसून की प्रगति कुछ समय के लिए धीमी पड़ गई थी, जिसका असर उत्तर भारत और पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर भी पड़ा। हालांकि अब मानसून के दोबारा सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं और आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव की संभावना बन रही है।
कब मिलेगी राहत, इसी सवाल का इंतजार
फिलहाल आसमान में हल्के बादल जरूर दिखाई दे रहे हैं, लेकिन बारिश की बूंदें अब भी लोगों को तरसा रही हैं। जब तक मानसून पूरी तरह सक्रिय नहीं होता, तब तक वेस्ट यूपी में गर्मी और उमस का दोहरा प्रकोप जारी रहने की संभावना है। लोगों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में मानसून रफ्तार पकड़ेगा और लंबे इंतजार के बाद बारिश राहत लेकर आएगी।